12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत बहुध्रुवीय दुनिया का नया आर्थिक केंद्र, FTA से GDP में $170 अरब जुड़ेंगे: ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत बहुध्रुवीय दुनिया का नया आर्थिक केंद्र, FTA से GDP में $170 अरब जुड़ेंगे: ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स

सारांश

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की ताज़ा रिपोर्ट भारत को बहुध्रुवीय दुनिया का उभरता आर्थिक केंद्र बताती है। FTA नेटवर्क से 2035 तक GDP में $170 अरब और एआई से सालाना 0.9% अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान — लेकिन बुनियादी ढाँचे की सीमाएँ और आईटी सेक्टर पर स्वचालन का दबाव बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

मुख्य बातें

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स ने 12 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट जारी कर भारत को बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में प्रमुख आर्थिक केंद्र बताया।
भारत का FTA नेटवर्क 2035 तक GDP में $140 अरब से $170 अरब तक अतिरिक्त योगदान दे सकता है।
एआई से भारत की आर्थिक वृद्धि दर में प्रतिवर्ष 0.9 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी संभव।
प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच पूंजी निवेश मित्र देशों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम — भारत के लिए भू-राजनीतिक स्थिति अनुकूल।
करीब 82 करोड़ भारतीय शहरी वातावरण में; बेहतर नगर प्रशासन से उत्पादकता में बड़ी छलांग संभव।
बुनियादी ढाँचे की सीमाएँ और आईटी क्षेत्र पर स्वचालन का दबाव प्रमुख जोखिम कारक।

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की 12 अक्टूबर 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक पूंजी प्रवाह में बदलाव, भू-राजनीतिक आधार पर बंटते व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विस्तार के बीच भारत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरने की स्थिति में है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत विकास की पुरानी संरचनात्मक बाधाओं को पार करते हुए वैश्विक पूंजी और व्यापार को आकर्षित करने की दिशा में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।

मुक्त व्यापार नेटवर्क और GDP पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का विस्तार होता मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का नेटवर्क 2035 तक GDP में $140 अरब से $170 अरब तक का अतिरिक्त योगदान दे सकता है। विनिर्माण लागत में कटौती और कृषि क्षेत्र से श्रमिकों को उच्च-उत्पादकता वाले क्षेत्रों में स्थानांतरित करने जैसे घरेलू सुधार इन लाभों को और बड़ा बना सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अमेरिका, यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों के साथ व्यापार वार्ताओं को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है, जो संभावित रूप से निर्यात आधार को व्यापक बना सकती हैं।

एआई से आर्थिक वृद्धि में सालाना 0.9% की बढ़त संभव

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि एआई भारत की आर्थिक वृद्धि दर में प्रतिवर्ष 0.9 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

हालाँकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बुनियादी ढाँचे की मौजूदा सीमाएँ एआई से मिलने वाले लाभ को कुछ हद तक बाधित कर सकती हैं। विशेष रूप से, भारत का आईटी सेवा क्षेत्र एक दोहरी चुनौती का सामना करेगा — एआई जहाँ कंपनियों को उच्च मूल्य वाली सेवाओं की ओर ले जा सकता है, वहीं स्वचालन कम लागत वाले श्रम-आधारित व्यापार मॉडल पर दबाव डाल सकता है।

वैश्विक पूंजी प्रवाह: राजनीतिक ध्रुवीकरण और अवसर

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री टॉम ऑर्लिक के अनुसार, वैश्विक पूंजी प्रवाह अब पहले की तुलना में अधिक केंद्रित और राजनीतिक रूप से निर्देशित होता जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच पूंजी निवेश मित्र देशों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम है।

गौरतलब है कि निवेश का बड़ा हिस्सा अब एआई और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों की ओर प्रवाहित हो रहा है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वह अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र की मजबूत माँग और विभिन्न देशों के निवेश प्रोत्साहनों के बीच वैश्विक पूंजी को आकर्षित करने की अपनी गति बनाए रखे।

शहरीकरण: 82 करोड़ की शक्ति

रिपोर्ट में भारत के तेज़ शहरीकरण को एक बड़ी संरचनात्मक ताकत के रूप में रेखांकित किया गया है। आँकड़ों के अनुसार, करीब 82 करोड़ भारतीय शहरी वातावरण में रहते हैं। यदि नगर प्रशासन, बुनियादी ढाँचे और भूमि उपयोग नियोजन को और सुदृढ़ किया जाए, तो यह विशाल शहरी आबादी उत्पादकता वृद्धि का एक प्रमुख स्रोत बन सकती है।

आगे देखें तो भारत की क्षमता का वास्तविक परीक्षण इस बात पर निर्भर करेगा कि नीति-निर्माता एफटीए की संभावनाओं, एआई के अनुकूलन और शहरी विस्तार को एक साझा रणनीतिक ढाँचे में कितनी कुशलता से पिरो पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन $140-$170 अरब के GDP लाभ का अनुमान कई 'यदि' पर टिका है — FTA का सफल क्रियान्वयन, श्रम बाज़ार में लचीलापन और बुनियादी ढाँचे में निवेश। आईटी सेवा क्षेत्र पर एआई के दोधारी असर की बात रिपोर्ट में स्वीकार की गई है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस पहलू को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है — जबकि यही क्षेत्र लाखों मध्यवर्गीय नौकरियों की रीढ़ है। 2047 के विकसित भारत लक्ष्य की दिशा में एआई एक उत्प्रेरक हो सकता है, परंतु बिना डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विस्तार और कौशल-उन्नयन के बड़े कार्यक्रम के, यह लाभ केवल कुछ महानगरों तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की भारत रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स की 12 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, FTA नेटवर्क के विस्तार, एआई अपनाने और शहरीकरण से भारत को बड़े आर्थिक लाभ मिल सकते हैं।
भारत के FTA नेटवर्क से GDP को कितना फायदा होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का विस्तार होता FTA नेटवर्क 2035 तक देश की GDP में $140 अरब से $170 अरब तक का अतिरिक्त योगदान दे सकता है। यह लाभ घरेलू विनिर्माण सुधारों और श्रम पुनर्वितरण से और बढ़ सकता है।
एआई भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करेगा?
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई भारत की आर्थिक वृद्धि दर में हर साल 0.9 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है। हालाँकि, बुनियादी ढाँचे की सीमाएँ इस लाभ को बाधित कर सकती हैं और आईटी सेवा क्षेत्र को स्वचालन से चुनौती भी मिलेगी।
वैश्विक पूंजी प्रवाह में बदलाव से भारत को क्या फायदा है?
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच पूंजी निवेश मित्र देशों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम है, जिससे भारत जैसे तटस्थ और मित्र-राष्ट्र को वैश्विक पूंजी आकर्षित करने का बड़ा अवसर मिलता है। चुनौती अमेरिकी तकनीकी निवेश और अन्य देशों के प्रोत्साहनों के साथ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की है।
भारत के शहरीकरण को रिपोर्ट में क्यों अहम बताया गया?
रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 82 करोड़ भारतीय शहरी वातावरण में रहते हैं। यदि नगर प्रशासन, बुनियादी ढाँचे और भूमि उपयोग नियोजन को मजबूत किया जाए, तो यह विशाल शहरी आबादी उत्पादकता वृद्धि का सबसे बड़ा स्रोत बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले