अमेरिकी कोर CPI महंगाई 0.3% उछली, फेड दर बढ़ोतरी की 88% संभावना से सोना $4,340 पर लुढ़का
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड 14 सितंबर 2026 को $4,340 प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा — दिनभर में करीब 0.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ। अमेरिका में अगस्त के उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इसी सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका को और पुख्ता कर दिया है, जिसके चलते सुरक्षित निवेश की श्रेणी में रखे जाने वाले सोने-चांदी में बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
महंगाई के आंकड़े और बाज़ार की प्रतिक्रिया
शुक्रवार को जारी अमेरिकी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर मापी जाने वाली कोर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Core CPI) आधारित महंगाई अगस्त 2026 में मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत बढ़ी — जो बाज़ार की अपेक्षाओं से अधिक रही। इसने यह स्पष्ट संकेत दिया कि महंगाई पर अभी पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।
इस आंकड़े के बाद कारोबारियों के बीच यह धारणा मज़बूत हुई है कि फेड अपनी आगामी सितंबर बैठक में दरें बढ़ाएगा। बाज़ार अब इस बैठक में दर वृद्धि की 88 प्रतिशत संभावना देख रहा है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी 'नॉन-यील्डिंग' यानी बिना ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि निवेशक तब ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
सोना-चांदी और अन्य धातुओं का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट गोल्ड पिछले सप्ताह के दौरान कुल 1.8 प्रतिशत कमज़ोर रहा। चांदी करीब 0.8 प्रतिशत गिरकर $64 प्रति औंस के स्तर पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई।
घरेलू मोर्चे पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) के सोना और चांदी वायदा बाज़ार का सुबह का सत्र बंद रहा। कारोबार केवल शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे IST तक के शाम के सत्र में हुआ। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना वायदा ₹1,52,655 प्रति 10 ग्राम के आसपास और सितंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹2,34,886 प्रति किलोग्राम के स्तर पर रही।
पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतें
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को भी प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। हौथी बलों ने यमन के महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर कब्जा कर लिया है, जो वैश्विक समुद्री तेल व्यापार के एक बड़े हिस्से की जीवन-रेखा माने जाते हैं।
रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन हमलों और एक व्यापारिक पोत पर हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विश्लेषकों का कहना है कि तेल की ऊंची कीमतें वैश्विक महंगाई को और हवा दे सकती हैं, जिससे प्रमुख केंद्रीय बैंकों पर सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही महंगाई के मोर्चे पर चिंताएं गहरी हैं। इसी वजह से निवेशकों ने सोने और चांदी में नई खरीदारी से फिलहाल दूरी बनाए रखी है।
गौरतलब है कि ऊंची दरों के माहौल में सोने पर दबाव की यह कोई नई परिघटना नहीं है — 2022-23 में भी फेड के आक्रामक दर-बढ़ोतरी चक्र के दौरान सोना दबाव में रहा था। हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम उस दबाव को सीमित करने का काम कर सकते हैं।
आगे क्या होगा
आने वाले दिनों में निवेशकों की निगाहें पूरी तरह फेड की नीति बैठक और ब्याज दर संबंधी निर्णय पर टिकी रहेंगी। यदि फेड अपेक्षा के अनुरूप दरें बढ़ाता है और आगे भी सख्त रुख के संकेत देता है, तो सोने और चांदी पर दबाव जारी रह सकता है। दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कीमती धातुओं को कुछ सहारा दे सकती है। अगले सप्ताह की दिशा मुख्यतः इन दो कारकों पर निर्भर होगी।