26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेफेड की 69वीं एजीएम: ₹46,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य, शेयर कैपिटल दोगुना होकर ₹200 करोड़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेफेड की 69वीं एजीएम: ₹46,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य, शेयर कैपिटल दोगुना होकर ₹200 करोड़

सारांश

नेफेड की 69वीं एजीएम में बड़े फैसले — ₹46,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य, शेयर कैपिटल दोगुना और किसान बच्चों के लिए ₹1 लाख छात्रवृत्ति। वित्त वर्ष 2025-26 में ₹29,000 करोड़ कारोबार और ₹423 करोड़ शुद्ध लाभ दर्ज।

मुख्य बातें

नेफेड ने चालू वर्ष में ₹46,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य तय किया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹33,000 करोड़ रहा था।
संस्था का शेयर कैपिटल ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ किया गया ताकि अधिक सहकारी समितियाँ सदस्य बन सकें।
वित्त वर्ष 2025-26 में नेफेड ने ₹29,000 करोड़ का कारोबार और ₹423 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति देने की योजना को एजीएम में मंजूरी; खर्च शुद्ध लाभ के 1% से होगा।
खरीद लक्ष्य ₹30,000 करोड़ निर्धारित; वास्तविक खरीद एमएसपी, बाजार भाव और मौसम पर निर्भर होगी।
ड्रोन दीदी योजना के तहत हर राज्य में महिलाओं, युवाओं और किसानों को ड्रोन तकनीक से जोड़ने की योजना।

राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नेफेड (NAFED) की 69वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें चालू वित्त वर्ष में ₹46,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य, संस्था के शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ करना, और किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति देने की योजना शामिल है। नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर और प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने बैठक में संस्था की उपलब्धियों और आगे की रणनीति साझा की।

कारोबार और खरीद का नया लक्ष्य

नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने बताया कि पिछले वर्ष संस्था का कुल खरीद और कारोबार का स्तर लगभग ₹33,000 करोड़ रहा था। उन्होंने विश्वास जताया कि चालू वर्ष में यह आँकड़ा ₹46,000 करोड़ तक पहुँच सकता है और संस्था इस लक्ष्य को पार करने में भी सक्षम रहेगी।

प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष खरीद के लिए लगभग ₹30,000 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक खरीद बाजार की कीमतों, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), मौसम और उत्पादन जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है — यदि बाजार भाव एमएसपी से ऊपर रहें तो सरकारी खरीद घटती है, और नीचे रहने पर बढ़ती है।

वित्तीय प्रदर्शन और शेयर कैपिटल में बदलाव

अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में नेफेड ने लगभग ₹29,000 करोड़ का कारोबार किया और इस अवधि में संस्था ने करीब ₹423 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) अर्जित किया। इस वित्तीय विवरण को आम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया और सदस्यों ने इसे मंजूरी दी।

एजीएम में नेफेड के उपनियमों में संशोधन करते हुए संस्था के शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दिया गया। अग्रवाल के अनुसार, इस कदम से अधिक सहकारी समितियों को सदस्य बनने का अवसर मिलेगा और संस्था की वित्तीय क्षमता भी सुदृढ़ होगी।

किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना

बैठक में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत नेफेड अपने शुद्ध लाभ का एक प्रतिशत हिस्सा किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च करेगा।

अग्रवाल ने बताया, 'ऐसे किसान परिवार, जिनके बच्चे मेधावी हैं लेकिन आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा पूरी करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस योजना के तहत ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी।' यह फैसला ग्रामीण भारत में शिक्षा की पहुँच बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

ड्रोन तकनीक और महिला किसान

चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने कृषि में ड्रोन तकनीक के प्रसार को लेकर नेफेड की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हरियाणा की 'ड्रोन दीदी' विमला का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक राज्य में अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ा जाएगा।

अहीर ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना के अनुरूप नेफेड महिलाओं, युवाओं और किसानों को इस अभियान से जोड़ना चाहता है, ताकि खेती में आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग हो और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिले।' अग्रवाल ने भी बताया कि ड्रोन तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य कृषि इनपुट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत काम किया जा रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि नेफेड देश की सबसे बड़ी कृषि सहकारी संस्थाओं में से एक है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराने में इसकी केंद्रीय भूमिका है। शेयर कैपिटल बढ़ाने और छात्रवृत्ति योजना लागू करने जैसे फैसले संस्था को वित्तीय और सामाजिक दोनों मोर्चों पर मजबूत करने की कोशिश को दर्शाते हैं। आने वाले महीनों में खरीद के आँकड़े और बाजार की परिस्थितियाँ यह तय करेंगी कि ₹46,000 करोड़ का लक्ष्य हासिल हो पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन एमडी अग्रवाल की यह स्वीकारोक्ति कि खरीद 'केवल लक्ष्य तय करने से नहीं होती' — अपने आप में एक सतर्क संकेत है। बाजार भाव और एमएसपी के बीच की यह अनिश्चितता बताती है कि सहकारी खरीद प्रणाली की सीमाएँ नीतिगत नहीं, बाजार-आधारित हैं। शेयर कैपिटल दोगुना करना और छात्रवृत्ति योजना संस्था की सामाजिक साख बढ़ाने के लिए सकारात्मक कदम हैं, परंतु असली परीक्षा यह है कि ₹423 करोड़ के शुद्ध लाभ में से एक प्रतिशत की छात्रवृत्ति कितने किसान परिवारों तक वास्तव में पहुँच पाती है — और इसका सत्यापन तंत्र क्या होगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेफेड की 69वीं एजीएम में कौन से प्रमुख फैसले लिए गए?
26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई नेफेड की 69वीं एजीएम में ₹46,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य, शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से ₹200 करोड़ करना और किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति देने की योजना को मंजूरी दी गई। वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरण को भी सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान की।
नेफेड का कारोबार लक्ष्य ₹46,000 करोड़ क्यों रखा गया?
नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर के अनुसार पिछले वर्ष संस्था का कारोबार लगभग ₹33,000 करोड़ रहा था। किसानों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाने की रणनीति के तहत इस वर्ष ₹46,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।
नेफेड की किसान छात्रवृत्ति योजना किसे मिलेगी?
यह छात्रवृत्ति उन किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को दी जाएगी जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा पूरी करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। योजना के तहत ₹1 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी और इसका खर्च नेफेड के शुद्ध लाभ के एक प्रतिशत से वहन किया जाएगा।
नेफेड का वित्त वर्ष 2025-26 में क्या प्रदर्शन रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में नेफेड ने लगभग ₹29,000 करोड़ का कारोबार किया और करीब ₹423 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) अर्जित किया। इस वित्तीय प्रदर्शन को एजीएम में सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत कर मंजूरी ली गई।
नेफेड शेयर कैपिटल बढ़ाने से क्या फायदा होगा?
शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने से अधिक सहकारी समितियाँ नेफेड की सदस्य बन सकेंगी। इससे संस्था की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और किसानों को अधिक व्यापक स्तर पर लाभ पहुँचाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 21 घंटे पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले