13 अक्टूबर 2026
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PM मोदी का ब्लूमबर्ग फोरम में 'पावर टू एम्पावर' संदेश: तकनीक, डेटा और नवाचार हैं नई सदी की असली ताकत

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PM मोदी का ब्लूमबर्ग फोरम में 'पावर टू एम्पावर' संदेश: तकनीक, डेटा और नवाचार हैं नई सदी की असली ताकत

सारांश

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में मोदी का संदेश था — शक्ति वहाँ नहीं जहाँ वह नियंत्रण करे, बल्कि वहाँ जहाँ वह सशक्त बनाए। 50 करोड़ यूट्यूब उपयोगकर्ताओं और सस्ते डेटा क्रांति का हवाला देते हुए उन्होंने भारत को 'पावर टू एम्पावर' के जीवंत उदाहरण के रूप में पेश किया।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में 'पावर टू एम्पावर' की अवधारणा को नए युग की सबसे बड़ी ताकत बताया।
तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार को शक्ति के नए स्रोत बताया; असली प्रश्न उनके उद्देश्य का बताया।
भारत में 50 करोड़+ यूट्यूब और 50 करोड़+ इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता, 80,000 पंजीकृत प्रकाशन और 1,000+ सैटेलाइट चैनलों को लोकतांत्रिक डिजिटल शक्ति का प्रमाण बताया।
2014 के बाद मोबाइल डेटा को सस्ता और सुलभ बनाने की नीति को डिजिटल सशक्तिकरण की आधारशिला बताया।
भारत द्वारा बनाए गए इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस, बायोफ्यूल अलायंस और IMEC को वैश्विक सहयोग के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
AI को बदलाव का वाहक बताया और GST व दिवालियापन कानूनों के सुधार को दृढ़ विश्वास की नीति करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के इस दशक में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार ही शक्ति के नए स्रोत बन चुके हैं। उन्होंने 'पावर टू एम्पावर' यानी सशक्तिकरण की शक्ति की अवधारणा को इस युग की सबसे बड़ी ताकत बताया। मोदी ने स्पष्ट किया कि असली प्रश्न यह नहीं कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए हो रहा है।

फोरम की थीम और भारत का नजरिया

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का विषय 'उभरती शक्तियाँ' है, और भारत इस बदलाव को अपने नजरिए से देखता है। उन्होंने कहा कि दुनिया बड़े परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है — जहाँ परंपरागत सैन्य और आर्थिक शक्ति की परिभाषाएँ बदल रही हैं, वहीं डिजिटल और ज्ञान-आधारित शक्ति नई धुरी बन रही है।

मोदी ने कहा, 'नियंत्रण की शक्ति से आगे सशक्त बनाने की शक्ति है, प्रतिस्पर्धा की शक्ति से आगे सहयोग की शक्ति है और केवल स्वयं सफल होने से आगे दूसरों को सफल बनाने की शक्ति है।' यह वक्तव्य फोरम में उपस्थित वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों के लिए नीति-निर्देशक संदेश के रूप में आया।

भारत में डिजिटल सशक्तिकरण की यात्रा

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि आज से 12-13 वर्ष पहले मोबाइल इंटरनेट तक पहुँच स्वयं में एक विशेषाधिकार था — जिसके पास इंटरनेट था, उसी के पास जानकारी, ज्ञान और अवसर भी थे। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद भारत ने मोबाइल डेटा को सस्ता और सर्वसुलभ बनाने को प्राथमिकता दी।

इसका ठोस परिणाम यह रहा कि आज गाँव का एक छोटा दुकानदार भी डिजिटल माध्यम से अपने ग्राहकों तक पहुँच सकता है। मोदी ने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी ने केवल लोगों को आपस में नहीं जोड़ा, बल्कि उन्हें अवसरों से भी जोड़ा — और यही 'पावर टू एम्पावर' का सबसे बड़ा व्यावहारिक उदाहरण है।

