गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने 4.72 लाख छात्रों को ₹646 करोड़ की स्कॉलरशिप बांटी, लड़कियों को सबसे बड़ा हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 12 अगस्त 2026 को गांधीनगर के स्वर्णिम संकुल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 4,72,260 से अधिक छात्रों को ₹646 करोड़ से ज़्यादा की छात्रवृत्ति और शैक्षिक सहायता राशि वितरित की। यह पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई। इस वितरण का सबसे बड़ा हिस्सा उन छात्राओं को मिला, जिन्होंने 'नमो लक्ष्मी' योजना के अंतर्गत 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएँ उत्तीर्ण की थीं।
नमो लक्ष्मी योजना: लड़कियों की शिक्षा को सबसे बड़ा बल
'नमो लक्ष्मी' योजना के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 4 लाख से अधिक छात्राओं को ₹513 करोड़ से ज़्यादा की राशि दी गई — जो कुल वितरित धनराशि का लगभग 79% है। राज्य शिक्षा विभाग के अनुसार यह योजना लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की प्रमुख वित्तीय सहायता पहल के रूप में दर्ज है। मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि 'नमो लक्ष्मी' और 'नमो सरस्वती' योजनाओं के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं, विशेषकर लड़कियों को विज्ञान धारा में प्रवेश के लिए प्रेरित करने में।
नमो सरस्वती और अन्य योजनाओं का लाभ
'नमो सरस्वती विज्ञान साधना' योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा की साइंस स्ट्रीम परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 57,000 से अधिक छात्रों को ₹28 करोड़ की सहायता राशि दी गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं के तहत ₹105 करोड़ और वितरित किए गए। इनमें से ₹96 करोड़ की राशि 7,260 छात्रों को 'मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना', 'शोध (SCOPE)', 'मुख्यमंत्री श्री स्कॉलरशिप योजना' और 'मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना' के माध्यम से प्रदान की गई।
संस्थानों को अनुदान और ड्रॉपआउट अभियान
कार्यक्रम में 48 शैक्षणिक संस्थानों को अनुदान के रूप में ₹9 करोड़ भी दिए गए। मुख्यमंत्री पटेल ने यह भी बताया कि सरकार ने उन बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल ड्रॉपआउट दर, विशेषकर माध्यमिक स्तर पर, चिंता का विषय बनी हुई है।
मुख्यमंत्री का संदेश: शिक्षक और समाज का सहयोग ज़रूरी
पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के लिए एक मज़बूत नींव रखी है और गुजरात के विकास का आधार तैयार किया है। उन्होंने शिक्षकों और समाज के बीच अधिक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बेहतर शैक्षिक परिणामों के लिए समाज को भी 'कंधे से कंधा मिलाकर' शिक्षकों के साथ खड़ा होना होगा। पटेल ने यह भी रेखांकित किया कि बच्चों में बढ़ती जिज्ञासा को देखते हुए शिक्षक समुदाय को भी अपनी तैयारी और बेहतर करनी होगी।
आगे की दिशा
गुजरात सरकार की यह पहल राज्य में शैक्षिक समावेश और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गौरतलब है कि DBT के माध्यम से सीधे वितरण से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आने वाले शैक्षणिक वर्ष में इन योजनाओं के विस्तार और नए लाभार्थियों को जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार की नीति पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।