भारत में होटल निवेश 2025 में ₹4,700 करोड़ पार, 67% उछाल; टियर-2 और टियर-3 शहर अग्रणी

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भारत में होटल निवेश 2025 में ₹4,700 करोड़ पार, 67% उछाल; टियर-2 और टियर-3 शहर अग्रणी

सारांश

भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने 2025 में निवेश का नया रिकॉर्ड बनाया — 28 सौदों में $56.7 करोड़ डॉलर, 67% की छलांग। खास बात यह है कि मेट्रो नहीं, बल्कि ऋषिकेश से लेकर वडोदरा तक के टियर-2 और टियर-3 शहर इस उछाल के असली इंजन बने।

मुख्य बातें

जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत का होटल निवेश $56.7 करोड़ डॉलर रहा — पिछले वर्ष की तुलना में 67% की वृद्धि।
कुल 28 सौदे हुए; संस्थागत पूंजी व प्राइवेट इक्विटी की हिस्सेदारी 35% , HNI व फैमिली ऑफिस की 27% ।
टियर-2 और टियर-3 शहरों ने कुल निवेश का 40% हासिल किया; ब्रांडेड होटल साइनिंग्स में इनकी हिस्सेदारी 71% ।
लक्जरी होटल्स की सौदों में हिस्सेदारी 42% , अपस्केल की 41% ; 69% सौदे संचालित संपत्तियों से जुड़े।
2026 की पहली तिमाही में निवेश $18.5 करोड़ डॉलर — वर्ष-दर-वर्ष 58% की बढ़त।
यशोभूमि , जेवर हवाई अड्डा , हैदराबाद नियोपोलिस और चेन्नई फिनटेक सिटी प्रमुख रणनीतिक निवेश क्षेत्र।

भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने वर्ष 2025 में निवेश के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। जेएलएल इंडिया की 18 मई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, कुल 28 सौदों के माध्यम से होटल निवेश $56.7 करोड़ डॉलर तक पहुँचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। यह आँकड़ा भारतीय हॉस्पिटैलिटी बाज़ार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और क्षेत्र की मजबूत बुनियाद को रेखांकित करता है।

निवेश के स्रोत: विविधता और मजबूती

रिपोर्ट के अनुसार, कुल निवेश में संस्थागत पूंजी और प्राइवेट इक्विटी की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत रही। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) और फैमिली ऑफिस ने 27 प्रतिशत योगदान दिया, जबकि सूचीबद्ध होटल कंपनियों की भागीदारी 25 प्रतिशत रही।

यह संरचना दर्शाती है कि होटल सेक्टर में पूँजी-प्रवाह अब किसी एक वर्ग पर निर्भर नहीं रहा — बल्कि संस्थागत, घरेलू और निजी निवेशकों का समन्वय इसे टिकाऊ बना रहा है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों का उभरता दबदबा

टियर-2 और टियर-3 शहरों ने कुल निवेश का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। ब्रांडेड होटल साइनिंग्स में इन उभरते शहरों की हिस्सेदारी 71 प्रतिशत रही — जो महानगरों से परे विस्तार की स्पष्ट प्रवृत्ति को दर्शाता है।

इन शहरों में प्रमुख निवेश गंतव्यों में ऋषिकेश के लक्जरी रिसॉर्ट, गोवा की अपर-अपस्केल प्रॉपर्टी, और लुधियाना, नासिक, वडोदरा, उदयपुर तथा लोनावला जैसे शहरों में अपस्केल और मिड-स्केल होटल शामिल रहे।

लक्जरी और अपस्केल सेगमेंट सबसे सक्रिय

सेगमेंट-वार देखें तो लक्जरी होटल्स की कुल सौदों में हिस्सेदारी 42 प्रतिशत और अपस्केल होटल्स की 41 प्रतिशत रही। उल्लेखनीय यह भी है कि 69 प्रतिशत सौदे उन होटलों से जुड़े थे जो पहले से संचालन में थे और आय उत्पन्न कर रहे थे — जो निवेशकों की जोखिम-सतर्कता और तत्काल रिटर्न की प्राथमिकता को दर्शाता है।

