ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत दूसरे स्थान पर, 2020-2030 में 14.1% हिस्सेदारी: Fundamental रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली: वर्ष 2020 से 2030 के बीच वैश्विक निर्माण (कंस्ट्रक्शन) वृद्धि में योगदान के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है — यह जानकारी जर्मनी की वेंचर कैपिटल फर्म Fundamental की 9 जून 2026 को जारी रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दशक में ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी 14.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चीन (26.1%) के बाद दूसरे स्थान पर है।
भारत और चीन की संयुक्त हिस्सेदारी
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2020-2030 के दौरान ग्लोबल कंस्ट्रक्शन ग्रोथ में भारत और चीन की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रहेगी। इसके अलावा, पूंजीगत खर्च तेज़ी से पाँच प्रमुख देशों — भारत, चीन, अमेरिका, जर्मनी और फ्रांस — में केंद्रित होता जा रहा है। अमेरिका 11.1 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है।
वैश्विक कंस्ट्रक्शन बाज़ार का आकार
2024 में दुनिया भर में कंस्ट्रक्शन पर कुल खर्च $15.97 ट्रिलियन तक पहुँच गया। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2028 तक यह बढ़कर $19.86 ट्रिलियन हो जाएगा, जो 5.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाता है। गौरतलब है कि 1960 के बाद से वैश्विक सकल अचल पूंजी निर्माण में लगभग 30 गुना बढ़ोतरी हो चुकी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत की रफ़्तार
इंफ्रास्ट्रक्शन वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला कंस्ट्रक्शन सेक्टर है, जो 2020-2025 के बीच 5.1 प्रतिशत CAGR से बढ़ा है। भारत में यह रफ़्तार कहीं अधिक है — देश के इंफ्रास्ट्रक्चर बाज़ार के इस दशक के अंत तक सालाना लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत से काफी ऊपर है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक विकास, ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल रूपांतरण और शहरीकरण जैसे कई दीर्घकालिक विकास रुझानों से एक साथ लाभ उठाने की स्थिति में है।
डेटा सेंटर: नया उभरता क्षेत्र
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग की माँग के कारण ग्लोबल डेटा सेंटर कंस्ट्रक्शन मार्केट 2018 के मुकाबले 2030 तक दोगुना हो जाएगा। Fundamental के को-फाउंडर और जनरल पार्टनर शुभंकर भट्टाचार्य के अनुसार, 'डेटा सेंटर कंस्ट्रक्शन 2030 तक ग्लोबल कंस्ट्रक्शन मार्केट में 10 से 15 प्रतिशत तक का योगदान दे सकता है।'
विशेषज्ञ की राय
भट्टाचार्य ने कहा, 'ग्लोबल कंस्ट्रक्शन पर होने वाला खर्च पहले के अनुमानों से कहीं अधिक हो गया है और इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज़, एनर्जी सिस्टम, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं।' यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार अपने पूंजीगत व्यय को लगातार बढ़ा रही है और बुनियादी ढाँचे में निवेश को विकास का मुख्य इंजन बना रही है।