क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में किसान तेजी से इनोवेशन और क्लीन एनर्जी को अपना रहे हैं? : प्रल्हाद जोशी

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क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में किसान तेजी से इनोवेशन और क्लीन एनर्जी को अपना रहे हैं? : प्रल्हाद जोशी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के किसान तेजी से नए तकनीकी उपायों और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाने में आगे बढ़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किसानों की सफलता की कहानी साझा की है, जिसमें सौर ऊर्जा का प्रभावशाली उपयोग शामिल है। यह भारत की रिन्यूएबल एनर्जी में अग्रणी स्थिति को दर्शाता है।

मुख्य बातें

सोलर पैनल से बिजली उत्पादन में वृद्धि किसान ों की सफलता की कहानी भारत का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक होना रिन्यूएबल एनर्जी में ऐतिहासिक उपलब्धि कृषि में स्वच्छ ऊर्जा का योगदान

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय न्यू और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान तेज़ी से इनोवेशन और क्लीन एनर्जी को अपनाने की दिशा में अग्रसर हैं।

केंद्रीय मंत्री ने एक सक्सेस स्टोरी साझा की और बताया कि एक किसान ने खेत में सोलर पैनल लगाकर प्रतिदिन २५,००० यूनिट्स बिजली का उत्पादन किया है। यही नहीं, इन पैनल्स के नीचे खेती भी जारी रखी गई है।

जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ऊपर लगे सौर पैनलों से प्रतिदिन २५,००० यूनिट बिजली पैदा होती है, जबकि नीचे उन्हीं खेतों में हरी-भरी फसलें लहलहाती हैं। यह इस बात का अद्भुत उदाहरण है कि कैसे भारत के किसान प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इनोवेशन और स्वच्छ ऊर्जा को अपना रहे हैं।"

केंद्रीय मंत्री ने पहले बताया कि भारत ने इस वर्ष अप्रैल-सितंबर की अवधि में रिकॉर्ड २५ गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है और लगभग १२५ गीगावाट सौर क्षमता के साथ, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक है।

जोशी ने कहा, "भारत ने अप्रैल-सितंबर २०२५ (वित्त वर्ष २६ की पहली छमाही) में रिकॉर्ड २५ गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़कर स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्जवल और टिकाऊ भविष्य के दृष्टिकोण को दर्शाती है और इसके जरिए देश रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अपनी यात्रा को गति दे रहा है।"

वर्तमान में देश में स्थापित कुल बिजली क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों की हिस्सेदारी ५० प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे भारत ने अपने रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही पूरा कर लिया है।

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) के ८वें सत्र के उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सफलता की कहानी केवल संख्या की नहीं, बल्कि लोगों की है। यह आयोजन २७ से ३० अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी में होने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। किसानों का स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना न केवल कृषि उत्पादन को बढ़ावा देता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। यह भारत की रिन्यूएबल एनर्जी में अग्रणी स्थिति को भी दर्शाता है, जो वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान सोलर पैनल से कितनी बिजली का उत्पादन कर सकते हैं?
किसान सोलर पैनल से प्रतिदिन २५,००० यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं।
भारत का सौर ऊर्जा उत्पादन में कौन सा स्थान है?
भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक है।
किसानों के लिए रिन्यूएबल एनर्जी का क्या महत्व है?
रिन्यूएबल एनर्जी किसानों को स्थायी और स्वच्छ ऊर्जा स्रोत प्रदान करता है, जिससे उनकी फसल उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।
भारत ने कब तक २५ गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी जोड़ी है?
भारत ने अप्रैल-सितंबर २०२५ तक २५ गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी जोड़ी है।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का क्या महत्व है?
आईएसए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
राष्ट्र प्रेस
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