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एलपीजी आपूर्ति सुचारू: 3 दिनों में 1.43 करोड़ सिलेंडर डिलीवर, ऑनलाइन बुकिंग 99% पर पहुंची

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एलपीजी आपूर्ति सुचारू: 3 दिनों में 1.43 करोड़ सिलेंडर डिलीवर, ऑनलाइन बुकिंग 99% पर पहुंची

सारांश

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच केंद्र सरकार ने 3 दिनों में 1.43 करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए। ऑनलाइन बुकिंग 99% और DAC प्रमाणीकरण 96% पर पहुंचा — यह डिजिटल वितरण तंत्र की मजबूती और ईंधन सुरक्षा की दिशा में सरकार की तैयारी का संकेत है।

मुख्य बातें

बीते 3 दिनों में 1.43 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति, 1.5 करोड़ बुकिंग दर्ज।
उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंची।
DAC (डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड) आधारित वितरण 96 प्रतिशत तक बढ़ाया गया।
कमर्शियल एलपीजी आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70% तक सीमित; 10% सुधार-आधारित घटक शामिल।
तीन दिनों में 19,372 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी और 649 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची गई।
देश में किसी भी एलपीजी वितरक पर गैस खत्म होने की कोई सूचना नहीं ।

केंद्र सरकार ने 4 जून 2026 को जानकारी दी कि बीते तीन दिनों में देशभर में 1.43 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई और इस अवधि में 1.5 करोड़ बुकिंग दर्ज की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, देश के सभी क्षेत्रों में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी जा रही है।

ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल वितरण में उछाल

सरकार के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुँच गई है। यह डिजिटल और सुरक्षित वितरण तंत्रों में आई तेज वृद्धि का प्रमाण है। इससे आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।

डीएसी आधारित प्रमाणीकरण से हेराफेरी पर लगाम

वितरक स्तर पर धोखाधड़ी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) आधारित वितरण को लगभग 96 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। यह कोड उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जिससे डिलीवरी की पुष्टि और प्रमाणीकरण सुनिश्चित होता है। गौरतलब है कि यह प्रणाली सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी की शिकायतों के मद्देनजर लागू की गई थी।

कमर्शियल आवंटन और विशेष वितरण शिविर

सरकार ने कुल कमर्शियल एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित रखने का निर्णय लिया है, जिसमें 10 प्रतिशत का सुधार-आधारित घटक भी शामिल है। तीन दिवसीय अवधि में लगभग 1.57 लाख 5-किलो FTL सिलेंडर बेचे गए। इसके अतिरिक्त, लगभग 520 शिविरों के माध्यम से लगभग 9,200 सिलेंडर वितरित किए गए।

सार्वजनिक तेल कंपनियों का प्रदर्शन

अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा कुल 19,372 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी और लगभग 649 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस खत्म होने की सूचना नहीं मिली है।

आगे की रणनीति

सरकार ने कहा कि ये सभी उपाय भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई समन्वित रणनीति का हिस्सा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 99% ऑनलाइन बुकिंग का लाभ ग्रामीण और अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं तक कितना पहुंच रहा है, जहाँ डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच अभी भी सीमित है। DAC प्रणाली की 96% कवरेज निश्चित रूप से वितरक-स्तर की हेराफेरी पर लगाम लगाने की दिशा में सकारात्मक कदम है, पर इसके क्रियान्वयन की स्वतंत्र जांच का अभाव चिंताजनक है। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कमर्शियल आवंटन को 70% तक सीमित रखना एक सतर्क नीतिगत निर्णय है, लेकिन इससे छोटे व्यवसायों और होटल उद्योग पर पड़ने वाले दबाव का आकलन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिछले 3 दिनों में कितने एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए?
केंद्र सरकार के अनुसार, बीते तीन दिनों में 1.43 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई और 1.5 करोड़ बुकिंग दर्ज की गई। देश में किसी भी वितरक पर गैस खत्म होने की सूचना नहीं मिली।
एलपीजी ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत का क्या मतलब है?
इसका अर्थ है कि पिछले 24 घंटों में उद्योग स्तर पर लगभग 99% एलपीजी सिलेंडर बुकिंग डिजिटल माध्यम से हुई। यह डिजिटल वितरण तंत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और पारदर्शिता को दर्शाता है।
DAC (डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड) क्या है और यह कैसे काम करता है?
DAC यानी डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड एक OTP-आधारित प्रणाली है जो उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है। सिलेंडर डिलीवरी के समय वितरक को यह कोड दर्ज करना होता है, जिससे फर्जी डिलीवरी और हेराफेरी पर रोक लगती है। वर्तमान में यह प्रणाली 96% तक लागू की जा चुकी है।
पश्चिम एशिया के तनाव का भारत की एलपीजी आपूर्ति पर क्या असर है?
सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चुनौतिपूर्ण हालातों के बावजूद आपूर्ति सामान्य बनाए रखी गई है। इसके तहत कमर्शियल आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70% तक सीमित किया गया है और घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
कमर्शियल एलपीजी आवंटन क्यों सीमित किया गया है?
भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कुल कमर्शियल आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70% तक सीमित रखा है, जिसमें 10% सुधार-आधारित घटक भी शामिल है। यह निर्णय घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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