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आईएन-स्पेस ने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड के तहत 3 अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को चुना, रॉकेट इंजन से AI तक होगा काम

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आईएन-स्पेस ने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड के तहत 3 अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को चुना, रॉकेट इंजन से AI तक होगा काम

सारांश

आईएन-स्पेस ने TAF योजना के तहत पहले बैच में तीन स्टार्टअप्स को चुना — एस्ट्रोबेस 800 kN रॉकेट इंजन, सैटश्योर AI अर्थ मॉडल 'धारिणी' और टीएम2स्पेस स्टार ट्रैकर विकसित करेंगे। यह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

आईएन-स्पेस ने टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (TAF) के तहत एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज , सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज को वित्तीय सहायता के लिए चुना।
ये तीनों कंपनियाँ TAF के अंतर्गत वित्त पोषण पाने वाली भारतीय गैर-सरकारी अंतरिक्ष संस्थाओं का पहला समूह हैं।
एस्ट्रोबेस (बेंगलुरु) 800 किलोन्यूटन क्षमता का पुन: उपयोग योग्य LOX-LNG रॉकेट इंजन विकसित करेगी।
सैटश्योर (बेंगलुरु) 'धारिणी' नामक AI-आधारित बड़ा पृथ्वी अवलोकन मॉडल बनाएगी, जो कृषि, बुनियादी ढाँचे और आपदा प्रबंधन में उपयोगी होगा।
टीएम2स्पेस (हैदराबाद) छोटे और बड़े उपग्रहों के लिए क्रमशः 'स्टारसेंस लाइट' और 'स्टारसेंस प्रो' स्टार ट्रैकर प्रणाली विकसित करेगी।
चयन प्रक्रिया में इसरो , DPIIT , DST और उद्योग-शैक्षणिक विशेषज्ञ शामिल थे।

इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने 12 जून 2025 को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स — एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज, सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज — को अपनी टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (TAF) योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए चुना है। ये तीनों कंपनियाँ इस योजना के तहत वित्त पोषण पाने वाली भारतीय गैर-सरकारी अंतरिक्ष संस्थाओं (NGE) का पहला समूह बन गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

आधिकारिक बयान के अनुसार, इन स्टार्टअप्स का चयन एक कड़ी बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। चयन समिति में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के साथ-साथ उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और आईएन-स्पेस के विशेषज्ञ शामिल थे। प्राप्त अनेक प्रस्तावों में से इन तीन स्टार्टअप्स को TAF योजना के उद्देश्यों और मानदंडों के अनुरूप पाए जाने पर चुना गया।

तीनों स्टार्टअप्स की परियोजनाएँ

बेंगलुरु स्थित एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों के लिए 800 किलोन्यूटन क्षमता वाला उच्च-थ्रस्ट क्लोज्ड-साइकिल लिक्विड रॉकेट इंजन विकसित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह पुन: उपयोग योग्य LOX-LNG रॉकेट इंजन उच्च दक्षता और मॉड्यूलर संरचना के साथ मध्यम और भारी क्षमता वाले प्रक्षेपण यानों के लिए तैयार किया जाएगा, और अगली पीढ़ी की लॉन्च प्रणालियों के लिए एक व्यावसायिक प्रोपल्शन समाधान के रूप में काम करेगा।

भी बेंगलुरु की स्पेस एनालिटिक्स कंपनी सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 'धारिणी' नामक एक बड़े पृथ्वी अवलोकन मॉडल (Large Observation Model — LOM) का विकास करेगी। विभिन्न उपग्रह और हवाई डेटा सेट पर प्रशिक्षित यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंच कृषि, बुनियादी ढाँचे और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता करेगा।

हैदराबाद स्थित टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड उपग्रहों के लिए स्वदेशी AI-संचालित स्टार ट्रैकर प्रणाली विकसित करेगी। इस परियोजना के तहत छोटे उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस लाइट' और 50 किलोग्राम से अधिक वज़न वाले उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस प्रो' तैयार किए जाएंगे, जो उन्नत प्रकाशिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑनबोर्ड एल्गोरिद्म की मदद से अत्यधिक सटीक दिशा-निर्धारण क्षमता प्रदान करेंगे।

