सेंसेक्स 73,049 पर सपाट खुला, आईटी सेक्टर में 1% बढ़त; निफ्टी में मामूली गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स बुधवार, 14 अक्टूबर को 73,049.76 पर सपाट खुला — पिछले बंद स्तर 73,033.78 से मात्र 15.98 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ — जबकि निफ्टी 50 22,715.75 पर खुलकर 6.20 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट में रहा। वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों और घरेलू नीतिगत उम्मीदों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख बनाए रखा।
बाजार का प्रारंभिक परिदृश्य
यह कारोबारी सत्र पिछले दिन की 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़त के बाद आया, जिसे विश्लेषकों ने मुख्यतः शॉर्ट कवरिंग गतिविधियों का परिणाम बताया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार की वह तेजी एक कमजोर और गिरावट वाले बाजार में अप्रत्याशित थी।
व्यापक बाजारों में दबाव रहा। निफ्टी स्मॉल कैप 100 इंडेक्स 0.15 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी मिड कैप इंडेक्स में 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी आईटी सत्र का सबसे मजबूत सेक्टर रहा और 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाला क्षेत्र बना। इसके बाद निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी एफएमसीजी में 0.38 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी हरे निशान में कारोबार करते रहे।
दूसरी ओर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.67 प्रतिशत लुढ़का। हेल्थकेयर से जुड़े सूचकांकों पर भी दबाव रहा और इनमें 0.6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी पीएसयू बैंक भी दबाव में कारोबार करता नजर आया। निफ्टी50 में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और बीएसई सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।
नीतिगत उम्मीदों और रुपये की मजबूती का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार की तेजी की एक बड़ी वजह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वह टिप्पणी थी जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर हितधारकों की राय की सावधानीपूर्वक समीक्षा करेगी। इन संकेतों से संभावित नीतिगत बदलावों की उम्मीद बढ़ी और निवेशकों की धारणा को बल मिला।
इसके अलावा, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी नियंत्रित करने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से रुपये को मजबूती मिली। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो कारोबारी सत्रों में रुपया करीब 1.5 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
वैश्विक चुनौतियाँ और तकनीकी स्तर
हालांकि, चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड लगभग 5.2 प्रतिशत पर बनी हुई है और ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 106 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिसे विश्लेषक मौजूदा तेजी की स्थिरता के लिए बड़ी बाधा मानते हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती समूह और सऊदी अरब से जुड़े घटनाक्रम भी आपूर्ति संबंधी अनिश्चितता बनाए हुए हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी ने निफ्टी के 23,200 के स्तर तक पहुँचने की उम्मीदें फिर जगाई हैं। तत्काल सपोर्ट 22,550 के आसपास है, जबकि 22,787 से 22,880 के अवरोध क्षेत्र के ऊपर निर्णायक बढ़त तेजी के रुख को और मजबूत कर सकती है।
आगे क्या देखें
एशियाई बाजार लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद संभलते नजर आए, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी के प्रति कम आक्रामक रुख अपना सकता है। घरेलू मोर्चे पर, निवेशकों की नजर भारत के अगस्त माह के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर भी रहेगी। दूसरी तिमाही के बेहतर परिणामों की उम्मीद के चलते वित्तीय, दूरसंचार, धातु और ऑटोमोबाइल क्षेत्र अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं।