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FCNR(B) डिपॉजिट पर SBI, यस बैंक ने ब्याज दर बढ़ाकर 6.60% की, RBI के उपायों के बाद NRI निवेशकों को बड़ा फायदा

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FCNR(B) डिपॉजिट पर SBI, यस बैंक ने ब्याज दर बढ़ाकर 6.60% की, RBI के उपायों के बाद NRI निवेशकों को बड़ा फायदा

सारांश

RBI की नियामक ढील के बाद SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक ने FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट पर ब्याज दर 3.35% से बढ़ाकर 6.60% तक कर दी है — यानी लगभग दोगुनी। यह NRI निवेशकों के लिए बड़ा अवसर है और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

SBI , बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक ने FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट पर ब्याज दर बढ़ाकर 6.60 प्रतिशत सालाना तक कर दी।
इससे पहले लंबी अवधि के डॉलर FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दर लगभग 3.35 प्रतिशत थी।
SBI की FCNR(B) एडवांटेज स्कीम में 10 लाख डॉलर तक की जमा पर 5 वर्ष के लिए 5.75% और उससे अधिक राशि पर 6% ब्याज।
यस बैंक ने प्रमुख बैंकों में सर्वाधिक 6.60% की दर की घोषणा की, जो गुरुवार से प्रभावी है।
RBI ने FCNR(B) और विदेशी कर्ज नियमों में ढील दी, जिससे बैंकों के लिए NRI फंड जुटाना आसान हुआ।
नई दरों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाना और भारतीय रुपये को समर्थन देना है।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक सहित देश के शीर्ष बैंकों ने फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट — FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दरें उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दी हैं, जिसमें अमेरिकी डॉलर जमा पर अधिकतम 6.60 प्रतिशत सालाना ब्याज की पेशकश की जा रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा आकर्षित करने के लिए हाल ही में उठाए गए नियामक कदमों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले लंबी अवधि के डॉलर FCNR(B) डिपॉजिट पर ब्याज दर लगभग 3.35 प्रतिशत थी — यानी महज कुछ हफ्तों में दर लगभग दोगुनी हो गई है।

SBI की नई FCNR(B) एडवांटेज स्कीम

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, SBI ने FCNR(B) एडवांटेज डिपॉजिट स्कीम लॉन्च की है। इस स्कीम के तहत 10 लाख डॉलर तक की जमा राशि पर अवधि के अनुसार ब्याज दरें इस प्रकार हैं: 3 से 4 वर्ष के लिए 5.25 प्रतिशत, 4 से 5 वर्ष के लिए 5.50 प्रतिशत, और 5 वर्ष की पूर्ण अवधि के लिए 5.75 प्रतिशत

10 लाख डॉलर से अधिक की जमा राशि पर SBI पाँच वर्ष की अवधि के लिए 6 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। बैंक के अनुसार, इस स्कीम में पहले वर्ष के भीतर निकासी की अनुमति नहीं है। एक वर्ष के बाद लेकिन तीन वर्ष से पहले निकासी करने पर जमा की वास्तविक अवधि के लिए 3.50 प्रतिशत ब्याज देय होगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा की बहु-मुद्रा पेशकश

बैंक ऑफ बड़ौदा ने न केवल अमेरिकी डॉलर, बल्कि ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, यूरो, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और कैनेडियन डॉलर जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं के लिए भी FCNR(B) दरों में संशोधन किया है। यूएस डॉलर डिपॉजिट पर 6 प्रतिशत, पाउंड स्टर्लिंग और ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर 4.75 प्रतिशत, कैनेडियन डॉलर पर 5.15 प्रतिशत और यूरो पर 3.75 प्रतिशत तक ब्याज अर्जित किया जा सकता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यकारी निदेशक बीना वाहीद ने कहा कि RBI के हालिया उपायों ने बैंकों के लिए NRI समुदाय को अपनी FCNR(B) पेशकशें मज़बूत करने का अनुकूल माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा, 'यह कदम FCNR(B) डिपॉजिट को आकर्षित करने और भारतीय रुपये को मज़बूत करने के मकसद से उठाया गया एक सोच-समझकर और कई स्तरों पर किया गया उपाय है।'

