क्या वैश्विक विकास धीमा है जबकि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है? : हार्वर्ड के अर्थशास्त्री
सारांश
Key Takeaways
- भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत है।
- 2030 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।
- भारत की मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में वृद्धि हो रही है।
- आईएमएफ के अनुसार, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
- भारत की विकास दर 2026 में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
नई दिल्ली, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फरमैन ने भू-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं के 2025 की तीसरी तिमाही में जीडीपी प्रदर्शन की जानकारी साझा की है। फरमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं के जीडीपी प्रदर्शन का एक ग्राफ पोस्ट किया है। इस ग्राफ में भारत, रूस, चीन और अमेरिका जैसे देशों के कोरोना महामारी के बाद के जीडीपी प्रदर्शन को दर्शाया गया है।
इस ग्राफ से स्पष्ट होता है कि भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपना जीडीपी प्रदर्शन बनाए हुए है। वहीं, अन्य प्रतिस्पर्धी जैसे कि रूस, अमेरिका, चीन और यूरो एरिया, अब तक कोरोना महामारी के बाद से अपने जीडीपी प्रदर्शन में सुधार नहीं कर पाए हैं।
भारत की जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर के अनुमान के साथ 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है।
चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि की है, जो अपेक्षा से कहीं अधिक है। इस वृद्धि में मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, निजी निवेश में तेजी, बढ़ते उपभोक्ता विश्वास, वेतन वृद्धि, और मजबूत कृषि उत्पादन से ग्रामीण मांग में वृद्धि जैसे कारक भी महत्वपूर्ण रहे हैं।
रियल जीडीपी ग्रोथ की तुलना करते समय, जून तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत, इंडोनेशिया की 5.2 प्रतिशत, अमेरिका की 2.1 प्रतिशत, जापान की 1.2 प्रतिशत, यूके की 1.2 प्रतिशत, फ्रांस की 0.7 प्रतिशत, मेक्सिको की 0 प्रतिशत और जर्मनी की -0.2 प्रतिशत रही।
हाल ही में जारी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के नवीनतम आंकड़े भी भारत के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण पेश करते हैं। आईएमएफ के आंकड़े भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करते हैं।
आईएमएफ के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिससे भारत की विकास दर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत बनी रहेगी। इसके विपरीत, इसी अवधि में चीन की विकास दर 4.8 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
इकोनॉमिस्ट का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था उस समय बढ़ रही है जब वैश्विक विकास धीमा हो चुका है।
आईएमएफ की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. मनोरंजन शर्मा ने कहा, "आईएमएफ के आंकड़े बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक हैं।"
उनका मानना है कि भारत की इस स्थिर वृद्धि का श्रेय तीन प्रमुख कारकों को दिया जा सकता है: बढ़ती घरेलू खपत, मैन्युफैक्चरिंग में पुनरुद्धार, और सर्विस सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन।