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4 दिनों में 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति सामान्य: पेट्रोलियम मंत्रालय

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4 दिनों में 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति सामान्य: पेट्रोलियम मंत्रालय

सारांश

पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने राहत की खबर दी — 4 दिनों में 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित, माँग से अधिक आपूर्ति। साथ ही पेट्रोल-डीजल पर ₹10/लीटर एक्साइज ड्यूटी कटौती और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।

मुख्य बातें

पिछले 4 दिनों में 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित, जबकि बुकिंग 1.78 करोड़ रही।
घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित; ऑनलाइन बुकिंग 99% तक पहुँची।
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर घटाई गई — अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के जवाब में।
कुछ जिलों में पेट्रोल-डीजल बिक्री में 30% से अधिक की वृद्धि; कालाबाजारी पर राज्यों को सख्त कार्रवाई के निर्देश।
मार्च 2026 से 8.3 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय; कुल कनेक्शन 11.21 लाख तक पहुँचे।
शहरी क्षेत्रों में LPG बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन , ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन किया गया।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 मई 2026 को पुष्टि की कि नई दिल्ली से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और सभी पेट्रोल पंप नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। पिछले 4 दिनों में 1.78 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.80 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए — यह आँकड़ा दर्शाता है कि माँग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति बरकरार रखी है।

मुख्य आपूर्ति आँकड़े

मंत्रालय के अनुसार, पिछले 4 दिनों में 2.42 लाख छोटे 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। इसी अवधि में 29,814 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने 954 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची। ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 99 प्रतिशत तक पहुँच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी 96 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिससे डायवर्जन पर अंकुश लगाया जा सका है।

सरकार के युक्तिकरण उपाय

आपूर्ति-माँग संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया गया है और शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। वाणिज्यिक आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन शामिल है।

प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 की औसत दैनिक आपूर्ति के मुकाबले दोगुनी कर दी गई है। वाणिज्यिक एलपीजी में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

पीएनजी कनेक्शन और एक्साइज ड्यूटी में राहत

मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक 8.3 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.91 लाख कनेक्शन के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल पीएनजी कनेक्शन 11.21 लाख हो गए हैं। 28 मई 2026 तक 60,400 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने mypngd.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती करने का निर्णय लिया है।

कालाबाजारी पर कड़ी नजर

कुछ जिलों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो घबराहट में की गई खरीदारी का संकेत है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कालाबाजारी, अवैध भंडारण और पेट्रोलियम उत्पादों के डायवर्जन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उद्योग संगठनों से भी अपील की गई है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत चैनलों से ही डीजल खरीदने की सलाह दें।

आम जनता से अपील

मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी न करें और केवल वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल-डीजल लें। अब तक किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस समाप्त होने की स्थिति सामने नहीं आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ लगातार आपूर्ति की निगरानी और समन्वित वितरण के जरिए स्थिति को नियंत्रण में बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कुछ जिलों में बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि यह बताती है कि घबराहट की खरीदारी अभी भी जारी है — जो आपूर्ति-श्रृंखला पर असली दबाव का संकेत है, न कि केवल एहतियाती कदम। बुकिंग अंतराल बढ़ाना माँग प्रबंधन का एक उपाय है, परंतु यह उन परिवारों के लिए असुविधाजनक हो सकता है जो मासिक बजट के अनुसार सिलेंडर बुक करते हैं। ₹10 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कटौती उपभोक्ताओं को तात्कालिक राहत देती है, लेकिन यह राजकोषीय लागत पर आती है जिसका दीर्घकालिक असर आगे स्पष्ट होगा। असली परीक्षा यह होगी कि क्या पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने पर ये उपाय पर्याप्त साबित होंगे।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिछले 4 दिनों में कितने LPG सिलेंडर वितरित किए गए?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पिछले 4 दिनों में लगभग 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित किए गए, जबकि बुकिंग लगभग 1.78 करोड़ रही। इसका अर्थ है कि माँग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कितनी कटौती की गई है?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि के मद्देनजर उठाया गया है।
क्या देश में LPG की कमी है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब तक किसी भी LPG वितरक के पास गैस समाप्त होने की स्थिति सामने नहीं आई है। घरेलू LPG, PNG और CNG की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, हालाँकि कुछ इलाकों में घबराहट की खरीदारी के कारण अस्थायी दबाव देखा गया है।
LPG बुकिंग अंतराल क्यों बढ़ाया गया है?
सरकार ने आपूर्ति-माँग संतुलन बनाए रखने के लिए शहरी क्षेत्रों में LPG बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया है। यह युक्तिकरण उपाय रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने और क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
पीएनजी कनेक्शन की स्थिति क्या है?
मार्च 2026 से अब तक 8.3 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.91 लाख कनेक्शन के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल संख्या 11.21 लाख हो गई है। 28 मई 2026 तक 60,400 से अधिक उपभोक्ताओं ने mypngd.in के जरिए अपने LPG कनेक्शन सरेंडर किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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