गौतम अदाणी बने एशिया के सबसे अमीर, संपत्ति ₹89.2 अरब डॉलर पार; फोर्ब्स लिस्ट में अंबानी दूसरे
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी की कुल संपत्ति बढ़कर 89.2 अरब डॉलर हो गई है, जिससे वे फोर्ब्स रियल-टाइम बिलेनियर्स लिस्ट में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। 7 जून 2026 को जारी इस सूची में उनकी यह वापसी उन आरोपों के बाद आई है जो अब कानूनी रूप से समाप्त हो चुके हैं।
शीर्ष तीन की स्थिति
फोर्ब्स की सूची के अनुसार, अदाणी के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 88 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सॉफ्टबैंक के मासायोशी सोन 87 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। गौरतलब है कि सोन गुरुवार को जापानी निवेश फर्म के शेयरों में गिरावट से पहले एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे।
अदाणी समूह की कंपनियों का बाज़ार मूल्य
गौतम अदाणी की संपत्ति का मुख्य स्रोत अदाणी समूह की कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है। शुक्रवार तक समूह की छह सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाज़ार मूल्य लगभग 191 अरब डॉलर था।
इनमें अदाणी पावर 47.2 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ शीर्ष पर रहा। अदाणी पोर्ट्स का मूल्यांकन 44.2 अरब डॉलर, अदाणी एंटरप्राइजेज का 44 अरब डॉलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी का 26.4 अरब डॉलर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का 19.9 अरब डॉलर और अदाणी टोटल गैस का बाज़ार पूंजीकरण 8.8 अरब डॉलर रहा।
अमेरिकी आरोप खारिज होने के बाद संपत्ति में उछाल
फोर्ब्स के आँकड़ों के अनुसार, पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप खारिज किए जाने के बाद से गौतम अदाणी की संपत्ति में लगभग 10 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। ये आरोप सौर ऊर्जा आपूर्ति अनुबंधों से जुड़े कथित 25 करोड़ डॉलर के लेनदेन में समूह की भागीदारी को लेकर थे। अदाणी समूह ने इन दावों का खंडन किया था।
यह ऐसे समय में आया है जब 2023 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च ने अदाणी पर स्टॉक में हेरफेर और व्यापक धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। हालाँकि, भारतीय नियामकों ने पिछले वर्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये 'सिद्ध नहीं हुए'।
समूह की रणनीति और निवेशकों का भरोसा
गौतम अदाणी ने पिछले महीने शेयरधारकों को लिखे अपने वार्षिक पत्र में कहा कि समूह अमेरिकी कानूनी चुनौतियों से उबर चुका है और ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ा रहा है, ताकि एआई-आधारित विकास की बढ़ती माँग से लाभ उठाया जा सके।
उन्होंने समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के हालिया ₹24,930 करोड़ के राइट्स इश्यू की सफलता को निवेशकों के भरोसे का प्रमाण बताया — यह ऐसे समय में आया जब समूह शासन और नियामक मुद्दों पर सवालों का सामना कर रहा था।
आगे क्या
एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में अदाणी की यह वापसी समूह के लिए एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक मील का पत्थर है। अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि क्या समूह की कंपनियाँ इस बाज़ार मूल्यांकन को बनाए रख पाती हैं और नई निवेश योजनाएँ किस गति से आगे बढ़ती हैं।