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AY2026 में ₹100 करोड़+ आय वाले करदाता 39% बढ़कर 576 हुए, SBI रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा

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AY2026 में ₹100 करोड़+ आय वाले करदाता 39% बढ़कर 576 हुए, SBI रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा

सारांश

SBI रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि AY2026 में ₹100 करोड़+ आय वाले करदाता 39% बढ़कर 576 हो गए — AY2022 की तुलना में चार गुना। ₹1 करोड़+ वर्ग में भी 14% की वृद्धि दर्ज हुई। साथ ही, FY2027 की पहली तिमाही में GDP 8% और क्रेडिट ग्रोथ 19.3% रहने का अनुमान है।

मुख्य बातें

SBI रिसर्च के अनुसार AY2026 में ₹100 करोड़+ आय वाले करदाताओं की संख्या 39% बढ़कर 576 हुई, जो AY2025 में 415 थी।
AY2022 में यह संख्या मात्र 142 थी — चार वर्षों में चार गुना से अधिक वृद्धि।
₹1 करोड़+ आय वाले करदाताओं की संख्या AY2026 में 5,35,672 हुई — सालाना 14% की बढ़ोतरी।
FY2026-27 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 8% और क्रेडिट ग्रोथ 19.3% रहने का अनुमान।
विदेशी मुद्रा भंडार RBI की FCNR(B) योजना से बढ़कर $707 अरब तक पहुँचने की संभावना।
हेल्थकेयर , सीमेंट और मनोरंजन क्षेत्रों में जून तिमाही में मार्जिन दबाव दर्ज।

SBI रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, आकलन वर्ष 2026 में ₹100 करोड़ या उससे अधिक वार्षिक आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या 39 प्रतिशत उछलकर 576 पर पहुँच गई है, जो आकलन वर्ष 2025 में 415 थी। यह वृद्धि भारत में अति-उच्च आय वर्ग के तेज़ी से विस्तार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत मानी जा रही है।

अति-उच्च आय वर्ग में उछाल

रिपोर्ट के आँकड़े बताते हैं कि ₹100 करोड़ से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या में पिछले चार वर्षों में नाटकीय बदलाव आया है। आकलन वर्ष 2022 में इस श्रेणी में मात्र 142 करदाता थे। आकलन वर्ष 2023 में यह संख्या 112 प्रतिशत की भारी छलाँग के साथ 301 हो गई। आकलन वर्ष 2024 में मामूली गिरावट के साथ यह 284 रह गई, लेकिन इसके बाद फिर तेज़ी लौटी और आकलन वर्ष 2025 में 415 तथा आकलन वर्ष 2026 में 576 तक पहुँच गई। इस प्रकार आकलन वर्ष 2022 की तुलना में यह संख्या चार गुना से अधिक हो चुकी है।

₹1 करोड़+ वर्ग में स्थिर लेकिन मज़बूत वृद्धि

₹1 करोड़ या उससे अधिक वार्षिक आय दर्शाने वाले करदाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। आकलन वर्ष 2026 में इस वर्ग में 5,35,672 करदाता थे, जबकि आकलन वर्ष 2025 में यह आँकड़ा 4,71,419 था — यानी सालाना 14 प्रतिशत की वृद्धि। आकलन वर्ष 2022 में इस वर्ग में 1,93,800 करदाता थे, जो आकलन वर्ष 2023 में 2,69,184, आकलन वर्ष 2024 में 3,49,974 और आकलन वर्ष 2025 में 4,71,419 हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, आकलन वर्ष 2022 की तुलना में अब इस वर्ग की संख्या दोगुने से भी अधिक हो चुकी है।

GDP वृद्धि और क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान

SBI रिसर्च ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर भी सकारात्मक अनुमान जताए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके साथ ही क्रेडिट ग्रोथ 19.3 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की FCNR(B) जमा योजना के ज़रिए विदेशी मुद्रा भंडार में मज़बूती आने की उम्मीद है और यह बढ़कर $707 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।

कॉरपोरेट जगत में असमान प्रदर्शन

हालाँकि रिपोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में एकसमान मज़बूती नहीं दिख रही। जून तिमाही के दौरान हेल्थकेयर, सीमेंट और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में मार्जिन पर दबाव देखा गया। यह संकेत देता है कि शीर्ष आय वर्ग की मज़बूत वृद्धि के बावजूद कॉरपोरेट जगत के सभी हिस्सों में समान प्रदर्शन नहीं हो रहा।

आगे क्या संकेत मिलते हैं

गौरतलब है कि अति-उच्च आय वर्ग में वृद्धि की रफ़्तार व्यापक उच्च आय वर्ग की तुलना में कहीं अधिक तेज़ रही है, जो आय के ऊपरी सिरे पर संकेंद्रण की प्रवृत्ति को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मज़बूत वृद्धि की राह पर है। आने वाले आकलन वर्षों में यह प्रवृत्ति कर नीति और आय वितरण पर बहस को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आय संकेंद्रण की बढ़ती प्रवृत्ति को भी रेखांकित करता है — जो नीति-निर्माताओं के लिए एक दोधारी तस्वीर है। जहाँ एक ओर यह आर्थिक विस्तार और कर-अनुपालन में सुधार का संकेत है, वहीं ₹1 करोड़+ वर्ग की 14% वृद्धि की तुलना में शीर्ष वर्ग की 39% वृद्धि यह प्रश्न उठाती है कि समृद्धि का विस्तार कितना व्यापक है। हेल्थकेयर और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में मार्जिन दबाव यह याद दिलाता है कि शीर्ष पर चमकते आँकड़े पूरी अर्थव्यवस्था की कहानी नहीं कहते।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AY2026 में ₹100 करोड़ से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या कितनी हुई?
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार AY2026 में यह संख्या 39% बढ़कर 576 हो गई, जो AY2025 में 415 थी। AY2022 की तुलना में यह संख्या चार गुना से अधिक हो चुकी है।
₹1 करोड़ से अधिक आय वाले करदाताओं की संख्या AY2026 में कितनी है?
AY2026 में ₹1 करोड़+ आय वाले करदाताओं की संख्या 5,35,672 रही, जो AY2025 में 4,71,419 थी — यानी सालाना 14% की वृद्धि। AY2022 में यह संख्या 1,93,800 थी, अर्थात चार वर्षों में दोगुने से अधिक हो गई।
SBI रिसर्च ने भारत की GDP वृद्धि दर को लेकर क्या अनुमान लगाया है?
SBI रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 8% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही क्रेडिट ग्रोथ 19.3% रहने की संभावना जताई गई है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना होने का अनुमान है?
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार RBI की FCNR(B) जमा योजना के ज़रिए भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर $707 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
क्या सभी क्षेत्रों में समान आर्थिक मज़बूती दिख रही है?
नहीं, SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार जून तिमाही में हेल्थकेयर, सीमेंट और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में मार्जिन पर दबाव देखा गया। यह दर्शाता है कि शीर्ष आय वर्ग की मज़बूत वृद्धि के बावजूद कॉरपोरेट जगत में प्रदर्शन एकसमान नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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