नेफेड की 69वीं एजीएम: ₹46,000 करोड़ कारोबार का लक्ष्य, शेयर कैपिटल दोगुना होकर ₹200 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नेफेड (NAFED) की 69वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें चालू वित्त वर्ष में ₹46,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य, संस्था के शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ करना, और किसान परिवारों के मेधावी बच्चों को ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति देने की योजना शामिल है। नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर और प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने बैठक में संस्था की उपलब्धियों और आगे की रणनीति साझा की।
कारोबार और खरीद का नया लक्ष्य
नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने बताया कि पिछले वर्ष संस्था का कुल खरीद और कारोबार का स्तर लगभग ₹33,000 करोड़ रहा था। उन्होंने विश्वास जताया कि चालू वर्ष में यह आँकड़ा ₹46,000 करोड़ तक पहुँच सकता है और संस्था इस लक्ष्य को पार करने में भी सक्षम रहेगी।
प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष खरीद के लिए लगभग ₹30,000 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक खरीद बाजार की कीमतों, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), मौसम और उत्पादन जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है — यदि बाजार भाव एमएसपी से ऊपर रहें तो सरकारी खरीद घटती है, और नीचे रहने पर बढ़ती है।
वित्तीय प्रदर्शन और शेयर कैपिटल में बदलाव
अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में नेफेड ने लगभग ₹29,000 करोड़ का कारोबार किया और इस अवधि में संस्था ने करीब ₹423 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) अर्जित किया। इस वित्तीय विवरण को आम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया और सदस्यों ने इसे मंजूरी दी।
एजीएम में नेफेड के उपनियमों में संशोधन करते हुए संस्था के शेयर कैपिटल को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹200 करोड़ कर दिया गया। अग्रवाल के अनुसार, इस कदम से अधिक सहकारी समितियों को सदस्य बनने का अवसर मिलेगा और संस्था की वित्तीय क्षमता भी सुदृढ़ होगी।
किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना
बैठक में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत नेफेड अपने शुद्ध लाभ का एक प्रतिशत हिस्सा किसान परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च करेगा।
अग्रवाल ने बताया, 'ऐसे किसान परिवार, जिनके बच्चे मेधावी हैं लेकिन आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा पूरी करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस योजना के तहत ₹1 लाख तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी।' यह फैसला ग्रामीण भारत में शिक्षा की पहुँच बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
ड्रोन तकनीक और महिला किसान
चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने कृषि में ड्रोन तकनीक के प्रसार को लेकर नेफेड की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हरियाणा की 'ड्रोन दीदी' विमला का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक राज्य में अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन तकनीक से जोड़ा जाएगा।
अहीर ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना के अनुरूप नेफेड महिलाओं, युवाओं और किसानों को इस अभियान से जोड़ना चाहता है, ताकि खेती में आधुनिक तकनीकों का अधिक उपयोग हो और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिले।' अग्रवाल ने भी बताया कि ड्रोन तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज और अन्य कृषि इनपुट को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और कृषि मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत काम किया जा रहा है।
आगे की राह
गौरतलब है कि नेफेड देश की सबसे बड़ी कृषि सहकारी संस्थाओं में से एक है और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित कराने में इसकी केंद्रीय भूमिका है। शेयर कैपिटल बढ़ाने और छात्रवृत्ति योजना लागू करने जैसे फैसले संस्था को वित्तीय और सामाजिक दोनों मोर्चों पर मजबूत करने की कोशिश को दर्शाते हैं। आने वाले महीनों में खरीद के आँकड़े और बाजार की परिस्थितियाँ यह तय करेंगी कि ₹46,000 करोड़ का लक्ष्य हासिल हो पाता है या नहीं।