बिटकॉइन मई के सबसे निचले स्तर $76,568 पर, अमेरिका-ईरान तनाव से क्रिप्टो बाज़ार में भूचाल
सारांश
मुख्य बातें
बिटकॉइन सोमवार, 18 मई को गिरकर $76,568 के स्तर पर पहुँच गया — जो मई महीने का अब तक का सबसे निचला स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम वाली संपत्तियों से दूर कर दिया, जिससे पूरे क्रिप्टो बाज़ार में व्यापक बिकवाली देखी गई। बाद में थोड़ी रिकवरी के साथ बिटकॉइन 1.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ $77,256.04 पर कारोबार करता दिखा।
बाज़ार में क्या हुआ
एशियाई बाज़ार खुलने के शुरुआती 15 मिनट के भीतर ही लगभग $50 करोड़ के लॉन्ग पोजिशन समाप्त हो गए — यह बिकवाली की तीव्रता का स्पष्ट संकेत था। रिपोर्टों के अनुसार, एथेरियम और सोलाना जैसी प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में भी गिरावट दर्ज की गई।
ट्रेडर्स के मुताबिक, अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से पिछले सप्ताह $1 अरब से अधिक की निकासी हुई — जनवरी के अंत के बाद यह पहली बार हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि यह संस्थागत निवेशकों की सतर्कता का संकेत है।
भू-राजनीतिक दबाव की पृष्ठभूमि
होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझौते के लिए 'ईरान के पास समय तेजी से खत्म हो रहा है।' इस बयान ने बाज़ार की चिंता को और गहरा कर दिया।
इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब पर ड्रोन हमलों की नई घटनाओं के बाद कच्चे तेल की कीमतें सोमवार को करीब 3 प्रतिशत उछल गईं। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.37 प्रतिशत यानी $2.60 बढ़कर $111.86 प्रति बैरल पर पहुँच गया।
एशियाई बाज़ारों पर असर
तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में तेजी के चलते एशियाई शेयर बाज़ारों में भी कमज़ोरी छा गई। जापान का निक्केई 225 करीब 1 प्रतिशत गिरा, जबकि हैंग सेंग इंडेक्स में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। हालाँकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपवाद रहा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, बिटकॉइन के लिए $75,000 से $73,000 के बीच मजबूत सपोर्ट स्तर मौजूद है, जबकि $77,000 तत्काल रेजिस्टेंस स्तर माना जा रहा है। विश्लेषकों की नज़र इस बात पर टिकी है कि बिटकॉइन $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर टिक पाता है या नहीं।
विश्लेषकों ने निवेशकों को अचानक आने वाली तेजी के पीछे भागने से बचने और पोर्टफोलियो संतुलन, नकदी प्रबंधन तथा मजबूत बुनियादी आधार वाली संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उनका यह भी कहना है कि ETF से निकासी और वैश्विक अनिश्चितता ने अल्पकालिक दबाव बनाया है, लेकिन डिजिटल संपत्तियों में संस्थागत रुचि अभी भी बरकरार है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब क्रिप्टो बाज़ार पहले से ही वैश्विक ब्याज दरों और नियामकीय अनिश्चितता के दबाव में था। गौरतलब है कि ईरान परमाणु वार्ता की दिशा और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति आने वाले दिनों में बाज़ार की चाल तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।