क्या सोने और चांदी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नए रिकॉर्ड स्तर छुए?

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क्या सोने और चांदी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नए रिकॉर्ड स्तर छुए?

सारांश

सोने और चांदी की कीमतें सोमवार को नए उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं हैं। अमेरिका में राजनीतिक तनाव और ईरान में विरोध प्रदर्शनों का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है। जानिए इस स्थिति के पीछे के कारण और निवेशकों की प्रतिक्रिया के बारे में।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतें 1,41,250 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुँचीं।
  • चांदी ने 2,63,996 रुपए प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,575.82 डॉलर प्रति औंस तक पहुँची।
  • राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शनों का असर बाजार पर पड़ा है।
  • निवेशकों की सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी पर नजर।

मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को सोने और चांदी की कीमतें अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं। इसकी मुख्य वजह अमेरिका में बढ़ता राजनीतिक तनाव और ईरान में तेज होते विरोध प्रदर्शन हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया है।

खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 2,333 रुपए यानी 1.68 प्रतिशत बढ़कर 1,41,152 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,598 रुपए यानी 4.19 प्रतिशत बढ़कर 2,63,323 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई।

सोने ने आज के कारोबारी सत्र में रिकॉर्ड 1,41,250 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ, जो कि अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। चांदी ने भी रिकॉर्ड 2,63,996 रुपए प्रति किलोग्राम का हाई टच किया, जो अब तक सबसे उच्चतम स्तर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1.45 प्रतिशत बढ़कर 4,575.82 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि इसने नया रिकॉर्ड 4,601.17 डॉलर भी छुआ। वहीं चांदी की कीमत 4.85 प्रतिशत बढ़कर 83.19 डॉलर हो गई और इसने 83.88 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर भी छू लिया।

अमेरिकी फेड के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने खुलासा किया कि केंद्रीय बैंक को न्याय विभाग से ग्रैंड जूरी के समन प्राप्त हुए हैं। यह मामला केंद्रीय बैंक के मुख्यालय में हुए निर्माण कार्य से जुड़ा है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और केंद्रीय बैंक के बीच तनाव और बढ़ गया है।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटीज उपाध्यक्ष राहुल कलांत्री ने कहा कि दुनिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात, अमेरिका के केंद्रीय बैंक पर राजनीतिक दबाव और अमेरिका में उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोना और चांदी खरीद रहे हैं।

ईरान में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने भी बाजार में डर बढ़ा दिया है। निवेशकों को चिंता है कि अगर वहां राजनीतिक हालात बिगड़े तो तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान से भी अनिश्चितता बढ़ी है।

पिछले सप्ताह आए अमेरिका के रोजगार आंकड़ों में नौकरियों की संख्या उम्मीद से कम रही, जिससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि केंद्रीय बैंक इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार, सोने को 1,34,550 से 1,32,310 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,41,350 से 1,43,670 रुपए के स्तर पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी का सपोर्ट लेवल 2,48,810 से 2,44,170 रुपए और रेजिस्टेंस लेवल 2,55,810 से 2,59,470 रुपए के बीच बताया गया है।

पिछले हफ्ते सोने की कीमत में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई, जबकि चांदी 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ी। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध, अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के बयान ने भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।

Point of View

मैं यह मानता हूँ कि वर्तमान स्थिति में सोने और चांदी की कीमतों की वृद्धि सिर्फ एक आर्थिक संकेत नहीं है, बल्कि यह वैश्विक राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का परिणाम है। ऐसे समय में सुरक्षित निवेश की तलाश करना एक समझदारी भरा कदम है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण अमेरिका में राजनीतिक तनाव और ईरान में विरोध प्रदर्शन हैं।
क्या सोने और चांदी के लिए यह एक स्थायी रुझान है?
यह कहा जा सकता है कि राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते सोने और चांदी की कीमतें स्थायी रूप से बढ़ सकती हैं।
क्या निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश करना चाहिए?
निवेशकों के लिए सोने और चांदी में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, खासकर जब बाजार में अनिश्चितता हो।
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