ईरान संघर्ष: भारतीय एयरलाइंस ने पश्चिम एशिया से 50 उड़ानों की योजना बनाई
सारांश
Key Takeaways
- ईरान युद्ध के कारण 50 उड़ानों की योजना बनाई गई।
- भारतीय एयरलाइंस की प्रमुख कंपनियाँ इसमें शामिल हैं।
- यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
- टिकट की कीमतों की निगरानी की जा रही है।
- एयर इंडिया द्वारा अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित की जाएंगी।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार के अनुसार, ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया क्षेत्र के हवाई अड्डों से भारतीय एयरलाइंस द्वारा 50 आने वाली उड़ानों की योजना बनाई गई है। ये उड़ानें ऑपरेशन की क्षमता और वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर संचालित की जाएंगी।
भारतीय एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा से उड़ानें संचालित करने के लिए तैयार हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, जो भारत और पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है।
मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "उड़ान कंपनियां मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संचालन समायोजन कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उड़ानों का व्यवस्थित संचालन किया जा सके।"
7 मार्च को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र से भारत के लिए 51 इनबाउंड उड़ानें भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित की गई थीं, जिनमें 8,175 यात्री भारत पहुंचे।
8 मार्च को भी भारतीय एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के हवाई अड्डों से 49 इनबाउंड उड़ानों की योजना बनाई थी।
मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय एयरलाइंस अन्य हवाई अड्डों की स्थिति का लगातार मूल्यांकन कर रही हैं ताकि इन स्थानों से अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें। मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय में है।
इसके साथ ही, टिकट की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कीमतें उचित बनी रहें और इस अवधि में अनावश्यक वृद्धि न हो।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित एयरलाइंस से उड़ानों के शेड्यूल के नवीनतम अपडेट लेते रहें। मंत्रालय स्थिति पर निगरानी जारी रखेगा और आवश्यक होने पर आगे अपडेट जारी करेगा।
इसी बीच, एयर इंडिया ने घोषणा की है कि वह 10 मार्च से 18 मार्च 2026 के बीच नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी, ताकि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति में यात्रियों की सहायता की जा सके।
कंपनी ने कहा है कि वह न्यूयॉर्क (जेएफके), लंदन (हीथ्रो), फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए अतिरिक्त क्षमता तैनात कर रही है, जिससे दोनों दिशाओं में 17,660 सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन उड़ानों में दिल्ली–न्यूयॉर्क, दिल्ली–लंदन, मुंबई–लंदन शामिल हैं, जिससे जब यात्रा विकल्प सीमित हों, तब यात्रियों के लिए आवश्यक क्षमता बढ़ाई जा सके।
इसके अलावा, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, माले और कोलंबो से दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित होंगी।