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डीआरआई ने पूर्वोत्तर में 60,000 किलोग्राम तस्करी की सुपारी जब्त की, 5 गिरफ्तार

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डीआरआई ने पूर्वोत्तर में 60,000 किलोग्राम तस्करी की सुपारी जब्त की, 5 गिरफ्तार

सारांश

डीआरआई की गुवाहाटी इकाई ने म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते आ रही 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त कर 5 तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई घरेलू सुपारी उत्पादकों की रक्षा और सीमावर्ती आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

डीआरआई की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने मिजोरम और असम में दो अभियानों में 60,000 किलोग्राम विदेशी सुपारी जब्त की।
प्रारंभिक जाँच में सुपारी म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार से तस्करी कर लाई जा रही थी।
अभियान में असम राइफल्स की 38वीं बटालियन ने सहयोग किया; अब तक 5 लोग गिरफ्तार ।
वित्त मंत्रालय के अनुसार यह तस्करी घरेलू सुपारी उत्पादकों को आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है।
डीआरआई पहले भी ₹120 करोड़ की 3 लाख ई-सिगरेट जब्त कर चुका है।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने मिजोरम और असम में संचालित दो बड़े अभियानों में 60,000 किलोग्राम तस्करी की गई विदेशी सुपारी जब्त की है और इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार, 22 मई को यह जानकारी दी। प्रारंभिक जाँच के अनुसार यह सुपारी म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में अवैध रूप से लाई जा रही थी।

अभियान का विवरण

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, डीआरआई ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की। दोनों अभियान इस सप्ताह की शुरुआत और उससे एक दिन पूर्व संचालित किए गए। इस पूरे ऑपरेशन में असम राइफल्स की 38वीं बटालियन ने डीआरआई को सहयोग प्रदान किया।

तस्करी का नेटवर्क

जाँच में सामने आया कि विदेशी सूखी सुपारी को म्यांमार से म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया जा रहा था। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी देश से सुपारी की यह अवैध आवक घरेलू सुपारी उत्पादकों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक सुरक्षा को भी कमजोर कर रही है।

पहले भी हुई है बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि डीआरआई इससे पहले भी देश में सक्रिय ई-सिगरेट तस्करी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई कर चुका है। उस अभियान में ₹120 करोड़ मूल्य की 3 लाख ई-सिगरेट/वेप्स जब्त की गई थीं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कई बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आईसीडी में चलाए गए उस अभियान में व्यापक स्तर पर ई-सिगरेट तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। उन प्रतिबंधित ई-सिगरेटों को चीन से मँगाकर 'फर्नीचर' और 'धातु की कुर्सी के पुर्जों' जैसी वस्तुओं में छिपाकर आयात किया गया था।

आगे क्या होगा

डीआरआई की यह कार्रवाई पूर्वोत्तर सीमा पर तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध जारी अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार 5 आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ इस नेटवर्क की व्यापक कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और डीआरआई की यह कार्रवाई उस बड़ी समस्या की एक झलक मात्र है। असली सवाल यह है कि 5 गिरफ्तारियों के बाद नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला कितनी गहरी है और क्या जाँच एजेंसियाँ सिर्फ वाहकों तक सीमित रहेंगी या आयोजकों तक पहुँचेंगी। घरेलू सुपारी उत्पादकों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव का उल्लेख सराहनीय है, लेकिन इसके लिए दीर्घकालिक सीमा प्रबंधन नीति की आवश्यकता है, न कि केवल छिटपुट अभियानों की।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने कहाँ और कितनी सुपारी जब्त की?
डीआरआई की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने मिजोरम और असम में संचालित दो अभियानों में कुल 60,000 किलोग्राम तस्करी की गई विदेशी सुपारी जब्त की। यह कार्रवाई 22 मई 2025 को वित्त मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक की गई।
यह सुपारी कहाँ से तस्करी कर लाई जा रही थी?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार विदेशी सूखी सुपारी म्यांमार से म्यांमार-मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर लाई जा रही थी। इस अभियान में असम राइफल्स की 38वीं बटालियन ने डीआरआई को सहयोग दिया।
इस तस्करी से घरेलू उत्पादकों को क्या नुकसान है?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, पड़ोसी देश से सुपारी की अवैध आवक घरेलू सुपारी उत्पादकों को गंभीर आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों की आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर रही है।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक इन अभियानों में 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगा रही हैं।
डीआरआई ने इससे पहले कौन-सी बड़ी तस्करी-रोधी कार्रवाई की थी?
इससे पहले डीआरआई ने महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में अभियान चलाकर ₹120 करोड़ मूल्य की 3 लाख ई-सिगरेट/वेप्स जब्त की थीं। वे प्रतिबंधित ई-सिगरेट चीन से 'फर्नीचर' और 'धातु के पुर्जों' में छिपाकर मँगाई जा रही थीं।
राष्ट्र प्रेस
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