मध्य पूर्व शांति समझौते की आस में MCX पर सोना ₹1,50,600 और चांदी ₹2,44,817 के शिखर पर
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 12 जून को सोने और चांदी की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वाशिंगटन और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता लगभग तय हो चुका है और केवल दस्तावेज़ों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस घोषणा के बाद भारतीय कमोडिटी बाज़ार में तेज़ी का रुख देखा गया।
कीमतों का ताज़ा हाल
शुरुआती कारोबार में अगस्त वायदा सोना अपने पिछले बंद भाव ₹1,48,932 प्रति 10 ग्राम से ₹1,663 की बढ़त के साथ ₹1,50,595 पर खुला और दिन के उच्चतम स्तर ₹1,50,600 प्रति 10 ग्राम तक पहुँचा। वहीं, जुलाई वायदा चांदी अपने पिछले बंद ₹2,39,653 प्रति किलोग्राम से ₹3,123 की छलाँग के साथ ₹2,42,776 पर खुली और दिन का उच्चतम स्तर ₹2,44,817 प्रति किलोग्राम छुआ।
दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक MCX पर अगस्त डिलीवरी सोना 0.52 प्रतिशत यानी ₹768 की बढ़त के साथ ₹1,49,700 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। जुलाई डिलीवरी चांदी 0.77 प्रतिशत यानी ₹1,847 की तेज़ी के साथ ₹2,41,500 प्रति किलोग्राम पर थी।
IBJA के आँकड़े
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के शुक्रवार सुबह के आँकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाला सोना ₹1,47,609 प्रति 10 ग्राम और 999 शुद्धता वाली चांदी ₹2,42,295 प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। यह आँकड़े MCX वायदा भाव से कुछ नीचे हैं, जो वायदा बाज़ार में जोखिम प्रीमियम को दर्शाता है।
भू-राजनीतिक कारण और बाज़ार की प्रतिक्रिया
एक बाज़ार विशेषज्ञ के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं ने वैश्विक जोखिम धारणा में जबरदस्त सुधार किया, जिसका सीधा असर भारतीय इक्विटी और कमोडिटी बाज़ार दोनों पर पड़ा। विशेषज्ञ ने कहा कि MCX गोल्ड ने गैप-अप के साथ कारोबार की शुरुआत की और मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण ₹1,50,000 के स्तर के ऊपर टिका रहा, जो खरीदारी के मज़बूत रुझान का संकेत है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की माँग पहले से ही ऊँची बनी हुई थी। गौरतलब है कि मध्य पूर्व संकट के चलते पिछले कई हफ्तों से सोने की कीमतें ऊँचे स्तरों पर बनी हुई हैं।
तकनीकी विश्लेषण: सोना और चांदी के अहम स्तर
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को बाज़ार की धारणा को और मज़बूत करने के लिए ₹1,52,000 के ऊपर टिके रहना होगा। यदि यह स्तर पार होता है, तो कीमतें ₹1,55,000 से ₹1,56,000 के दायरे तक पहुँच सकती हैं। वहीं, यदि सोना ₹1,50,000 से ₹1,49,000 के सपोर्ट जोन के नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और कीमतें ₹1,47,000 से ₹1,45,000 तक आ सकती हैं।
चांदी के लिए ₹2,48,000 से ₹2,51,000 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि चांदी इस जोन के ऊपर टिकती है, तो कीमतें ₹2,58,000 से ₹2,62,000 तक पहुँच सकती हैं। नीचे की ओर, ₹2,40,000 का सपोर्ट टूटने पर ₹2,34,000 से ₹2,30,000 तक गिरावट संभव है।
आगे क्या
अमेरिका-ईरान समझौते पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, हालाँकि इस पर अभी पुष्टि बाकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, सेफ हेवन माँग और वैश्विक बाज़ारों की चाल आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेगी। निकट अवधि में चांदी का रुख सतर्क लेकिन हल्का सकारात्मक बना हुआ है।