1 अक्टूबर 2026
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एमटीएनएल बोर्ड ने पवई संपत्ति ₹891.53 करोड़ में आयकर विभाग को बेचने की दी मंजूरी

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एमटीएनएल बोर्ड ने पवई संपत्ति ₹891.53 करोड़ में आयकर विभाग को बेचने की दी मंजूरी

सारांश

एमटीएनएल ने पवई की 20,895 वर्ग मीटर जमीन आयकर विभाग को ₹891.53 करोड़ में बेचने की मंजूरी दी — यह उस कंपनी का संपत्ति मौद्रीकरण दांव है जिसकी देनदारियाँ ₹40,000 करोड़ पार कर चुकी हैं और घाटा हर साल बढ़ रहा है। खबर आते ही NSE पर शेयर 9.62% उछला।

मुख्य बातें

एमटीएनएल के बोर्ड ने 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के पवई स्थित संपत्ति को आयकर विभाग को ₹891.53 करोड़ में बेचने की मंजूरी दी।
यह संपत्ति प्लॉट-सी, टेक्नोलॉजी स्ट्रीट, पवई में है और इसका भूमि क्षेत्रफल 20,895.60 वर्ग मीटर है।
लेनदेन आयकर विभाग की औपचारिक स्वीकृति एवं राष्ट्रपति व एएम की मंजूरी के अधीन है।
एमटीएनएल की कुल देनदारियाँ वित्त वर्ष 2025-26 में ₹40,008.52 करोड़ ; घाटा बढ़कर ₹3,101 करोड़ हुआ।
घोषणा के बाद NSE पर एमटीएनएल का शेयर 9.62% उछलकर ₹25.18 पर पहुँचा, इंट्राडे उच्च ₹26.94 ।

सरकारी दूरसंचार कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के बोर्ड ने 1 अक्टूबर 2026 को मुंबई के पवई स्थित अपनी प्रमुख संपत्ति को आयकर विभाग को ₹891.53 करोड़ में बेचने की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। यह सौदा सरकार-से-सरकार (जी2जी) हस्तांतरण अथवा सीधी बिक्री के माध्यम से संपन्न किया जाएगा।

संपत्ति का विवरण

एमटीएनएल ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह संपत्ति प्लॉट-सी, टेक्नोलॉजी स्ट्रीट, पवई, मुंबई में स्थित है और इसका कुल भूमि क्षेत्रफल 20,895.60 वर्ग मीटर है। यह लेनदेन आयकर विभाग की औपचारिक स्वीकृति के अधीन है और इसे राष्ट्रपति एवं अल्टरनेटिव मैकेनिज्म (एएम) की मंजूरी के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

परिसंपत्ति मौद्रीकरण का व्यापक संदर्भ

यह बिक्री एमटीएनएल की गैर-मुख्य परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसे सरकार ने कंपनी की बढ़ती देनदारियों से निपटने के लिए चिन्हित किया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जुलाई में लोकसभा को लिखित जवाब में बताया था कि वित्त वर्ष 2025-26 में एमटीएनएल की कुल देनदारियाँ लगभग ₹40,008.52 करोड़ थीं, जबकि उसकी गैर-मुख्य परिसंपत्तियों का मूल्य करीब ₹50,000 करोड़ आंका गया था।

गौरतलब है कि एमटीएनएल का वित्तीय संकट गहराता जा रहा है — कंपनी का घाटा वित्त वर्ष 2021-22 के ₹2,616 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹3,101 करोड़ हो गया है। इसी अवधि में कुल आय ₹1,696 करोड़ से घटकर ₹1,469 करोड़ रह गई।

शेयर बाज़ार की प्रतिक्रिया

इस घोषणा के बाद एमटीएनएल के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर दोपहर 1:15 बजे IST तक कंपनी का शेयर 9.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹25.18 पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे कारोबार में शेयर ने ₹26.94 का उच्चतम स्तर भी छुआ।

आम जनता और कर्मचारियों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब एमटीएनएल निजी दूरसंचार कंपनियों के कड़े मुकाबले और घटते ग्राहक आधार के दोहरे दबाव में है। परिसंपत्ति बिक्री से मिलने वाली रकम देनदारियों का बोझ कम कर सकती है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि दीर्घकालिक पुनरुद्धार के लिए परिचालन सुधार और स्पेक्ट्रम आवंटन जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।

आगे क्या

लेनदेन को अभी आयकर विभाग की अंतिम औपचारिक स्वीकृति मिलनी बाकी है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यह एमटीएनएल की परिसंपत्ति मौद्रीकरण प्रक्रिया में एक अहम मील का पत्थर होगा और सरकार की व्यापक सार्वजनिक क्षेत्र संपत्ति पुनर्गठन नीति के अनुरूप होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक देनदारियों के सामने एक सीमित राहत है — लेकिन दिशा सही है। असली सवाल यह है कि संपत्ति बेचना कब तक टिकाऊ विकल्प है, जबकि परिचालन घाटा हर साल बढ़ रहा है और आय घट रही है। गैर-मुख्य परिसंपत्तियों का मूल्य ₹50,000 करोड़ आंका गया है, पर वह एकमुश्त उपाय है — दीर्घकालिक जीवन के लिए सेवा पुनरुद्धार और स्पेक्ट्रम आवंटन की ज़रूरत है, जिस पर अभी तक ठोस रोडमैप सामने नहीं आया।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटीएनएल ने पवई की संपत्ति किसे और कितने में बेची?
एमटीएनएल के बोर्ड ने मुंबई के पवई स्थित अपनी संपत्ति को आयकर विभाग को ₹891.53 करोड़ में बेचने की मंजूरी दी है। यह लेनदेन सरकार-से-सरकार (जी2जी) हस्तांतरण या सीधी बिक्री के माध्यम से होगा।
यह बिक्री कब अंतिम रूप से पूरी होगी?
यह लेनदेन अभी आयकर विभाग की औपचारिक स्वीकृति के अधीन है और राष्ट्रपति एवं अल्टरनेटिव मैकेनिज्म (एएम) की मंजूरी के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अंतिम समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
एमटीएनएल की वित्तीय स्थिति कितनी गंभीर है?
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा में दिए गए आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एमटीएनएल की कुल देनदारियाँ लगभग ₹40,008.52 करोड़ थीं और घाटा ₹3,101 करोड़ तक पहुँच गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल आय घटकर ₹1,469 करोड़ रह गई।
पवई संपत्ति की बिक्री से एमटीएनएल को क्या फायदा होगा?
₹891.53 करोड़ की यह राशि एमटीएनएल की देनदारियों को आंशिक रूप से कम करने में सहायक होगी। सरकार ने परिसंपत्ति मौद्रीकरण को कंपनी की वित्तीय चुनौतियों से निपटने का एक प्रमुख उपाय बताया है, क्योंकि गैर-मुख्य परिसंपत्तियों का कुल मूल्य करीब ₹50,000 करोड़ आंका गया है।
एमटीएनएल के शेयर पर इस खबर का क्या असर पड़ा?
घोषणा के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर एमटीएनएल का शेयर 9.62 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹25.18 पर पहुँच गया और इंट्राडे कारोबार में ₹26.94 का उच्चतम स्तर छुआ।
राष्ट्र प्रेस
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