आरबीआई एमपीसी बैठक, अमेरिका-ईरान वार्ता और तिमाही नतीजे — अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये 4 बड़े कारक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक, अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की ताज़ा स्थिति, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी और दर्जनों कंपनियों के तिमाही नतीजे — ये चार बड़े कारक 3 से 7 अगस्त 2026 के कारोबारी सप्ताह में भारतीय इक्विटी बाज़ारों की चाल तय करेंगे। बीते सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मज़बूत तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
आरबीआई एमपीसी बैठक — रेपो रेट पर रहेगी नज़र
RBI-MPC की बैठक 3 से 5 अगस्त 2026 के बीच प्रस्तावित है। बैठक के अंतिम दिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा फैसलों की घोषणा करेंगे। फिलहाल रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर है और इसकी समीक्षा बाज़ार की नज़र में सबसे अहम मुद्दा है।
आंकड़ों के अनुसार, ब्याज दर में किसी भी बदलाव का सीधा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट और उपभोक्ता क्षेत्र के शेयरों पर पड़ेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक केंद्रीय बैंक दरों पर अलग-अलग रुख अपना रहे हैं।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता — भू-राजनीतिक तनाव का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान और अन्य मध्य पूर्व देशों की अपील के बाद अमेरिकी सेना ने अपने हमले रोक दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर कोई समझौता न होने तक नए हमले की संभावना बनी रहेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल की कीमतें पहले से दबाव में हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, इसलिए इस वार्ता का नतीजा भारतीय ऊर्जा और तेल कंपनियों के शेयरों को प्रभावित कर सकता है।
तिमाही नतीजे — किन कंपनियों पर होगी नज़र
3 से 7 अगस्त 2026 के कारोबारी सत्र में वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी होंगे। इनमें प्रमुख रूप से भारती एयरटेल, ओएनजीसी, नायका, कल्याण ज्वेलर्स, पीएनबी हाउसिंग, बायकॉन, टाटा इन्वेस्टमेंट, मैपमायइंडिया, सीएएमएस, मोबीक्विक, बिरलाकेबल, ब्लूजेट, इरडा, पीएनसी, एसबीआई फंड्स, यूबीएल, बीकाजी, एचटी मीडिया और जेके लक्ष्मी सीमेंट शामिल हैं।
इन नतीजों से संबंधित क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, विशेषकर दूरसंचार, ऊर्जा, वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता वस्तुओं में।
बीते सप्ताह का प्रदर्शन — मज़बूत तेजी
भारतीय शेयर बाज़ार के लिए बीता सप्ताह उत्साहजनक रहा। सेंसेक्स 2,034.87 अंक यानी 2.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 616.15 अंक यानी 2.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,383.60 पर रहा।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,292.95 अंक यानी 2.10 प्रतिशत की मज़बूती के साथ 62,915.30 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 464.70 अंक यानी 2.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,339.65 पर बंद हुआ।
सेक्टोरल प्रदर्शन — आईटी सबसे आगे, डिफेंस फिसला
सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी आईटी 6.75 प्रतिशत की तेजी के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद निफ्टी मीडिया (5.97 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (5.61 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.86 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (3.20 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग (3.05 प्रतिशत) और निफ्टी सर्विसेज (2.71 प्रतिशत) गेनर्स में रहे।
दूसरी तरफ, निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.25 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (0.24 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.10 प्रतिशत) की मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। आने वाले सप्ताह में RBI के फैसले और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाज़ार की अगली दिशा तय करेंगे।