अश्विनी वैष्णव ने स्टेशन मास्टरों के लिए VR-सिमुलेटर प्रशिक्षण पर दिया जोर, खाली पद भरने के भी निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्टेशन मास्टरों के कौशल विकास के लिए वर्चुअल रियलिटी (VR), सिमुलेटर और अन्य अत्याधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया। रेल मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य स्टेशन मास्टरों को रेलवे संचालन की बढ़ती जटिलताओं और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना था।
आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों पर जोर
वैष्णव ने बैठक में स्पष्ट किया कि आधुनिक कौशल विकास और क्षमता निर्माण अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते यातायात और तकनीकी बदलावों के बीच स्टेशन मास्टरों को अद्यतन प्रशिक्षण मिलना जरूरी है। गौरतलब है कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है और स्टेशन मास्टर इसकी सुरक्षित परिचालन की रीढ़ माने जाते हैं।
डिजिटल प्रणाली और पेपरलेस कार्यशैली
बैठक में मोबाइल ऐप आधारित पेपरलेस वर्किंग सिस्टम और इंटीग्रेटेड स्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इन डिजिटल प्रणालियों का लक्ष्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना और यात्रियों की शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे की परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल परिवर्तन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकार, कैरियर विकास और खाली पद
समीक्षा बैठक में स्टेशन मास्टरों को अधिक प्रशासनिक और परिचालन अधिकार देने तथा उनके कैरियर विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी प्रस्ताव रखे गए। रेल मंत्री ने बहु-लाइन और अधिक यातायात वाले रेलखंडों में अतिरिक्त स्टेशन मास्टरों की नियुक्ति की समीक्षा की और खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही, स्थानीय स्तर की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए स्टेशन मास्टरों के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
महिला भागीदारी और बेहतर सुविधाएँ
रेल मंत्रालय के बयान के अनुसार, स्टेशन मास्टरों के कैडर में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा उपकरणों और उपयोगकर्ता-अनुकूल साधनों को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेशन की आधारभूत संरचना, कर्मचारी कार्यालयों, रेलवे कॉलोनियों और अन्य सुविधाओं की प्रभावी निगरानी के लिए भी चर्चा हुई।
आगे की राह
इस बैठक में उभरे प्रस्ताव भारतीय रेलवे की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत परिचालन कर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम और प्रेरित बनाकर यात्री सेवाओं की गुणवत्ता ऊँची करने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले समय में इन प्रस्तावों को नीतिगत रूप देने और क्रियान्वयन की समयसीमा तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।