डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: म्यांमार से तस्करी की 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त, 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने 22 मई 2025 को पूर्वोत्तर भारत में दो बड़े अभियानों के तहत म्यांमार से तस्करी कर लाई गई लगभग 60,000 किलोग्राम विदेशी सूखी सुपारी जब्त की है और इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में इस कार्रवाई की पुष्टि की।
अभियान का विवरण
डीआरआई ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर मिजोरम और असम में ये अभियान संचालित किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तस्करी की गई यह विदेशी सूखी सुपारी म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में लाई जा रही थी। इस संयुक्त अभियान में डीआरआई को असम राइफल्स की 38वीं बटालियन का सहयोग प्राप्त हुआ।
घरेलू अर्थव्यवस्था पर असर
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पड़ोसी देश से सुपारी की अवैध आवक घरेलू सुपारी उत्पादकों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है। इसके साथ ही, यह तस्करी सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक सुरक्षा को भी कमज़ोर कर रही है। गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सुपारी उत्पादक देशों में से एक है और इस तरह की तस्करी सीधे किसानों की आजीविका को प्रभावित करती है।
डीआरआई की हालिया बड़ी कार्रवाइयाँ
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब डीआरआई पहले ही देशभर में सक्रिय ई-सिगरेट तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ कर चुका है, जिसमें ₹120 करोड़ मूल्य की 3 लाख ई-सिगरेट/वेप्स जब्त की गई थीं। उस अभियान में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कई बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आईसीडी (इनलैंड कंटेनर डिपो) को शामिल किया गया था।
उस मामले में प्रतिबंधित निकोटीन उत्पादों को चीन से मँगाया गया था और इन्हें 'फर्नीचर' तथा 'धातु की कुर्सी के पुर्जों' जैसी वस्तुओं में छिपाकर आयात किया गया था। यह ऐसी दूसरी बड़ी कार्रवाई है जो दर्शाती है कि डीआरआई ने तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध अपनी निगरानी तेज़ कर दी है।
आगे की जाँच
गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों से पूछताछ जारी है और अधिकारियों के अनुसार इस तस्करी नेटवर्क के और सदस्यों की पहचान की जा रही है। डीआरआई की यह कार्रवाई पूर्वोत्तर सीमाओं पर तस्करी रोकने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।