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मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में शामिल: कोलियर्स रिपोर्ट

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मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में शामिल: कोलियर्स रिपोर्ट

सारांश

कोलियर्स इंडिया की ताज़ा रिपोर्ट ने भारत की वैश्विक वित्तीय महत्वाकांक्षा को नई पहचान दी है — मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में शामिल हैं। एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स में भी भारतीय शहरों का दबदबा, और BFSI सेक्टर की ऑफिस माँग अगले कुछ वर्षों में 15–20% तक पहुँचने का अनुमान।

मुख्य बातें

मुंबई , दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु को कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट में दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में स्थान मिला।
मुंबई को 'ग्लोबल सेंटर', दिल्ली एनसीआर को 'रणनीतिक केंद्र' और बेंगलुरु , चेन्नई , हैदराबाद , पुणे को 'डोमेस्टिक और ऑपरेशनल सेंटर' की श्रेणी दी गई।
एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स में बेंगलुरु , मुंबई और पुणे ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए।
BFSI सेक्टर की हिस्सेदारी भारत की कुल ऑफिस माँग में अगले कुछ वर्षों में 15–20 प्रतिशत तक पहुँचने का अनुमान।
भारतीय शहर डिजिटल बैंकिंग , AI और डेटा एनालिटिक्स में वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।

मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु को दुनिया के शीर्ष 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में स्थान मिला है — यह जानकारी रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कोलियर्स इंडिया की 11 जून 2026 को जारी रिपोर्ट में सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, भारत श्रम की उपलब्धता, टैलेंट पाइपलाइन, वेंचर कैपिटल फंडिंग और इंडस्ट्री आउटपुट जैसे प्रमुख मानकों पर मजबूत स्थिति में है।

किस शहर को कौन-सी श्रेणी मिली

कोलियर्स की रिपोर्ट ने भारतीय शहरों को उनकी भूमिका के आधार पर वर्गीकृत किया है। मुंबई को बड़े अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के साथ-साथ प्रमुख 'ग्लोबल सेंटर' की श्रेणी में रखा गया है, जबकि दिल्ली एनसीआर एक महत्वपूर्ण 'रणनीतिक केंद्र' के रूप में उभरा है। वहीं, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे को दुनिया के अग्रणी 'डोमेस्टिक और ऑपरेशनल सेंटर्स' के रूप में पहचाना गया है।

एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स में भारत का दबदबा

रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स रैंकिंग में बेंगलुरु, मुंबई और पुणे ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए हैं। टैलेंट की उपलब्धता और क्षमता के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे आगे बना हुआ है। दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु इस क्षेत्र में फाइनेंशियल सर्विस टैलेंट के लिए सबसे मज़बूत बाज़ारों में गिने जाते हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

कोलियर्स इंडिया में ऑफिस सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मल्होत्रा ने कहा, "बेहतरीन टैलेंट, टेक्नोलॉजी की जानकारी और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता के दम पर भारत तेज़ी से ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस हब के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे कंपनियाँ पारंपरिक ग्लोबल फाइनेंशियल हेडक्वार्टर और डिलीवरी सेंटरों से आगे देख रही हैं, भारतीय शहर रणनीतिक और हाई-वैल्यू वाले कारोबारी कामों में सहयोग के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

ऑफिस स्पेस की माँग पर असर

मल्होत्रा के अनुसार, प्रमुख वैश्विक और घरेलू बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (BFSI) कंपनियों द्वारा ऑफिस स्पेस की बढ़ती माँग के चलते अगले कुछ वर्षों में भारत में कुल ऑफिस माँग में इस सेक्टर की हिस्सेदारी 15–20 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब फाइनेंशियल सर्विस कंपनियाँ टैलेंट तक पहुँच, लागत प्रतिस्पर्धा और तकनीकी बदलावों के बीच अपनी लोकेशन रणनीतियों पर पुनर्विचार कर रही हैं।

डिजिटल और AI क्षेत्र में बढ़ती भूमिका

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फाइनेंशियल सर्विस इकोसिस्टम लगातार विविधतापूर्ण होता जा रहा है। शहर अपनी फ्रंट-ऑफिस क्षमताओं को मज़बूत कर रहे हैं और डिजिटल बैंकिंग, रिस्क मैनेजमेंट, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि यह बदलाव भारत को महज़ बैक-ऑफिस केंद्र से आगे ले जाकर वैश्विक वित्तीय निर्णय-प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'टैलेंट हब' की पहचान कब 'डिसीज़न-मेकिंग हब' में तब्दील होगी। अभी तक भारतीय शहर मुख्यतः बैक-ऑफिस और ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं — फ्रंट-ऑफिस और हाई-वैल्यू फंक्शन अब भी लंदन, न्यूयॉर्क और सिंगापुर में केंद्रित हैं। BFSI ऑफिस माँग का 15–20% अनुमान उत्साहजनक है, पर यह रियल एस्टेट विस्तार है — रोज़गार की गुणवत्ता और वेतन स्तर का कोई स्वतंत्र आकलन रिपोर्ट में नहीं है। जब तक नीति-निर्माता वीज़ा, डेटा-लोकलाइज़ेशन और नियामक ढाँचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं बनाते, तब तक यह रैंकिंग संभावना का प्रतिबिंब है, उपलब्धि का नहीं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट में किन भारतीय शहरों को टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में शामिल किया गया?
कोलियर्स इंडिया की 11 जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में शामिल हैं। इसके अलावा चेन्नई, हैदराबाद और पुणे को भी प्रमुख 'डोमेस्टिक और ऑपरेशनल सेंटर' के रूप में पहचाना गया है।
एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग कैसी है?
रिपोर्ट के अनुसार एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स में बेंगलुरु, मुंबई और पुणे ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए हैं। टैलेंट की उपलब्धता और क्षमता के मामले में भारत पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे आगे बताया गया है।
भारत में BFSI सेक्टर की ऑफिस स्पेस माँग पर इस रिपोर्ट का क्या कहना है?
कोलियर्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मल्होत्रा के अनुसार अगले कुछ वर्षों में भारत की कुल ऑफिस माँग में BFSI सेक्टर की हिस्सेदारी 15–20 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। यह वृद्धि वैश्विक और घरेलू बैंकिंग व बीमा कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति से प्रेरित है।
मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु को किस श्रेणी में रखा गया है?
रिपोर्ट के अनुसार मुंबई को 'ग्लोबल सेंटर', दिल्ली एनसीआर को 'रणनीतिक केंद्र' और बेंगलुरु को 'डोमेस्टिक और ऑपरेशनल सेंटर' की श्रेणी दी गई है। यह वर्गीकरण प्रत्येक शहर की टैलेंट क्षमता, कारोबारी भूमिका और वैश्विक जुड़ाव के आधार पर किया गया है।
भारत का फाइनेंशियल सर्विस इकोसिस्टम किन नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शहर डिजिटल बैंकिंग, रिस्क मैनेजमेंट, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव भारत को पारंपरिक बैक-ऑफिस भूमिका से आगे ले जाकर हाई-वैल्यू वित्तीय कार्यों में सक्रिय भागीदार बना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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