मेघालय के 96,812 ST छात्रों को मिली छात्रवृत्ति, ₹93.69 करोड़ की पहली किस्त DBT से जारी
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 27 अगस्त 2026 को शिलांग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों के लिए अंब्रेला पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की पहली किस्त जारी की। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से राज्य के 96,812 छात्रों के खातों में ₹93.69 करोड़ भेजे गए। यह वितरण केंद्रीय वित्त मंत्रालय की नई एकल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली के तहत पहली बार किया गया है।
छात्रवृत्ति की संरचना और वित्त पोषण
शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई की उपस्थिति में जारी इस किस्त में केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने ₹84.55 करोड़ का केंद्रीय हिस्सा प्रदान किया, जबकि मेघालय सरकार ने 10 प्रतिशत योगदान के रूप में ₹9.40 करोड़ स्वीकृत किए। चालू शैक्षणिक वर्ष के लिए सत्यापित 96,812 आवेदनों के आधार पर कुल छात्रवृत्ति आवश्यकता ₹198.42 करोड़ आँकी गई है। यह पहली किस्त कुल स्वीकृत राशि की लगभग 40 प्रतिशत है।
नई SNA प्रणाली से क्या बदला
इस वर्ष केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा लागू की गई एकल नोडल एजेंसी (SNA) व्यवस्था के अंतर्गत धनराशि सीधे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से सभी 96,812 लाभार्थियों के खातों में व्यक्तिगत रूप से हस्तांतरित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया में चार से पाँच कार्यदिवस लगेंगे और RBI ने पाँच कार्यदिवसों के भीतर हस्तांतरण पूरा करने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों में केंद्र की धनराशि देर से आने के कारण राज्य सरकार को अपने संसाधनों से अग्रिम भुगतान करना पड़ा था। क्रिसमस 2025 से पहले राज्य ने अपनी निधि से छात्रवृत्ति वितरित की थी और बाद में उसे केंद्रीय राशि से समायोजित किया था। नई SNA प्रणाली इसी समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से लाई गई है।
मुख्यमंत्री का संदेश और निर्देश
संगमा ने इस अवसर पर कहा कि यह छात्रवृत्ति महज वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि छात्र अपने परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना शिक्षा जारी रख सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सहायता से ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क, किताबें और अध्ययन सामग्री जैसे खर्च पूरे किए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को आश्वस्त किया कि यदि धनराशि या SMS सूचना तुरंत प्राप्त न हो — विशेषकर सार्वजनिक अवकाश या सप्ताहांत के कारण — तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि गलत बैंक विवरण, आधार-सीडिंग समस्याओं या डेटा विसंगतियों के कारण विफल हुए लेन-देन की निरंतर निगरानी की जाए और प्रत्येक पात्र छात्र को छात्रवृत्ति मिलने तक उन्हें पुनः संसाधित किया जाए।
अगले वर्ष के आवेदन की समयसीमा
संगमा ने यह भी घोषणा की कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्तियों के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल 3 जुलाई को खुल चुका है और 30 नवंबर तक खुला रहेगा। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे समय रहते आवेदन करें ताकि सत्यापन प्रक्रिया में देरी न हो।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुँच बढ़ाने पर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर जोर दिया जा रहा है। SNA प्रणाली की सफलता आने वाले वर्षों में इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा तय करेगी।