आईएन-स्पेस का नज़रिया

आईएन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका ने कहा कि यह फंड शुरुआती चरण के विकास और व्यावसायिक सफलता के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतर को कम करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, 'ये केवल नवाचारपूर्ण विचार नहीं हैं, बल्कि व्यावहारिक और बाज़ार के लिए तैयार समाधान हैं, जो वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएंगे।'

गौरतलब है कि यह चयन ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत सुधारों की श्रृंखला लागू कर रही है। आईएन-स्पेस ने भारतीय कंपनियों से भविष्य में भी TAF योजना के अनुरूप प्रस्ताव भेजने का आह्वान किया है।

आगे की राह

आईएन-स्पेस चयनित परियोजनाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, निगरानी और चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता जारी करता रहेगा। यह पहला समूह भारत के उभरते निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, बशर्ते कि तकनीकी विकास समयसीमा के भीतर पूरा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — रॉकेट इंजन और AI मॉडल जैसी गहरी तकनीकें विकसित करने में वर्षों और अनिश्चित परिणाम लगते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि चयनित तीनों कंपनियाँ अभी तक व्यावसायिक उत्पाद बाज़ार में नहीं उतरी हैं, और TAF की वित्तीय राशि सार्वजनिक नहीं की गई है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में SpaceX और अन्य स्थापित खिलाड़ियों के सामने भारतीय स्टार्टअप्स को न केवल तकनीकी, बल्कि व्यावसायिक पैमाने की भी चुनौती पार करनी होगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएन-स्पेस का टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (TAF) क्या है?
TAF आईएन-स्पेस की एक वित्तीय सहायता योजना है जो भारतीय गैर-सरकारी अंतरिक्ष कंपनियों को परिवर्तनकारी अंतरिक्ष तकनीकों के विकास के लिए फंडिंग और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करती है। इसका उद्देश्य शुरुआती विकास और व्यावसायिक सफलता के बीच की खाई को पाटना है।
TAF के तहत कौन-से तीन स्टार्टअप्स चुने गए हैं?
बेंगलुरु की एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज, बेंगलुरु की सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और हैदराबाद की टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज को TAF के पहले बैच में चुना गया है। ये तीनों कंपनियाँ इस योजना के तहत वित्त पोषण पाने वाली पहली भारतीय गैर-सरकारी अंतरिक्ष संस्थाएँ हैं।
एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज क्या विकसित करेगी?
एस्ट्रोबेस 800 किलोन्यूटन क्षमता का उच्च-थ्रस्ट क्लोज्ड-साइकिल LOX-LNG लिक्विड रॉकेट इंजन विकसित करेगी, जो पुन: उपयोग योग्य होगा। यह मध्यम और भारी प्रक्षेपण यानों के लिए एक व्यावसायिक प्रोपल्शन समाधान के रूप में काम करेगा।
सैटश्योर की 'धारिणी' परियोजना क्या है और इसका उपयोग कहाँ होगा?
'धारिणी' एक AI-आधारित बड़ा पृथ्वी अवलोकन मॉडल (Large Observation Model) है जिसे सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया विकसित करेगी। यह विभिन्न उपग्रह और हवाई डेटा पर प्रशिक्षित होगा और कृषि, बुनियादी ढाँचे व आपदा प्रबंधन में डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करेगा।
टीएम2स्पेस के 'स्टारसेंस' उत्पाद किन उपग्रहों के लिए हैं?
टीएम2स्पेस दो उत्पाद विकसित करेगी — छोटे उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस लाइट' और 50 किलोग्राम से अधिक वज़न वाले उपग्रहों के लिए 'स्टारसेंस प्रो'। दोनों AI-संचालित स्टार ट्रैकर प्रणालियाँ उन्नत प्रकाशिकी और ऑनबोर्ड एल्गोरिद्म की मदद से सटीक दिशा-निर्धारण क्षमता प्रदान करेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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