4 दिनों में 1.80 करोड़ LPG सिलेंडर वितरित, पेट्रोल-डीजल आपूर्ति सामान्य: पेट्रोलियम मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 29 मई 2026 को पुष्टि की कि नई दिल्ली से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और सभी पेट्रोल पंप नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। पिछले 4 दिनों में 1.78 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.80 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए — यह आँकड़ा दर्शाता है कि माँग से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की नीति बरकरार रखी है।
मुख्य आपूर्ति आँकड़े
मंत्रालय के अनुसार, पिछले 4 दिनों में 2.42 लाख छोटे 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। इसी अवधि में 29,814 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने 954 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची। ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 99 प्रतिशत तक पहुँच गई है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी 96 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है, जिससे डायवर्जन पर अंकुश लगाया जा सका है।
सरकार के युक्तिकरण उपाय
आपूर्ति-माँग संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया गया है और शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है। वाणिज्यिक आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित किया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-आधारित आवंटन शामिल है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति 2 और 3 मार्च 2026 की औसत दैनिक आपूर्ति के मुकाबले दोगुनी कर दी गई है। वाणिज्यिक एलपीजी में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पीएनजी कनेक्शन और एक्साइज ड्यूटी में राहत
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक 8.3 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.91 लाख कनेक्शन के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल पीएनजी कनेक्शन 11.21 लाख हो गए हैं। 28 मई 2026 तक 60,400 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने mypngd.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती करने का निर्णय लिया है।
कालाबाजारी पर कड़ी नजर
कुछ जिलों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो घबराहट में की गई खरीदारी का संकेत है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कालाबाजारी, अवैध भंडारण और पेट्रोलियम उत्पादों के डायवर्जन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उद्योग संगठनों से भी अपील की गई है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत चैनलों से ही डीजल खरीदने की सलाह दें।
आम जनता से अपील
मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे घबराहट में ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी न करें और केवल वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल-डीजल लें। अब तक किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस समाप्त होने की स्थिति सामने नहीं आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ लगातार आपूर्ति की निगरानी और समन्वित वितरण के जरिए स्थिति को नियंत्रण में बनाए हुए हैं।