भारत की लोकतांत्रिक ताकत और मीडिया विविधता

पीएम मोदी ने भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताते हुए देश की विविधता के आँकड़े गिनाए। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएँ, करीब 80,000 पंजीकृत समाचार पत्र और प्रकाशन, 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल, 50 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब उपयोगकर्ता और 50 करोड़ से ज्यादा इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता हैं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर खुली बहस और विभिन्न विचारधाराओं की चर्चा इस डिजिटल सशक्तिकरण का ही परिणाम है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर डिजिटल स्वतंत्रता और सूचना के नियंत्रण को लेकर बहस तेज है।

AI, वैश्विक गठजोड़ और भारत की पहल

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के तरीके को मौलिक रूप से बदल रही है। साथ ही, बढ़ती उम्र से जुड़ी वैश्विक चुनौतियाँ और 'विश्वास का संकट' आज दुनिया के सामने प्रमुख समस्याएँ हैं।

मोदी ने बताया कि भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस, बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और आईएमईसी (IMEC) जैसे बहुपक्षीय गठजोड़ बनाए हैं, जो वैश्विक हितों की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा, 'एक सूर्य, एक दुनिया और एक नेटवर्क; एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य।'

सुधारों की गति और आर्थिक दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री ने भारत की सुधार प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि GST और दिवालियापन जैसे कई कानूनों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक दृढ़ विश्वास है।'

यह संदेश वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं को भारत के दीर्घकालिक इरादे का संकेत देता है। आने वाले समय में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और AI-नीति किस दिशा में जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वैश्विक मंच पर प्रभावशाली, लेकिन मापन-योग्य लक्ष्यों से रहित। 50 करोड़ यूट्यूब उपयोगकर्ताओं के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर आलोचकों का कहना है कि डिजिटल पहुँच और डिजिटल अवसर के बीच की खाई — विशेष रूप से ग्रामीण और हाशिए के समुदायों के लिए — अभी भी गहरी है। भारत की AI-नीति और डेटा गवर्नेंस ढाँचा अभी भी निर्माणाधीन है, जबकि वैश्विक प्रतिस्पर्धी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। 'सुधार दृढ़ विश्वास है' का नारा तब ही विश्वसनीय बनेगा जब क्रियान्वयन की गति और जवाबदेही का ढाँचा उतना ही स्पष्ट हो जितना मंच से दिया गया संदेश।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पावर टू एम्पावर' की अवधारणा क्या है जो PM मोदी ने ब्लूमबर्ग फोरम में रखी?
'पावर टू एम्पावर' का अर्थ है शक्ति का उपयोग नियंत्रण के लिए नहीं बल्कि दूसरों को सशक्त बनाने के लिए करना। PM मोदी ने 13 अक्टूबर 2026 को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह विचार रखते हुए कहा कि तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार तभी सार्थक हैं जब वे करोड़ों लोगों के लिए अवसर बनाएँ।
मोदी ने भारत में डिजिटल सशक्तिकरण के क्या उदाहरण दिए?
मोदी ने बताया कि 2014 के बाद मोबाइल डेटा को सस्ता और सुलभ बनाया गया, जिससे गाँव का छोटा दुकानदार भी डिजिटल माध्यम से ग्राहकों तक पहुँच सकता है। उन्होंने 50 करोड़+ यूट्यूब उपयोगकर्ता, 50 करोड़+ इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता और 80,000 पंजीकृत प्रकाशनों का हवाला दिया।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में AI को लेकर मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के तरीके को मौलिक रूप से बदल रही है और यह एक बड़ी वैश्विक चुनौती भी है। उन्होंने इसे 'विश्वास के संकट' और बढ़ती उम्र की वैश्विक समस्याओं के साथ 21वीं सदी की प्रमुख चुनौतियों में गिना।
भारत ने कौन-से वैश्विक गठजोड़ बनाए हैं जिनका मोदी ने उल्लेख किया?
PM मोदी ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस, बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और IMEC (India-Middle East-Europe Economic Corridor) का उल्लेख किया। उन्होंने इन्हें वैश्विक सहयोग और सशक्तिकरण की दिशा में भारत की पहल बताया।
मोदी ने भारत के आर्थिक सुधारों पर क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि भारत ने GST और दिवालियापन जैसे कई कानूनों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है और सुधारों की गति तेज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं बल्कि एक दृढ़ विश्वास है।
राष्ट्र प्रेस
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