दीक्षा प्लेटफॉर्म बना स्कूली शिक्षा का 'एक राष्ट्र, एक डिजिटल मंच', 2017 से NCERT कर रहा संचालन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 28 जून 2026 को घोषित किया कि डिजिटल नॉलेज शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'दीक्षा' अब स्कूली शिक्षा के लिए 'एक राष्ट्र, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म' के रूप में स्थापित हो चुका है। यह मंच देशभर के छात्रों और शिक्षकों को बहुभाषी, पाठ्यक्रम-आधारित डिजिटल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराता है और समावेशी व तकनीक-संचालित शिक्षा को बढ़ावा देता है। नई दिल्ली से जारी सरकारी बयान के अनुसार, यह पहल भारत की डिजिटल शिक्षा नीति की आधारशिला बन चुकी है।
दीक्षा की स्थापना और संचालन
दीक्षा को 2017 में लॉन्च किया गया था। इसे राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (CIET) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म के-12 श्रेणी — यानी बुनियादी साक्षरता और अंक-ज्ञान से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा तक — के लिए व्यापक डिजिटल अधिगम समर्थन प्रदान करता है। गौरतलब है कि लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा बोर्ड इस मंच को अपना चुके हैं।
मंच पर उपलब्ध सामग्री और तकनीक
दीक्षा पर शिक्षार्थियों को 2डी और 3डी एनिमेशन, ऑगमेंटेड रियलिटी अनुभव, सिमुलेशन, वर्चुअल लैब और सांकेतिक भाषा वीडियो जैसे विविध शैक्षिक संसाधन मिलते हैं। प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध QR-कोडेड पाठ्यपुस्तकें NCERT की किताबों को वीडियो, इंटरैक्टिव सामग्री और शिक्षक-गाइड से जोड़ती हैं, जिससे कक्षा में इनका निर्बाध समन्वय संभव होता है।
दिव्यांग शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए डिजिटल एक्सेसिबल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (DAISY) प्रारूप, टेक्स्ट-टू-स्पीच कार्यक्षमता और भारतीय सांकेतिक भाषा के वीडियो भी इस मंच पर उपलब्ध हैं — जो इसे वास्तव में समावेशी बनाते हैं।
व्यक्तिगत शिक्षण और शिक्षक विकास
दीक्षा अभ्यास प्रश्नों, अनुकूली मूल्यांकन, योग्यता-आधारित प्रश्न बैंकों और विस्तृत समाधानों के ज़रिए व्यक्तिगत अधिगम को प्रोत्साहित करता है। ये उपकरण शिक्षण की कमियों की पहचान करने और समय पर हस्तक्षेप में सहायक हैं। इसके अतिरिक्त, NISHTHA और राज्य-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए स्व-गति से प्रमाणित पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं।
विकेंद्रीकृत ढाँचा और भाषाई लचीलापन
सरकार के अनुसार, दीक्षा एक संघबद्ध (federated) संरचना पर काम करता है, जो राज्यों और संस्थानों को क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री स्वतंत्र रूप से अपलोड और प्रबंधित करने की अनुमति देता है। गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए CIET-NCERT समय-समय पर सत्यापन करता है। यह विकेंद्रीकृत मॉडल स्थानीयकरण और राष्ट्रीय मानक — दोनों को एक साथ सुनिश्चित करता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर उपलब्ध
दीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में शिक्षण का समर्थन करता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने पर भी छात्र सामग्री डाउनलोड कर बाद में उपयोग कर सकते हैं। कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्मार्ट क्लासरूम बोर्ड पर शैक्षिक सामग्री पहले से लोड करके निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करते हैं। आने वाले समय में इस मंच के और विस्तार की उम्मीद है, क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में डिजिटल अधिगम की भूमिका केंद्रीय है।