9 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 मुंबई: 1 लाख प्रतिनिधि, 5,000 स्टार्टअप्स — क्रिस गोपालकृष्णन बोले, भारत पर टिकी दुनिया की नज़र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 मुंबई: 1 लाख प्रतिनिधि, 5,000 स्टार्टअप्स — क्रिस गोपालकृष्णन बोले, भारत पर टिकी दुनिया की नज़र

सारांश

मुंबई में शुरू हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में 1 लाख से अधिक प्रतिनिधि और 5,000 स्टार्टअप्स जुटने की उम्मीद है। इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा — भारत की तेज़ विकास दर ने दुनिया का ध्यान खींचा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ज़िम्मेदार नवाचार पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का आयोजन 8 से 11 सितंबर 2026 तक मुंबई में हो रहा है।
फेस्ट में 1 लाख से अधिक प्रतिनिधियों , 5,000 से ज़्यादा स्टार्टअप्स , 500 से अधिक निवेशकों और 1,200 से ज़्यादा वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
GFF 2026 अध्यक्ष और इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि वैश्विक निवेशकों की नज़र भारतीय बाज़ार पर है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फिनटेक क्षेत्र में ज़िम्मेदार नवाचार और आत्म-नियमन पर ज़ोर दिया।
इस वर्ष की थीम 'Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation and Trusted, Connected Global Systems for Inclusive Finance' है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरे वर्ष GFF को संबोधित कर रहे हैं।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 का शुभारंभ मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को मुंबई में हुआ। GFF 2026 के अध्यक्ष, इंफोसिस के सह-संस्थापक और एक्सिलर वेंचर्स के चेयरमैन क्रिस गोपालकृष्णन ने उद्घाटन सत्र में कहा कि भारत आज भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और यही कारण है कि वैश्विक निवेशकों तथा फिनटेक कंपनियों की नज़र भारतीय बाज़ार पर केंद्रित है। 8 से 11 सितंबर 2026 तक चलने वाला यह चार दिवसीय सम्मेलन वैश्विक फिनटेक उद्योग के सबसे बड़े मंचों में गिना जा रहा है।

आयोजन का विस्तार और भागीदारी

गोपालकृष्णन ने बताया कि इस वर्ष के फेस्ट में 1 लाख से अधिक प्रतिनिधियों, 8,000 से अधिक संस्थानों, 1,200 से ज़्यादा वक्ताओं, 500 से अधिक निवेशकों, 5,000 से ज़्यादा स्टार्टअप्स, 450 से अधिक सत्रों, 350 से ज़्यादा प्रदर्शकों और 200 से अधिक उत्पाद लॉन्च के शामिल होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक भागीदारी इस आयोजन को वैश्विक फिनटेक उद्योग के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच बनाती है, जहाँ नीति-निर्माता, नियामक, केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, तकनीकी कंपनियाँ, निवेशक और स्टार्टअप्स एक साथ वित्तीय सेवाओं के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे।

GFF 2026 की थीम और प्रमुख विषय

इस वर्ष के फेस्ट की थीम 'Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation and Trusted, Connected Global Systems for Inclusive Finance' रखी गई है। इस थीम के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टोकनाइजेशन, डिजिटल वित्तीय अवसंरचना, वैश्विक कनेक्टेड पेमेंट सिस्टम, साइबर सुरक्षा और समावेशी वित्त जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।

विशेषज्ञ इस बात पर विचार करेंगे कि उभरती तकनीकों को वास्तविक आर्थिक प्रभाव में कैसे बदला जाए और वित्तीय सेवाओं को दुनिया के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुँचाया जाए। गोपालकृष्णन ने कहा कि इस मंच का उद्देश्य नवाचार, नियमन और वित्तीय समावेशन के बीच संतुलन बनाते हुए वैश्विक स्तर पर बेहतर वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।

प्रधानमंत्री मोदी की लगातार तीसरी उपस्थिति

गोपालकृष्णन ने रेखांकित किया कि यह लगातार तीसरा वर्ष है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के फिनटेक क्षेत्र और डिजिटल नवाचार के प्रति सरकार की मज़बूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन के महत्त्व को और बढ़ाती है तथा यह दर्शाती है कि भारत वित्तीय तकनीक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को कितनी प्राथमिकता दे रहा है।'

