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क्या भारत ने पेट्रोल मिश्रण अभियान को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त चावल आवंटित किया?

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क्या भारत ने पेट्रोल मिश्रण अभियान को बढ़ावा देने के लिए इथेनॉल उत्पादन हेतु अतिरिक्त चावल आवंटित किया?

सारांश

भारत ने इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने के लिए चावल का आवंटन बढ़ाया है, जिससे पेट्रोल मिश्रण लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस कदम से चीनी उत्पादन में वृद्धि और मक्का की कीमतों में नियंत्रण भी संभव होगा। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में।

मुख्य बातें

इथेनॉल उत्पादन में वृद्धि से पेट्रोल मिश्रण में सुधार होगा।
चावल का आवंटन 5.2 मिलियन टन किया गया है।
यह कदम तेल आयात पर निर्भरता को कम करेगा।
किसानों को चीनी उत्पादन में वृद्धि का लाभ मिलेगा।
भारत का लक्ष्य 2025 तक 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण है।

नई दिल्ली, 27 जून (राष्ट्र प्रेस)। खाद्य मंत्रालय ने इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चावल का आवंटन बढ़ाकर 5.2 मिलियन टन कर दिया है। एफसीआई के पास उपलब्ध अतिरिक्त स्टॉक के कारण यह निर्णय लिया गया है, ताकि देश के पेट्रोल मिश्रण लक्ष्य को पूरा किया जा सके और तेल आयात पर निर्भरता को कम किया जा सके।

इस प्रयास से गन्ने के उपयोग की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे चीनी उत्पादन में वृद्धि होगी और चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

वर्तमान में, भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास लगभग 60 मिलियन टन चावल और धान का स्टॉक है, जो 13.5 मिलियन टन की बफर आवश्यकता से कहीं अधिक है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त स्टॉक के कारण भंडारण में समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं और स्थान की कमी के कारण एफसीआई को अगले सीजन में फसल खरीदने में कठिनाई हो रही है।

अनाज आधारित इथेनॉल उत्पादक मुख्य रूप से मक्का का उपयोग कर रहे थे, जिसके कारण मक्का की कीमतों में वृद्धि हुई थी, जिसका पोल्ट्री किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि मक्का का उपयोग मुर्गियों के लिए फीडस्टॉक के रूप में किया जाता है।

उद्योग के सूत्रों के अनुसार, चावल के आवंटन में वृद्धि से मक्का की कीमतों को नियंत्रित रखने में सहायता मिलेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि ई20 इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल अब सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों - इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम - के सभी रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है।

मंत्री ने कहा कि भारत ने 2025 की शुरुआत में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो 2030 की मूल समय सीमा से छह वर्ष पहले है, और यह स्वच्छ ईंधन की दिशा में देश की यात्रा में एक मजबूत प्रगति का संकेत है। मंत्री ने कहा, "इस उपलब्धि से न केवल देश के कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है, बल्कि भारी मात्रा में धन की बचत भी हुई है। इस प्रक्रिया में, हमने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है। आयात बिल के कारण 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बची है, और हमने इसे अपने किसानों को दिया है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएगा बल्कि कृषि क्षेत्र को भी मजबूती देगा। इथेनॉल का उत्पादन बढ़ाने से हम ऊर्जा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यह कदम हमें स्वच्छ ईंधन की दिशा में भी आगे बढ़ाता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल का आवंटन क्यों बढ़ाया गया?
चावल का आवंटन बढ़ाना आवश्यक था ताकि देश के पेट्रोल मिश्रण लक्ष्य को पूरा किया जा सके और तेल आयात पर निर्भरता कम हो सके।
इस कदम से किसानों को क्या लाभ होगा?
इससे चीनी उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और मक्का की कीमतों में नियंत्रण संभव होगा।
भारत का इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करना है।
राष्ट्र प्रेस
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