बिटकॉइन $80,000 के करीब: तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक रैली, 24.5% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
बिटकॉइन ने 22 अगस्त 2026 को $78,588 के स्तर पर कारोबार करते हुए $80,000 के मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर की दहलीज़ पर दस्तक दी — और इस प्रक्रिया में मार्च 2023 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। एक सप्ताह में 24.5% की छलांग और पिछले 24 घंटों में 4.8% की तेज़ी ने वैश्विक क्रिप्टो बाज़ार में नई जान फूँक दी है।
तेज़ी के पीछे मुख्य कारण
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, इस उछाल की सबसे बड़ी चिंगारी अमेरिकी ट्रेजरी के उस फ़ैसले से लगी जिसमें लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद (बायबैक) कार्यक्रम को दोगुना करने की घोषणा की गई। इस कदम के बाद लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे जोखिम वाली परिसंपत्तियों — विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी — के प्रति निवेशकों की भूख बढ़ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घोषणा के बाद बड़े पैमाने पर मंदी की धारणा पर लगाए गए सौदे (शॉर्ट पोज़िशन) अचानक बंद करने पड़े, जिससे अरबों डॉलर की शॉर्ट स्क्वीज़ हुई और बिटकॉइन की कीमतों में और तेज़ी आई।
ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियों से मुलाकात का असर
क्रिप्टो बाज़ार को उस समय अतिरिक्त बल मिला जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Coinbase Global और Payward जैसी प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। निवेशकों ने इस बैठक को डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति प्रशासन के अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख के संकेत के रूप में देखा, जिसने बाज़ार की धारणा को और मज़बूत किया।
संस्थागत निवेशकों की वापसी
इस तेज़ी को संस्थागत निवेशकों की सक्रिय वापसी ने भी पंख दिए हैं। अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में इस सप्ताह जनवरी 2026 के बाद का सबसे अधिक निवेश प्रवाह दर्ज होने की संभावना है। आँकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह अब तक 13 प्रमुख बिटकॉइन ETF में $1 अरब से अधिक का निवेश आ चुका है।
यह ऐसे समय में आया है जब सोने की कीमतें भी मई 2026 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि बॉन्ड बाज़ार में हस्तक्षेप से अमेरिकी डॉलर पर दबाव की आशंका ने निवेशकों को वैकल्पिक परिसंपत्तियों — सोना और बिटकॉइन दोनों — की ओर मोड़ा है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि मौजूदा तेज़ी के बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से अभी भी काफ़ी नीचे है। अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन लगभग $1,26,000 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचा था। इसके बाद भारी बिकवाली के चलते जून 2026 के अंत में यह गिरकर लगभग $58,642 तक आ गया था। यानी मौजूदा रैली उस निचले स्तर से लगभग 34% की वापसी को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक निवेश धारणा सकारात्मक बनी रही और संस्थागत खरीदारी जारी रही, तो बिटकॉइन निकट भविष्य में $80,000 का स्तर पार कर सकता है। हालाँकि, क्रिप्टो बाज़ार की अत्यधिक अस्थिर प्रकृति को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि शॉर्ट स्क्वीज़ से उत्पन्न तेज़ी टिकाऊ नहीं होती और बुनियादी माँग की असली परीक्षा $80,000 के पार होगी।