RBI गवर्नर का संबोधन

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का फिनटेक क्षेत्र वित्तीय समावेशन, डिजिटल नवाचार और ग्राहक सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

मल्होत्रा ने बताया कि फिनटेक कंपनियों ने देश की विशाल और विविध आबादी को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने का काम पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़, सुलभ और कम लागत पर किया है। उन्होंने कहा कि RBI ने हमेशा फिनटेक क्षेत्र में ज़िम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और उद्योग के भीतर आत्म-नियमन को प्रोत्साहित किया है।

भारत की फिनटेक यात्रा और आगे की राह

गोपालकृष्णन ने कहा कि भारत में डिजिटल भुगतान, वित्तीय समावेशन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में जिस गति से विकास हुआ है, उसने देश को वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में एक महत्त्वपूर्ण स्थान दिलाया है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टोकनाइजेशन जैसी उभरती तकनीकें वित्तीय सेवाओं की संरचना को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।

गौरतलब है कि GFF अब केवल एक वार्षिक सम्मेलन नहीं रहा — यह एक अंतरराष्ट्रीय विचार-मंच (Thought Leadership Forum) के रूप में स्थापित हो चुका है, जहाँ दुनिया भर के नीति-निर्माता, केंद्रीय बैंक, नियामक संस्थाएँ, वित्तीय सेवा प्रदाता और शिक्षाविद एक साथ वित्तीय क्षेत्र के भविष्य को आकार देने वाले विषयों पर विमर्श करते हैं। आने वाले तीन दिनों में इस मंच से निकलने वाले विचार और नीतिगत संकेत वैश्विक फिनटेक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस विचार-मंच से निकलने वाले विमर्श ज़मीनी नीतिगत बदलाव में कितने तब्दील होते हैं। भारत का UPI मॉडल निर्विवाद रूप से सफल रहा है, फिर भी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन की गति अभी भी असमान है। एजेंटिक AI और टोकनाइजेशन जैसी थीम महत्त्वाकांक्षी हैं, लेकिन इनके नियामक ढाँचे अभी अपरिपक्व हैं — और RBI की 'ज़िम्मेदार नवाचार' की भाषा यह संकेत देती है कि नियामक सावधानी से आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री की लगातार तीसरी उपस्थिति राजनीतिक प्राथमिकता दर्शाती है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि इन सम्मेलनों के बाद नीतिगत घोषणाओं का क्रियान्वयन कितना हुआ।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हो रहा है?
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 एक अंतरराष्ट्रीय फिनटेक सम्मेलन है जो 8 से 11 सितंबर 2026 तक मुंबई में आयोजित हो रहा है। इसमें 1 लाख से अधिक प्रतिनिधि, 5,000 से ज़्यादा स्टार्टअप्स और 500 से अधिक निवेशकों के भाग लेने की उम्मीद है।
GFF 2026 की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation and Trusted, Connected Global Systems for Inclusive Finance' है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टोकनाइजेशन, साइबर सुरक्षा और समावेशी वित्त पर चर्चा होगी।
क्रिस गोपालकृष्णन ने भारतीय फिनटेक बाज़ार के बारे में क्या कहा?
इंफोसिस के सह-संस्थापक और GFF 2026 के अध्यक्ष क्रिस गोपालकृष्णन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और इसीलिए वैश्विक निवेशकों तथा फिनटेक कंपनियों की नज़र भारतीय बाज़ार पर केंद्रित है। उन्होंने डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन में भारत की प्रगति को वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में देश की बढ़त का कारण बताया।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने GFF 2026 में क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि फिनटेक कंपनियों ने देश की विशाल आबादी को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से तेज़, सुलभ और कम लागत पर जोड़ा है। उन्होंने RBI की ओर से ज़िम्मेदार नवाचार और उद्योग के भीतर आत्म-नियमन को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी GFF 2026 में क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
यह लगातार तीसरा वर्ष है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित कर रहे हैं। क्रिस गोपालकृष्णन के अनुसार, यह भारत सरकार की फिनटेक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और नवाचार-आधारित आर्थिक विकास के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 15 घंटे पहले
  2. 15 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले