नमो लक्ष्मी योजना का असर: गुजरात में छात्राओं की उपस्थिति 73% बढ़ी, साइंस क्लास में 125% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में नमो लक्ष्मी योजना के तहत कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाली छात्राओं की संख्या में पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में 73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना के अंतर्गत साइंस स्ट्रीम की कक्षाओं में उपस्थिति 125 प्रतिशत बढ़ी है। 22 जून 2026 को राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई।
मुख्य आंकड़े: उपस्थिति में उछाल
आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 9 से 12 तक कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाली लड़कियों की संख्या 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में 1,71,988 से बढ़कर 2025-26 में 2,96,495 हो गई — यानी 1,24,507 छात्राओं की शुद्ध वृद्धि। इसके अलावा, 100 प्रतिशत उपस्थिति हासिल करने वाली लड़कियों की संख्या में भी पिछले वर्ष की तुलना में 62,059 की बढ़ोतरी हुई है।
गौरतलब है कि विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से छात्रों की उपस्थिति की निगरानी ऑनलाइन की जाती है, जिससे डेटा की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
दाखिले में भी सुधार
उपस्थिति के साथ-साथ दाखिले के आंकड़े भी उत्साहजनक रहे। सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्तर पर छात्राओं का कुल नामांकन 2024-25 में 13,29,762 से बढ़कर 2025-26 में 13,91,308 हो गया, जो लगभग 4.63 प्रतिशत की वृद्धि है। सबसे अधिक वृद्धि कक्षा 12 में दर्ज की गई, जहाँ दाखिले में 13.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई — यह संकेत है कि अधिक लड़कियाँ हायर सेकेंडरी स्तर तक शिक्षा जारी रख रही हैं।
साइंस स्ट्रीम में नई रुचि
नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना के प्रभाव का आकलन करते हुए विद्या समीक्षा केंद्र के आंकड़े बताते हैं कि साइंस कक्षाओं में 80 से 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों की संख्या 2024-25 में 19,324 से बढ़कर 2025-26 में 43,533 हो गई — लगभग 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इसी अवधि में 81 से 99 प्रतिशत उपस्थिति वर्ग में 24,209 छात्रों की वृद्धि दर्ज की गई।
साइंस स्ट्रीम में कुल नामांकन 2024-25 के 2,40,556 से बढ़कर 2025-26 में 2,55,804 हो गया, जो 6.34 प्रतिशत की वृद्धि है। अकेले कक्षा 12 साइंस में नामांकन 11.04 प्रतिशत बढ़ा। अधिकारियों के अनुसार, "यह गुजरात के युवाओं में साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है।"
योजनाओं पर वित्तीय व्यय
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नमो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक लाभार्थियों को कुल ₹1,664.06 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं, नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना के अंतर्गत ₹290 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। दोनों योजनाएँ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू की गई थीं, जिनका उद्देश्य आर्थिक बाधाओं के चलते पढ़ाई छोड़ने वाली छात्राओं को कक्षा 12 तक शिक्षा जारी रखने में सक्षम बनाना है।
व्यापक शिक्षा नीति का हिस्सा
सरकार ने इन पहलों को शिक्षा पर व्यापक जोर देने की नीति का अंग बताया। अधिकारियों ने याद दिलाया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'शाला प्रवेशोत्सव' और 'कन्या केलवणी रथ यात्रा' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए प्राथमिक शिक्षा की पहुँच बढ़ाई थी। वर्तमान में मुख्यमंत्री पटेल के नेतृत्व में नमो लक्ष्मी योजना, नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना, मुख्यमंत्री ज्ञान सेतु मेरिट स्कॉलरशिप योजना और मुख्यमंत्री ज्ञान साधना मेरिट स्कॉलरशिप योजना सहित कई पहलें सक्रिय हैं। इन आंकड़ों की अगली समीक्षा में यह देखना अहम होगा कि उपस्थिति और नामांकन में यह वृद्धि परीक्षा परिणामों और उच्च शिक्षा में प्रवेश दर में भी परिलक्षित होती है या नहीं।