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कोटक महिंद्रा बैंक CEO अशोक वासवानी ने दूसरा कार्यकाल लेने से किया इनकार, बोर्ड ने उत्तराधिकारी खोज शुरू की

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कोटक महिंद्रा बैंक CEO अशोक वासवानी ने दूसरा कार्यकाल लेने से किया इनकार, बोर्ड ने उत्तराधिकारी खोज शुरू की

सारांश

कोटक महिंद्रा बैंक के CEO अशोक वासवानी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए दिसंबर 2026 में कार्यकाल समाप्त होने पर दोबारा नियुक्ति लेने से इनकार कर दिया है। बोर्ड ने उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है, जबकि बैंक का शेयर पिछले एक साल में 7% से अधिक गिर चुका है।

मुख्य बातें

अशोक वासवानी ने 31 दिसंबर 2026 को कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के MD एवं CEO पद पर दोबारा नियुक्ति लेने से इनकार किया।
वासवानी ने जनवरी 2024 में RBI की मंजूरी के बाद यह पद संभाला था; उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया।
बोर्ड ने नए MD एवं CEO की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की; किसी उत्तराधिकारी का नाम अभी सामने नहीं आया।
बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹5,423 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ और ₹7,876 करोड़ की NII दर्ज की।
BSE पर शेयर ₹409 पर बंद; पिछले एक वर्ष में 7% से अधिक की गिरावट।

कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक वासवानी ने 31 दिसंबर 2026 को अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा नियुक्ति न लेने का निर्णय किया है। बैंक ने 27 जून 2026 को रेगुलेटरी फाइलिंग के ज़रिए यह जानकारी दी, जिसके बाद बोर्ड ने नए MD एवं CEO की नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से आरंभ कर दी है।

वासवानी का फैसला और बोर्ड की प्रतिक्रिया

रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, वासवानी ने बोर्ड को सूचित किया कि निजी कारणों से वे कार्यकाल समाप्ति के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं चाहते। बैंक ने अपने बयान में कहा, "बोर्ड ने उनके फैसले का सम्मान किया है और नए मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।" बैंक ने न तो इनकार के विस्तृत कारण बताए और न ही किसी संभावित उत्तराधिकारी का नाम सामने रखा।

गौरतलब है कि यह घोषणा कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने से अधिक पहले की गई है, जिससे बोर्ड को नया नेतृत्व चुनने और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से अनिवार्य नियामकीय मंजूरी प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

वासवानी का कार्यकाल: एक नज़र

अशोक वासवानी ने जनवरी 2024 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के MD एवं CEO का पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹5,423 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) ₹7,876 करोड़ रही।

शेयर बाज़ार पर असर

घोषणा के दिन BSE पर कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर ₹409 प्रति शेयर पर बंद हुआ। बैंक के शेयर ने पिछले 52 हफ्तों में ₹452.98 का उच्चतम और ₹345.40 का निम्नतम स्तर छुआ है। पिछले एक वर्ष में शेयर में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह लगभग 5 प्रतिशत नीचे आया है।

उत्तराधिकार प्रक्रिया और नियामकीय ढाँचा

बैंक ने स्पष्ट किया है कि नए MD एवं CEO की नियुक्ति तय नियामकीय समय-सीमा और नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में शीर्ष नेतृत्व परिवर्तन पर RBI की निगरानी पहले से कहीं अधिक सख्त हो चुकी है। बैंकिंग विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराधिकारी की पहचान और RBI की मंजूरी की प्रक्रिया में कम से कम तीन से चार महीने लग सकते हैं। आने वाले महीनों में बोर्ड का यह निर्णय बैंक की रणनीतिक दिशा और निवेशकों के भरोसे दोनों के लिए निर्णायक साबित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और RBI की कड़ी निगरानी के बीच उत्तराधिकारी की पहचान एक जटिल प्रक्रिया होगी। बोर्ड के सामने असली चुनौती यह है कि वह एक ऐसा नेतृत्व खोजे जो संस्थापक उदय कोटक की विरासत और नियामकीय अपेक्षाओं — दोनों को एक साथ संतुलित कर सके।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक वासवानी ने कोटक महिंद्रा बैंक में दूसरा कार्यकाल लेने से क्यों इनकार किया?
वासवानी ने बोर्ड को सूचित किया कि वे निजी कारणों से 31 दिसंबर 2026 को कार्यकाल समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति नहीं चाहते। बैंक ने इससे अधिक कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
कोटक महिंद्रा बैंक का नया CEO कब तक नियुक्त होगा?
बैंक ने कहा है कि उत्तराधिकारी की नियुक्ति तय नियामकीय समय-सीमा और नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। RBI की मंजूरी अनिवार्य होने के कारण यह प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है।
अशोक वासवानी कब से कोटक महिंद्रा बैंक के CEO हैं?
वासवानी ने जनवरी 2024 में RBI की मंजूरी मिलने के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के MD एवं CEO का पदभार संभाला था। उनका वर्तमान कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।
कोटक महिंद्रा बैंक की ताज़ा वित्तीय स्थिति कैसी है?
बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹5,423 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ और ₹7,876 करोड़ की नेट इंटरेस्ट इनकम दर्ज की। हालाँकि, BSE पर शेयर पिछले एक साल में 7% से अधिक गिर चुका है।
CEO परिवर्तन का कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरधारकों पर क्या असर पड़ सकता है?
शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की अनिश्चितता आमतौर पर बाज़ार में अल्पकालिक दबाव बनाती है। बैंक का शेयर पहले से ही दबाव में है और उत्तराधिकारी की घोषणा तक निवेशकों की नज़र बोर्ड के हर कदम पर रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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