नासा का आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च, अंतिम तैयारियां पूरी

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नासा का आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च, अंतिम तैयारियां पूरी

सारांश

नासा के आर्टेमिस II मिशन का लॉन्च 1 अप्रैल को कैनेडी स्पेस सेंटर से होगा। यह मिशन इंसानों को चंद्रमा के चारों ओर भेजने वाला पहला अभियान है। जानें इस मिशन की खासियतें और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य।

Key Takeaways

  • आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च होगा।
  • यह इंसानों को चंद्रमा के चारों ओर भेजने वाला पहला मिशन है।
  • चार अंतरिक्ष यात्री लगभग 10 दिन की यात्रा पर जाएंगे।
  • ओरियन स्पेसक्राफ्ट के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम का परीक्षण होगा।
  • यह मिशन भविष्य के मंगल ग्रह अभियानों का आधार बनेगा।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने अपने 'आर्टेमिस II' मिशन के लॉन्च की सभी अंतिम तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह मिशन 1 अप्रैल को कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने वाला है।

नासा के अनुसार, यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत पहला ऐसा अभियान है जिसमें इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री लगभग 10 दिन की यात्रा पर चंद्रमा के चारों ओर जाएंगे।

आर्टेमिस II मिशन की विशेषता यह है कि अपोलो कार्यक्रम के बाद यह पहला अवसर है जब इंसान लो-अर्थ ऑर्बिट से बाहर यात्रा करेंगे।

इस मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल हैं। इनके साथ कनाडा की स्पेस एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी इस मिशन में शामिल होंगे।

यह मिशन नासा के स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट से शुरू किया जाएगा, और इसमें ओरियन स्पेसक्राफ्ट के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम का पहले बार इंसानों के साथ परीक्षण किया जाएगा।

नासा ने यह भी बताया है कि लॉन्च के दिन मौसम अनुकूल रहने की संभावना है, और लगभग 80 प्रतिशत तक परिस्थितियां सही रह सकती हैं, हालांकि बादल और तेज हवा कुछ चुनौतियाँ पेश कर सकती हैं।

लॉन्च के बाद, यह स्पेसक्राफ्ट पहले पृथ्वी की उच्च कक्षा में यात्रा करेगा और फिर 'फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी' के माध्यम से चंद्रमा के दूर वाले हिस्से का चक्कर लगाकर पृथ्वी पर लौटेगा, जिसमें अतिरिक्त ईंधन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी स्थापित कर सकते हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड अपोलो 13 मिशन के नाम था।

आर्टेमिस II मिशन में कई महत्वपूर्ण सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, जिसमें इमरजेंसी प्रक्रियाएं, रेडिएशन से सुरक्षा और लेजर आधारित एडवांस कम्युनिकेशन तकनीक शामिल हैं।

नासा के अनुसार, यह मिशन भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें चंद्रमा पर मानव मिशन और आगे चलकर मंगल ग्रह तक जाने की तैयारी शामिल है।

स्पेस एजेंसी इस मिशन का लाइव प्रसारण और लगातार अपडेट अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगी।

आर्टेमिस कार्यक्रम नासा की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति बनाना और भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव मिशन को संभव बनाना है।

Point of View

जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को नई दिशा देगा। आर्टेमिस II न केवल चंद्रमा पर मानव मिशन का पहला कदम है, बल्कि यह मंगल ग्रह की ओर बढ़ने के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य इंसानों को चंद्रमा के चारों ओर भेजना और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक तकनीकों का परीक्षण करना है।
यह मिशन कब लॉन्च होगा?
यह मिशन 1 अप्रैल को कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा।
इस मिशन में कौन-कौन से अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं?
इस मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
क्या इस मिशन के दौरान कोई नई तकनीक का परीक्षण किया जाएगा?
हाँ, इस मिशन में इमरजेंसी प्रक्रियाएं, रेडिएशन से सुरक्षा और लेजर आधारित एडवांस कम्युनिकेशन तकनीक का परीक्षण किया जाएगा।
यह मिशन भविष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मिशन भविष्य के चंद्रमा और मंगल ग्रह अभियानों के लिए आधार तैयार करेगा, जिससे स्थायी मानव उपस्थिति संभव हो सकेगी।
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