यस बैंक की सर्वोच्च दर — 6.60 प्रतिशत

प्रमुख बैंकों में यस बैंक ने सबसे ऊँची FCNR(B) दरों की घोषणा की है। गुरुवार से लागू नए ढाँचे के अनुसार, 3 से 4 वर्ष की अवधि पर 6.50 प्रतिशत, 4 से 5 वर्ष की अवधि पर 6.55 प्रतिशत और 5 वर्ष की पूर्ण अवधि पर 6.60 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा — जो इस श्रेणी में किसी भी बड़े बैंक की अब तक की सबसे ऊँची पेशकश है।

RBI की नीतिगत पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब RBI ने हाल ही में FCNR(B) डिपॉजिट और विदेशी कर्ज से जुड़े नियमों में ढील दी है, जिससे बैंकों को NRI से विदेशी मुद्रा फंड जुटाने में अधिक सुविधा होगी। गौरतलब है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये की स्थिरता नीति-निर्माताओं की प्राथमिकता रही है। आलोचकों का कहना है कि ऊँची FCNR(B) दरें NRI प्रेषण को प्रोत्साहित करती हैं, लेकिन घरेलू बचत दरों के साथ असंतुलन भी पैदा कर सकती हैं।

NRI निवेशकों और अर्थव्यवस्था पर असर

नई दरों से बैंकों को NRI से अधिक विदेशी मुद्रा डिपॉजिट आकर्षित करने में मदद मिलेगी, जिससे देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को सहारा मिलेगा और विदेशी मुद्रा प्रवाह मज़बूत होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम रुपये पर दबाव कम करने और चालू खाता घाटे को संतुलित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में अन्य बैंकों के भी इसी दिशा में कदम उठाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव होते ही बैंक पीछे हट जाएंगे — जैसा 2013-14 के FCNR(B) अभियान के बाद हुआ था। घरेलू FD निवेशकों के लिए यह असंतुलन भी एक राजनीतिक संवेदनशीलता है, जिसे नीति-निर्माता अनदेखा नहीं कर सकते।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FCNR(B) डिपॉजिट क्या है और यह NRI के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
FCNR(B) यानी फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) डिपॉजिट एक ऐसी स्कीम है जिसमें अनिवासी भारतीय (NRI) विदेशी मुद्रा में — जैसे डॉलर, पाउंड या यूरो — भारतीय बैंकों में जमा कर सकते हैं और परिपक्वता पर उसी मुद्रा में वापस पा सकते हैं। इसमें विनिमय दर का जोखिम NRI को नहीं उठाना पड़ता, जो इसे विशेष रूप से आकर्षक बनाता है।
अभी FCNR(B) डॉलर डिपॉजिट पर कितना ब्याज मिल रहा है?
यस बैंक ने 5 वर्ष की अवधि पर सर्वाधिक 6.60 प्रतिशत सालाना ब्याज की घोषणा की है। SBI 5 वर्ष पर 10 लाख डॉलर से अधिक जमा के लिए 6 प्रतिशत और बैंक ऑफ बड़ौदा डॉलर जमा पर 6 प्रतिशत तक दे रहा है।
RBI ने FCNR(B) नियमों में क्या बदलाव किए हैं?
RBI ने हाल ही में FCNR(B) डिपॉजिट और विदेशी कर्ज से जुड़े नियमों में ढील दी है, जिससे बैंकों के लिए NRI से विदेशी मुद्रा फंड जुटाना आसान हो गया है। इन बदलावों का मकसद देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाना और रुपये को स्थिरता देना है।
SBI की FCNR(B) एडवांटेज स्कीम में पैसे निकालने के क्या नियम हैं?
SBI की इस स्कीम में पहले वर्ष के भीतर निकासी की अनुमति नहीं है। एक वर्ष के बाद लेकिन तीन वर्ष से पहले निकासी पर जमा की वास्तविक अवधि के लिए 3.50 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा किन मुद्राओं में FCNR(B) डिपॉजिट स्वीकार कर रहा है?
बैंक ऑफ बड़ौदा अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, यूरो, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और कैनेडियन डॉलर में FCNR(B) डिपॉजिट स्वीकार कर रहा है। इनमें से डॉलर जमा पर सर्वाधिक 6 प्रतिशत और यूरो जमा पर 3.75 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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