मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों ने भारत में नए व्यवसायों में 27 प्रतिशत वृद्धि की

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मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों ने भारत में नए व्यवसायों में 27 प्रतिशत वृद्धि की

सारांश

मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों का प्रभाव स्पष्ट दिख रहा है, जिससे देश में नए व्यवसायों की संख्या में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जानें इस वृद्धि के पीछे की वजहें और सरकार की पहलों पर।

Key Takeaways

  • भारत में नए व्यवसायों की संख्या में 27 प्रतिशत की वृद्धि।
  • चालू वित्त वर्ष में 1.98 लाख नए व्यवसाय पंजीकृत।
  • सरकार ने व्यापार में आसानी के लिए कई सुधार किए हैं।
  • स्टार्टअप इंडिया और अन्य पहलों का महत्वपूर्ण योगदान।
  • भारत एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार केंद्र बनता जा रहा है।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक सुधारों ने अब जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। देश में नए व्यवसायों की संख्या में 27 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

सरकार द्वारा गुरुवार को जारी एक तथ्य पत्रक के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) के पहले 10 महीनों (3 फरवरी 2026 तक) में 1.98 लाख नए व्यवसाय पंजीकृत हुए हैं, जबकि 2020-21 में यह संख्या 1.55 लाख थी।

आधिकारिक बयान में बताया गया कि सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में डिजिटल व्यापार सुविधा, कर में स्थिरता, अनुपालन और मुकदमेबाजी में कमी, विश्वास आधारित सीमा शुल्क प्रणाली और निवेश-अनुकूल कर व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।

बयान में यह भी कहा गया कि स्टार्ट-अप इंडिया, क्रेडिट गारंटी योजना, डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल जैसे संस्थागत सुधार एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और निवेशक-अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। इस प्रयास को जन विश्वास अधिनियम, आईबीसी, और एमएटी जैसे समानांतर नियामक सुधारों का समर्थन प्राप्त है, जो क्षमता निर्माण, नियामक सामंजस्य और विश्वास एवं जवाबदेही पर आधारित शासन मॉडल को बढ़ावा देते हैं।

फरवरी 2026 तक 2.16 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ, भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के रूप में मजबूती से खड़ा है।

2016 से शुरू किए गए स्टार्टअप्स के लिए नियामक सुधारों का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम में व्यापार करने में आसानी, पूंजी जुटाने में सरलता, और अनुपालन के बोझ को कम करना है।

स्टार्टअप इंडिया के अतिरिक्त, मोदी सरकार की कई पहलों ने तकनीकी नवाचार, ग्रामीण उद्यमिता, अकादमिक अनुसंधान और क्षेत्रीय समावेशन को बढ़ावा देकर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत किया है। ये पहलें सुनिश्चित करती हैं कि स्टार्टअप समर्थन व्यापक, विकेंद्रीकृत और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ निकटता से जुड़ा रहे।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत न केवल निवेश के लिए बल्कि व्यापार करने के लिए भी सबसे आकर्षक स्थानों में से एक बन गया है। देश की सुधार-आधारित विकास रणनीति उद्यमिता को मजबूत करने, वित्त तक पहुंच बढ़ाने, नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और व्यापार के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर केंद्रित है।

बयान में आगे कहा गया है कि ये सभी उपाय न केवल व्यापार करने में आसानी बढ़ाते हैं, बल्कि वित्तीय समावेशन को भी गहरा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में तेजी लाते हैं और भारत को एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार के सुधार व्यापार और उद्यमिता के लिए एक अनुकूल वातावरण बना रहे हैं। यह कदम न केवल नए व्यवसायों को प्रोत्साहित करता है, बल्कि आर्थिक समावेशन और नवाचार को भी बढ़ावा देता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

मोदी सरकार के सुधारों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मोदी सरकार के सुधारों का मुख्य उद्देश्य व्यापार में आसानी, निवेश को बढ़ावा देना, और स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण बनाना है।
भारत में नए व्यवसायों की संख्या में कितनी वृद्धि हुई है?
हाल ही में रिपोर्ट के अनुसार, भारत में नए व्यवसायों की संख्या में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
स्टार्टअप इंडिया योजना का क्या महत्व है?
स्टार्टअप इंडिया योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और उनके लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है।
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