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क्या भारतीय बेंचमार्क सूचकांक इस हफ्ते भी बढ़त बनाने में सफल रहे?

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क्या भारतीय बेंचमार्क सूचकांक इस हफ्ते भी बढ़त बनाने में सफल रहे?

सारांश

इस हफ्ते भारतीय बेंचमार्क सूचकांक ने सकारात्मक संकेतों के साथ बढ़त बनाई, फिर भी कुछ क्षेत्रों में गिरावट देखी गई। क्या आने वाला सप्ताह और बेहतर होगा? जानें इस हफ्ते के बाजार के प्रमुख पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

सेंसेक्स में 0.50% की बढ़त हुई।
निफ्टी ने 0.39% की वृद्धि की।
मेटल और रियल्टी में गिरावट आई।
एफआईआई बिकवाली में कमी आई।
आगामी डेटा पर निवेशकों का ध्यान।

मुंबई, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बेंचमार्क सूचकांक ने दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों, कम महंगाई और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के प्रति आशावाद की वजह से इस हफ्ते भी मार्जिनल बढ़त दर्ज करने में सफलता प्राप्त की।

इस हफ्ते सेंसेक्स 420.51 अंक या 0.50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 85,231.92 पर समाप्त हुआ। वहीं, निफ्टी ने 101.65 अंक या 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,068.15 पर बंद किया।

विश्लेषकों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बेहतर नतीजों की उम्मीद ने एफआईआई बिकवाली को कम किया, जिससे रैली को समर्थन मिला। हालांकि, अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स 400.76 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी 124 अंक या 0.47 प्रतिशत पर बंद हुआ।

इस हफ्ते ब्रॉडकैप सूचकांकों में गिरावट देखी गई। जहां निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.76 प्रतिशत गिरा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 2.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।

अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी के कारण आईटी स्टॉक पर बिकवाली का दबाव रहा। इस हफ्ते निफ्टी ऑटो और सर्विस गेनर्स की सूची में रहे।

शुक्रवार के कारोबारी दिन मेटल और रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई, जहां निफ्टी मेटल 2.34 प्रतिशत की गिरावट में रहा और रियल्टी 1.86 प्रतिशत के नुकसान में रहा। इसके बाद पीएसयू बैंक 1.43 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विस 1.06 प्रतिशत और मीडिया ने 0.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, "अगर घरेलू करेंसी पर दबाव जारी रहता है तो शॉर्ट टर्म में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। आगे निवेशकों का ध्यान ट्रेड डेवलपमेंट्स और आईआईपी तथा चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के जीडीपी डेटा जैसे आर्थिक आंकड़ों पर बना रहेगा, जो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।"

विश्लेषकों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में बाजार तीसरी तिमाही में बेहतर होते डिमांड आउटलुक, मजबूत फ्लो और गिरावट पर खरीदारी के समर्थन से बेहतर बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारतीय बाजार में स्थिरता की आवश्यकता है। वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और संभावित गिरावट की स्थिति में रणनीतियों को तैयार करना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन कैसा रहा?
सेंसेक्स ने 420.51 अंक की वृद्धि के साथ 85,231.92 पर समाप्त किया, जबकि निफ्टी ने 101.65 अंक की बढ़त के साथ 26,068.15 पर बंद हुआ।
क्या आगामी सप्ताह में बाजार में सुधार की संभावना है?
विश्लेषकों का मानना है कि तीसरी तिमाही में डिमांड आउटलुक बेहतर हो सकता है, जिससे बाजार में सुधार की उम्मीद है।
क्या वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार को प्रभावित किया?
हां, वैश्विक संकेतों की कमजोरी के कारण शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई।
क्या एफआईआई बिकवाली का असर बाजार पर पड़ा?
जी हां, एफआईआई बिकवाली में कमी से रैली को समर्थन मिला।
कौन से सेक्टर में इस हफ्ते गिरावट आई?
मेटल और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।
राष्ट्र प्रेस
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