डीआरआई ने कांडला बंदरगाह पर ₹3 करोड़ के 364 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सूखे खजूर जब्त किए, यूएई की आड़ में हो रही थी तस्करी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कांडला बंदरगाह पर 364 मीट्रिक टन पाकिस्तानी सूखे खजूर से भरे 13 कंटेनर जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹3 करोड़ बताई जा रही है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार, 6 अगस्त 2025 को जारी बयान में पुष्टि की कि इस खेप को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आयातित बताकर पाकिस्तानी माल पर लागू भारतीय प्रतिबंध को धोखे से दरकिनार करने की कोशिश की गई।
कैसे की गई तस्करी
जाँच में सामने आया कि खजूर को पहले पाकिस्तान से दुबई भेजा गया, जहाँ उसे नए कंटेनरों में स्थानांतरित कर यूएई-मूल का माल घोषित करते हुए भारत निर्यात किया गया। आयातकों पर आरोप है कि उन्होंने माल के वास्तविक उत्पत्ति देश को छिपाया और सीमा शुल्क दस्तावेज़ों में गलत जानकारी दर्ज कराई। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत पूरी खेप अधिकृत रूप से जब्त कर ली गई है।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब डीआरआई पहले ही एक और बड़े मामले का पर्दाफाश कर चुका है। पिछले सप्ताह तूतीकोरिन बंदरगाह पर लगभग ₹1.4 करोड़ मूल्य के करीब 14 मीट्रिक टन पाकिस्तानी गुग्गुल राल के आयात की कोशिश नाकाम की गई थी। उस खेप को सोमालिया से उत्पन्न प्राकृतिक राल के रूप में गलत तरीके से घोषित किया गया था और दुबई के रास्ते भारत भेजा गया था।
गुग्गुल राल: संरक्षित और संकटग्रस्त प्रजाति
गुग्गुल राल (कॉमिफोरा प्रजाति) भारत और पाकिस्तान के शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है। इसे CITES परिशिष्ट II में सूचीबद्ध किया गया है और IUCN रेड लिस्ट में इसे 'अत्यंत संकटग्रस्त' श्रेणी में रखा गया है। तूतीकोरिन मामले में जाँच के दौरान इस साजिश में शामिल दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
व्यापक संदर्भ और आगे की कार्रवाई
भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंध वर्षों से प्रतिबंधित हैं और तीसरे देशों के माध्यम से पाकिस्तानी माल की तस्करी की यह कोई पहली घटना नहीं है। डीआरआई की ये लगातार कार्रवाइयाँ संकेत देती हैं कि दुबई-रूट का उपयोग कर भारतीय प्रतिबंधों को चकमा देने की कोशिशें बढ़ रही हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों मामलों में आगे की जाँच जारी है।