आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर रूसी मिसाइल हमला: 2 की मौत, 14 घायल; उत्पादन आंशिक रूप से ठप
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में स्थित भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर 17 अगस्त 2026 को रूसी मिसाइल हमले में 2 कर्मचारियों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। हमले में संयंत्र की बिजली उत्पादन इकाई और ब्लास्ट फर्नेस सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं, जिसके चलते कंपनी को उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा है। यह यूक्रेन के सबसे बड़े इस्पात संयंत्रों में से एक पर अब तक का सबसे गंभीर औद्योगिक हमला माना जा रहा है।
हमले का विवरण और संयंत्र को नुकसान
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मिसाइल हमले के कारण ऊर्जा उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्र की प्रमुख उत्पादन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे संयंत्र की उत्पादन प्रक्रियाएं आंशिक रूप से ठप हो गई हैं। कंपनी ने कहा, 'हमले के परिणामस्वरूप ऊर्जा उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस क्षेत्र की प्रमुख उत्पादन सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिसके कारण संयंत्र की उत्पादन प्रक्रियाएं आंशिक रूप से ठप हो गई हैं।'
क्रिवी रिह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का गृह नगर भी है। यह क्षेत्र रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बार-बार हमलों का निशाना बनता रहा है, लेकिन इस बार का हमला औद्योगिक ढाँचे पर असाधारण रूप से गहरा प्रभाव डालने वाला बताया जा रहा है।
व्यापक युद्ध संदर्भ
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी के हमले और तेज हो गए हैं। दोनों पक्ष ऊर्जा, औद्योगिक और सैन्य बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूसी सेना लगातार नागरिक और औद्योगिक ढाँचे को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों पर 1,550 से अधिक अटैक ड्रोन, लगभग 1,560 गाइडेड बम और 62 मिसाइलें दागी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया कि क्रिवी रिह स्थित धातुकर्म संयंत्र और कीव के कुछ सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठान उसके निशानों में शामिल थे। रूस ने यह भी दावा किया है कि उसने यूक्रेन द्वारा दागे गए 822 ड्रोन को मार गिराया है।
आर्सेलरमित्तल का यूक्रेन में महत्व
आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्तियों में से एक है और वैश्विक इस्पात दिग्गज आर्सेलरमित्तल का अभिन्न हिस्सा है। यह संयंत्र यूक्रेन के इस्पात उत्पादन और निर्यात में निर्णायक भूमिका निभाता है। बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस सुविधाओं को हुए नुकसान से उत्पादन क्षमता पर दीर्घकालिक असर पड़ने की आशंका है।
गौरतलब है कि युद्ध के दौरान यूक्रेन का इस्पात उत्पादन पहले ही गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका है। इस ताज़ा हमले से क्षेत्रीय और वैश्विक इस्पात आपूर्ति श्रृंखला पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
यूक्रेन ने भी रूस के भीतर ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है, जिससे दोनों देशों के बीच संघर्ष और व्यापक होता जा रहा है। आर्सेलरमित्तल की ओर से संयंत्र की मरम्मत और उत्पादन बहाली की समयसीमा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लास्ट फर्नेस जैसी भारी औद्योगिक इकाइयों की मरम्मत में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है।