नेपाल-विश्व बैंक कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड करार: आपदा में तुरंत मिलेगी ₹1.66 अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल और विश्व बैंक समूह के अंग इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) ने 15 अक्टूबर 2026 को एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत हिमालयी देश के लिए कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड की व्यवहार्यता और संरचना का मूल्यांकन किया जाएगा। यह बॉन्ड नेपाल को किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ार से तत्काल धनराशि जुटाने में सक्षम बनाएगा।
समझौते का स्वरूप और उद्देश्य
विश्व बैंक के अनुसार, यह करार एक कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड की व्यवहार्यता और संभावित संरचना का आकलन करने में सहयोग की शुरुआत है। इसके तहत नेपाल अपने आपदा संबंधी जोखिमों का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ार में स्थानांतरित कर सकता है और प्राकृतिक आपदाओं के लिए अपनी वित्तीय तैयारी को सुदृढ़ कर सकता है।
समझौते के अंतर्गत विश्व बैंक समूह कोषागार, नेपाल सरकार और बाज़ार प्रतिभागियों के साथ मिलकर प्रस्तावित वित्तीय लेन-देन का संयुक्त मूल्यांकन करेगा। यह पहल केवल एक द्विपक्षीय ऋण नहीं, बल्कि निजी वैश्विक निवेशकों को आपदा-जोखिम वित्तपोषण में भागीदार बनाने का प्रयास है।
पृष्ठभूमि: भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ का विनाश
यह पहल ऐसे समय में हुई है जब नेपाल 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी बेसिन में आई विनाशकारी बाढ़ के गहरे ज़ख्मों से उबरने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम पुनर्निर्माण और प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में लगभग 1,500 लोग मारे गए और 5,000 से अधिक लापता हैं।
नेपाल-चीन सीमा के निकट एक भूस्खलन के कारण नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया था, जिससे उत्पन्न बाढ़ ने कई मानव बस्तियाँ, एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएँ, एक सौर ऊर्जा संयंत्र और अनेक सड़कें व पुल बहा दिए। विश्व बैंक की ग्लोबल रैपिड पोस्ट-डिजास्टर डैमेज एस्टिमेशन रिपोर्ट के अनुसार, भौतिक नुकसान का अनुमान 1.66 बिलियन अमेरिकी डॉलर आँका गया है।
कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड क्या होता है
कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड एक विशेष वित्तीय साधन है, जो प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न वित्तीय जोखिम को सरकारों या बीमा कंपनियों से हटाकर निजी निवेशकों पर स्थानांतरित करता है। यह प्रक्रिया वैश्विक वित्तीय बाज़ारों के माध्यम से संपन्न होती है।
बॉन्ड की शर्तों के अनुसार, यदि कोई निर्धारित आपदा घटित होती है, तो निवेशक अपना कुछ या पूरा मूलधन गँवा सकते हैं — और उस राशि का उपयोग प्रभावित देश को राहत एवं पुनर्निर्माण के लिए किया जाता है। विश्व बैंक के अनुसार, 'ऐसे साधन आपदा वित्तपोषण का एक वैकल्पिक स्रोत प्रदान कर सकते हैं, जिससे सरकारें बजट पुनर्आवंटन या आपदा के बाद की बाहरी सहायता पर निर्भर रहने के बजाय अधिक तेज़ी से धनराशि प्राप्त कर सकेंगी।'
नेपाल की आपदा-संवेदनशीलता और व्यापक संदर्भ
विश्व बैंक के अनुसार, नेपाल भूकंप, बाढ़, भूस्खलन और अन्य मौसम-जनित आपदाओं के लिहाज़ से अत्यंत संवेदनशील देश है। इन आपदाओं के कारण बुनियादी ढाँचे को भारी क्षति, आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान और सार्वजनिक वित्त पर असाधारण दबाव पड़ता है।
गौरतलब है कि यह पहल विश्व बैंक समूह के व्यापक कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत अनेक देशों को अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ारों तक पहुँच दिलाकर उनकी आपदा-जोखिम प्रबंधन क्षमता को मज़बूत किया गया है। नेपाल के लिए यह करार इस दिशा में पहला महत्त्वपूर्ण कदम है।
आगे की राह
फिलहाल यह समझौता केवल व्यवहार्यता-अध्ययन के चरण में है — वास्तविक बॉन्ड जारी होने से पहले बाज़ार परिस्थितियों, जोखिम मूल्यांकन और नेपाल सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं की विस्तृत समीक्षा होगी। यदि यह पहल सफल रहती है, तो नेपाल दक्षिण एशिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने आपदा-जोखिम के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ार का सहारा लिया है।