अदाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यूएशन ₹90,400 करोड़ पहुँची, 74% उछाल के साथ भारत की टॉप-4 रियल्टी कंपनियों में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी प्रॉपर्टीज ने 14 जुलाई 2026 को जारी 2026 ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट 150 रिपोर्ट में 74 प्रतिशत की वैल्यूएशन वृद्धि के साथ भारत के रियल एस्टेट सेक्टर की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की कुल वैल्यूएशन ₹38,000 करोड़ के इजाफे के साथ ₹90,400 करोड़ पर पहुँच गई है।
रैंकिंग में किसने कहाँ जगह बनाई
रिपोर्ट में शीर्ष पर डीएलएफ है, जिसकी वैल्यूएशन ₹1.46 लाख करोड़ आँकी गई है। लोढ़ा डेवलपर्स ₹93,700 करोड़ के साथ दूसरे और टाटा समूह की हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL ₹93,300 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर है। अदाणी प्रॉपर्टीज ने चौथा स्थान हासिल करते हुए कई स्थापित नामों को पीछे छोड़ा।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी संभवतः 'भारत का सबसे बड़ा रियल एस्टेट कारोबार' खड़ा कर रहे हैं।
रियल एस्टेट रिच लिस्ट में नया शीर्ष
अदाणी प्रॉपर्टीज की इस तेज बढ़त का सीधा असर ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट पर भी पड़ा। पहली बार गौतम अदाणी और उनका परिवार इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुँचा, क्योंकि रियल एस्टेट कारोबार पर परिवार का पूर्ण स्वामित्व है। उन्होंने डीएलएफ समूह के राजीव सिंह और उनके परिवार को पीछे छोड़ा।
गौतम अदाणी की अध्यक्षता में और प्रणव अदाणी तथा राजेश अदाणी द्वारा संचालित अदाणी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार के साथ साझेदारी में धारावी पुनर्विकास परियोजना और मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
सेक्टर की समग्र तस्वीर
रिपोर्ट के आँकड़े बताते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए यह वर्ष मिला-जुला रहा। BSE रियल्टी इंडेक्स में 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। सूची में शामिल 151 कंपनियों में से केवल 31 की वैल्यूएशन बढ़ी, जबकि 74 की घटी। टॉप-150 कंपनियों की कुल वैल्यूएशन में सालभर में केवल 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में यह वैल्यूएशन वृद्धि की सबसे धीमी रफ्तार रही। उन्होंने कहा कि यह सूची ऐसे वर्ष की कहानी बताती है जिसमें सेक्टर पूरी तरह कमज़ोर नहीं पड़ा, लेकिन उसकी रफ्तार ज़रूर धीमी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि नए खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि सेक्टर की गति अब उभरती कंपनियों की ओर बढ़ रही है।
नए प्रवेशकर्ता और गिरावट दर्ज करने वाले
रितेश अग्रवाल द्वारा स्थापित प्रिज्म (OYO) ने अपनी वैल्यूएशन दोगुने से अधिक बढ़ाकर ₹67,200 करोड़ कर ली और पहली बार टॉप-10 में प्रवेश करते हुए पाँचवाँ स्थान हासिल किया। वहीं, ओबेरॉय रियल्टी, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रॉपर्टीज और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसी प्रमुख कंपनियों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई। के. रहेजा कॉर्प की रैंकिंग में भी सुधार देखा गया।
यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट सेक्टर में नई और आक्रामक कंपनियाँ पारंपरिक दिग्गजों को चुनौती दे रही हैं — और अदाणी प्रॉपर्टीज इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक बनकर उभरी है।