क्या जूनागढ़ में वाइब्रेंट गुजरात समिट से पहले 1,209 करोड़ रुपए के निवेश का समझौता हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- 1,209 करोड़ रुपए का निवेश जूनागढ़ में औद्योगिक विकास को गति देगा।
- 218 समझौतों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- यह निवेश रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा।
- जूनागढ़ की प्राकृतिक संपत्तियाँ और सांस्कृतिक विरासत औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार हैं।
जूनागढ़, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन की तैयारी में, जूनागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में 218 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के तहत 1,209 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री तथा जूनागढ़ जिला इंचार्ज प्रद्युम्न वाजा ने की। इस अवसर पर उद्योगपति, युवा उद्यमी, क्षेत्र विशेषज्ञ एवं सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों जैसे हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यटन, रिसॉर्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, खनिज और खनन से संबंधित 218 समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
जानकारी के मुताबिक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में 102 समझौता ज्ञापन पर लगभग 281 करोड़ रुपए का निवेश होगा। वहीं इंजीनियरिंग और तकनीक में 144 करोड़ रुपए के 55 समझौता ज्ञापन और खनिज एवं खनन में 41 समझौता ज्ञापन किए गए हैं।
पर्यटन क्षेत्र में 114 करोड़ रुपए और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में 175 करोड़ रुपए के निवेश के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्तावित निवेश बड़े स्तर पर रोजगार सृजन करने में सहायक होगा और जूनागढ़ की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान को मजबूत करेगा।
मंत्री प्रद्युम्न वाजा ने कहा कि 2003 में शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात पहल अब जिला स्तर पर निवेश को बढ़ाने का एक मजबूत मंच बन चुकी है। उन्होंने जूनागढ़ की प्राकृतिक संपत्तियों और सांस्कृतिक विरासत को औद्योगिक और पर्यटन विकास के लिए ठोस आधार बताया।
मंत्री ने गिरनार रोपवे और एशियाटिक शेर की उपस्थिति को पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जूनागढ़ के समुद्री भोजन, मसाले, और खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद पहले ही वैश्विक बाजारों में पहुंच चुके हैं।
उन्होंने वंदे भारत ट्रेन, केशोद हवाई अड्डे का विस्तार, और जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को जिले के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करने वाला बताया।
जिला कलेक्टर अनिल कुमार राणवसिया ने कहा कि जूनागढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को एग्रो-प्रोसेसिंग के माध्यम से और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने केशोद हवाई अड्डे की रनवे लंबाई विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि इससे कार्गो हैंडलिंग में सुधार होगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
जूनागढ़ नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष पल्लवी ठाकुर ने युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहलों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत प्रतीकात्मक सहायता चेक वितरित किए गए और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन हुआ।
इसके अतिरिक्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार पर सेमिनार भी आयोजित किए गए, जिसमें आधुनिक उद्यमिता में तकनीक की भूमिका पर चर्चा की गई।