सरकारी पहलें और रणनीतिक क्षेत्र

रिपोर्ट में सरकार की कई पहलों को होटल निवेश के लिए उत्प्रेरक बताया गया है। एयरपोर्ट्स पर भूमि मुद्रीकरण और सरकारी नीलामियाँ नए अवसर खोल रही हैं। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यशोभूमि (आईआईसीसी), हैदराबाद का नियोपोलिस, चेन्नई का फिनटेक सिटी और नोएडा का जेवर हवाई अड्डा प्रमुख हैं।

2026 की पहली तिमाही में भी तेज़ी जारी

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में होटल निवेश $18.5 करोड़ डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के $11.7 करोड़ डॉलर की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत देता है कि 2025 की गति 2026 में भी बरकरार है।

जेएलएल इंडिया के होटल्स और एशिया होटल्स कैपिटल मार्केट्स के वरिष्ठ निदेशक गौरव शर्मा ने कहा कि भारत का होटल निवेश बाज़ार अब निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत बाज़ार क्षमता को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली होटल संपत्तियों की सीमित उपलब्धता के कारण गुणवत्तापूर्ण होटलों की माँग निवेशकों के बीच अधिक है।

रिपोर्ट का अनुमान है कि सरकार की सहायक नीतियाँ, भूमि मुद्रीकरण योजनाएँ और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास आने वाले वर्षों में होटल निवेश के नए अवसर सृजित करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी भूगोल में है — टियर-2 और टियर-3 शहरों का 40% हिस्सा और ब्रांडेड साइनिंग्स में 71% योगदान बताता है कि भारतीय पर्यटन की माँग अब महानगरों से बाहर फैल चुकी है। हालाँकि, 69% सौदों का संचालित संपत्तियों पर केंद्रित होना यह भी संकेत देता है कि नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में जोखिम-भूख अभी सीमित है। यशोभूमि और जेवर जैसे सरकार-संचालित क्षेत्रों पर निर्भरता बताती है कि निजी निवेश को अभी भी नीतिगत संरचना की ज़रूरत है — और यही भारतीय हॉस्पिटैलिटी बाज़ार की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में भारत का होटल निवेश कितना रहा?
जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत का होटल निवेश 28 सौदों के माध्यम से $56.7 करोड़ डॉलर तक पहुँचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है।
होटल निवेश में किन शहरों ने सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी ली?
टियर-2 और टियर-3 शहरों ने कुल निवेश का करीब 40 प्रतिशत हासिल किया। ऋषिकेश, गोवा, लुधियाना, नासिक, वडोदरा, उदयपुर और लोनावला जैसे शहर प्रमुख निवेश गंतव्य रहे।
2026 की पहली तिमाही में होटल निवेश की क्या स्थिति रही?
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में होटल निवेश $18.5 करोड़ डॉलर रहा, जो 2025 की समान अवधि के $11.7 करोड़ डॉलर की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है। यह दर्शाता है कि 2025 की तेज़ी 2026 में भी जारी है।
होटल निवेश में किस सेगमेंट का दबदबा रहा?
लक्जरी होटल्स की कुल सौदों में हिस्सेदारी 42 प्रतिशत और अपस्केल होटल्स की 41 प्रतिशत रही। 69 प्रतिशत सौदे पहले से संचालित और आय देने वाली संपत्तियों से जुड़े थे।
सरकारी पहलें होटल निवेश को कैसे बढ़ावा दे रही हैं?
एयरपोर्ट्स पर भूमि मुद्रीकरण और सरकारी नीलामियाँ नए निवेश अवसर खोल रही हैं। यशोभूमि (आईआईसीसी), हैदराबाद नियोपोलिस, चेन्नई फिनटेक सिटी और नोएडा का जेवर हवाई अड्डा प्रमुख रणनीतिक क्षेत्र हैं जहाँ होटल विकास की संभावनाएँ मज़बूत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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