2026 में भारत में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग में बढ़ोतरी, जीसीसी से मिलेगा नया बल

Click to start listening
2026 में भारत में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग में बढ़ोतरी, जीसीसी से मिलेगा नया बल

सारांश

भारत के ऑफिस मार्केट में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग 2026 में 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुँचने का अनुमान है। इस वृद्धि में जीसीसी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। जानें, क्या है इस रिपोर्ट में खास।

Key Takeaways

  • 2026 में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुँचने की संभावना।
  • जीसीसी की भूमिका 30-35 मिलियन वर्ग फुट लीजिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण।
  • बेंगलुरु कार्यालय बाजार में अग्रणी शहर बना रहेगा।
  • फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों की वार्षिक लीजिंग 15-18 मिलियन वर्ग फुट तक पहुँचने की उम्मीद।
  • आरईआईटी के माध्यम से वाणिज्यिक रियल एस्टेट का लोकतंत्रीकरण।

बेंगलुरु, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के ऑफिस मार्केट में इस वर्ष मजबूत वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, और ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, आपूर्ति 60-65 मिलियन स्क्वायर फीट रहने की संभावना है। यह जानकारी मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।

कोलियर्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पारंपरिक बैक-ऑफिस से आगे बढ़कर इनोवेशन आधारित, क्षेत्र केंद्रित और तकनीकी रूप से एकीकृत केंद्रों में विकसित हो गए हैं और यह 2026 में 30-35 मिलियन वर्ग फुट लीजिंग को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार हैं, जो कि ग्रेड ए कार्यालय की मांग का 40-50 प्रतिशत होगा।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे विविध क्षेत्रों में जीसीसी की भूमिका और भी मजबूत होने की संभावना है।

यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 में बेंगलुरु भारतीय ऑफिस बाजार में अग्रणी बना रहेगा, और यह शहर कुल लीजिंग गतिविधि और आपूर्ति वृद्धि में लगभग एक तिहाई का योगदान देगा।

इसके अलावा, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर में 2026 में 10 मिलियन वर्ग फुट से अधिक की मांग और नई आपूर्ति की उम्मीद है, जो कि भारतीय कार्यालय बाजार में इन शहरों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक, भारत का ग्रेड ए ऑफिस स्टॉक 1 बिलियन वर्ग फुट के आंकड़े को आसानी से पार कर जाएगा।

इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत मांग के चलते प्रमुख शहरों में औसत रिक्तता स्तर में कमी आने की संभावना है, जबकि औसत किराया और भी बढ़ेगा।

कोलियर्स इंडिया के ऑफिस सर्विसेज के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा ने कहा कि जीसीसी के विस्तार, फ्लेक्स स्पेस की बढ़ती उपलब्धता, प्रतिभा गलियारों का विस्तार और बढ़ते आधार के कारण ऑफिस स्पेस की मांग में निरंतर वृद्धि होने की संभावना है।

2026 में, फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों द्वारा वार्षिक लीजिंग 15-18 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंचने और कुल लीजिंग गतिविधि का 20-25 प्रतिशत होने की उम्मीद है।

मेहरोत्रा ने आगे कहा कि इन सकारात्मक कारकों के कारण 2026 में ग्रेड ए लीजिंग गतिविधि 70-75 मिलियन वर्ग फुट तक रहने की उम्मीद है, जिससे आने वाले वर्षों में 100 मिलियन वर्ग फुट की वार्षिक मांग की दिशा में एक संभावित रोडमैप तैयार होगा।

2026 और उसके बाद, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) भारत में वाणिज्यिक रियल एस्टेट के लोकतंत्रीकरण को बढ़ावा देंगे, जिससे खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।

कोलियर्स इंडिया के राष्ट्रीय निदेशक और अनुसंधान प्रमुख विमल नादर ने कहा, "इसके अलावा, जो डेवलपर डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्थिरता को लगातार एकीकृत करते हैं, वे दीर्घकालिक रूप से किरायेदारों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होंगे।"

Point of View

भारत का ऑफिस मार्केट तेजी से विकसित हो रहा है। जीसीसी की भूमिका इस विकास में महत्वपूर्ण है। बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत के ऑफिस मार्केट में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग कब बढ़ेगी?
2026 में ग्रेड ए ऑफिस स्पेस की मांग 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुँचने का अनुमान है।
जीसीसी का ऑफिस मार्केट पर क्या प्रभाव होगा?
जीसीसी की भूमिका 2026 में 30-35 मिलियन वर्ग फुट लीजिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण होगी।
बेंगलुरु का ऑफिस मार्केट कैसा रहेगा?
बेंगलुरु भारतीय ऑफिस बाजार में अग्रणी रहेगा, जिसमें कुल लीजिंग गतिविधि का लगभग एक तिहाई योगदान होगा।
क्या फ्लेक्स स्पेस की मांग बढ़ेगी?
जीसीसी के विस्तार और बढ़ती उपलब्धता के कारण फ्लेक्स स्पेस की मांग में वृद्धि होने की संभावना है।
आरईआईटी का ऑफिस मार्केट पर क्या प्रभाव होगा?
आरईआईटी भारत में वाणिज्यिक रियल एस्टेट के लोकतंत्रीकरण को बढ़ावा देंगे, जिससे खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।
Nation Press