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एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में 9.99% हिस्सेदारी बढ़ाने की आरबीआई मंजूरी, दोनों शेयरों में उछाल

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एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में 9.99% हिस्सेदारी बढ़ाने की आरबीआई मंजूरी, दोनों शेयरों में उछाल

सारांश

आरबीआई ने एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में हिस्सेदारी 4.11% से बढ़ाकर 9.99% तक करने की हरी झंडी दी — देश के सबसे बड़े बीमाकर्ता और अग्रणी निजी बैंक के बीच यह संभावित गठजोड़ वित्तीय क्षेत्र में एक बड़ा संस्थागत कदम है।

मुख्य बातें

आरबीआई ने एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी हासिल करने की मंजूरी दी।
14 अगस्त तक एलआईसी के पास एचडीएफसी बैंक की 4.11 प्रतिशत हिस्सेदारी थी — मंजूरी के बाद यह दोगुने से अधिक हो सकती है।
एनएसई पर एलआईसी का शेयर 1.7% से अधिक चढ़कर ₹420.15 पर पहुँचा; इंट्राडे उच्च ₹421 ।
एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 1% उछलकर ₹725.80 पर; इंट्राडे उच्च ₹728.30 ।
कोई भी अतिरिक्त खरीद आरबीआई और सेबी की शर्तों के अनुपालन के अधीन होगी।

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को देश के अग्रणी निजी बैंक एचडीएफसी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत तक करने की अनुमति भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने दे दी है। 20 अगस्त को एचडीएफसी बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए सार्वजनिक हुई इस मंजूरी के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में दोनों कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली।

मंजूरी का विवरण

एचडीएफसी बैंक की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, आरबीआई ने एलआईसी के उस आवेदन को स्वीकृति दी है जिसके तहत वह बैंक की चुकता शेयर पूंजी अथवा मतदान अधिकारों में 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी अर्जित कर सकती है। 14 अगस्त तक एलआईसी के पास एचडीएफसी बैंक की कुल शेयर पूंजी का 4.11 प्रतिशत हिस्सा था, यानी इस मंजूरी के बाद सरकारी बीमा कंपनी के पास अपनी हिस्सेदारी दोगुने से अधिक स्तर तक बढ़ाने का विकल्प उपलब्ध हो गया है।

नियामकीय शर्तें और सीमाएँ

हालाँकि, यह मंजूरी तत्काल हिस्सेदारी वृद्धि की गारंटी नहीं है। एचडीएफसी बैंक ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अतिरिक्त शेयर खरीद आरबीआई द्वारा निर्धारित शर्तों और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के लागू नियमों के अनुपालन के अधीन होगी। गौरतलब है कि बैंकिंग क्षेत्र में बड़े संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी पर नियामकीय सतर्कता बरती जाती है, इसलिए वास्तविक खरीद चरणबद्ध तरीके से होने की संभावना है।

बाज़ार पर असर

इस खबर का बाज़ार पर सकारात्मक असर तत्काल दिखा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर गुरुवार के शुरुआती कारोबार में एलआईसी का शेयर 1.7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ ₹420.15 के स्तर पर कारोबार करता दिखा और दिन के सत्र में ₹421 का उच्च स्तर छुआ। एलआईसी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹468.48 और निम्नतम स्तर ₹360.75 है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 1 प्रतिशत चढ़कर ₹725.80 के आसपास कारोबार करता दिखा और इंट्राडे में ₹728.30 का उच्च स्तर छुआ। बैंक का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹1,020.50 और न्यूनतम स्तर ₹722 है।

वित्तीय क्षेत्र में महत्व

यह घटनाक्रम वित्तीय क्षेत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि एलआईसी देश के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में से एक है और एचडीएफसी बैंक भारत के शीर्ष निजी बैंकों में गिना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू संस्थागत निवेश को लेकर नीतिगत माहौल अनुकूल बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी संस्थाओं की बड़े निजी बैंकों में बढ़ती हिस्सेदारी पर नियामकीय निगरानी और अधिक पारदर्शी होनी चाहिए।

आगे क्या होगा

एलआईसी द्वारा वास्तव में कितनी और कब हिस्सेदारी खरीदी जाएगी, यह आरबीआई और सेबी की शर्तों की विस्तृत जाँच के बाद तय होगा। बाज़ार विशेषज्ञों की नज़र अब एलआईसी के अगले तिमाही पोर्टफोलियो खुलासे पर होगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कंपनी ने इस अनुमत सीमा का कितना उपयोग किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाध्य नहीं करती — और यही वह बारीकी है जिसे बाज़ार अक्सर नज़रअंदाज़ कर देता है। एलआईसी पहले भी बड़े संस्थागत दाँव लगाकर मिश्रित रिटर्न दे चुकी है, और एचडीएफसी बैंक का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹1,020.50 से अभी भी काफी नीचे है। असली सवाल यह है कि क्या एलआईसी इस छत का उपयोग रणनीतिक मूल्य-निर्माण के लिए करेगी या केवल पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए — और इस निर्णय की जवाबदेही पॉलिसीधारकों के प्रति होनी चाहिए, न केवल बाज़ार के प्रति।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई ने एलआईसी को एचडीएफसी बैंक में कितनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी दी है?
आरबीआई ने एलआईसी को एचडीएफसी बैंक की चुकता शेयर पूंजी या मतदान अधिकारों में 9.99 प्रतिशत तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी है। 14 अगस्त तक एलआईसी के पास 4.11 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
क्या एलआईसी तुरंत एचडीएफसी बैंक में 9.99% हिस्सेदारी खरीद लेगी?
नहीं, यह मंजूरी तत्काल खरीद की गारंटी नहीं है। कोई भी अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीद आरबीआई की शर्तों और सेबी के नियमों के अनुपालन के अधीन होगी, और यह चरणबद्ध तरीके से हो सकती है।
इस खबर के बाद एलआईसी और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में कितनी तेजी आई?
गुरुवार के कारोबारी सत्र में एनएसई पर एलआईसी का शेयर 1.7 प्रतिशत से अधिक चढ़कर ₹420.15 पर पहुँचा, जबकि एचडीएफसी बैंक का शेयर करीब 1 प्रतिशत उछलकर ₹725.80 के आसपास कारोबार करता दिखा।
एलआईसी की एचडीएफसी बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाना वित्तीय क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
एलआईसी देश के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में से एक है और एचडीएफसी बैंक भारत के शीर्ष निजी बैंकों में शामिल है। इन दोनों के बीच बढ़ती हिस्सेदारी को वित्तीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थागत घटनाक्रम माना जा रहा है।
एचडीएफसी बैंक का 52 सप्ताह का उच्चतम और न्यूनतम स्तर क्या है?
एचडीएफसी बैंक ने पिछले 52 सप्ताह में ₹1,020.50 का उच्चतम स्तर और ₹722 का न्यूनतम स्तर छुआ है। गुरुवार को शेयर ₹728.30 के इंट्राडे उच्च के साथ ₹725.80 के आसपास कारोबार करता दिखा।
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