10 अगस्त 2026
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निर्मला सीतारमण का तमिलनाडु-पुडुचेरी दौरा: कांचीपुरम में हेरिटेज बुक लॉन्च, पुनर्निर्मित लाइटहाउस का उद्घाटन

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निर्मला सीतारमण का तमिलनाडु-पुडुचेरी दौरा: कांचीपुरम में हेरिटेज बुक लॉन्च, पुनर्निर्मित लाइटहाउस का उद्घाटन

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह दो दिवसीय दौरा महज़ औपचारिकता नहीं — कांचीपुरम की बुनकर विरासत से लेकर पुडुचेरी के 400 साल पुराने जलाशय तक, यह दक्षिण भारत में सांस्कृतिक कूटनीति और जनसंपर्क का मिश्रण है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26-27 जून 2025 को तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की।
कांचीपुरम के एसएसकेवी कॉलेज में 'डॉटर्स ऑफ कांची – द एसएसकेवी स्टोरी' पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।
पुडुचेरी में CGST कमिश्नरेट कैंपस में पुनर्निर्मित ऐतिहासिक लाइटहाउस का उद्घाटन शाम 5:30 बजे होगा।
शुक्रवार को पुडुचेरी के सरकारी मिडिल स्कूल में 400 वर्ष पुराने 'मुझियांकुलम' के जीर्णोद्धार का उद्घाटन होगा।
सीतारमण का कांचीपुरम से विशेष जुड़ाव — बजट भाषण में कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनकर बुनकर समुदाय को सम्मान दे चुकी हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 जून 2025 को तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत की। इस दौरे में वे कांचीपुरम में एक ऐतिहासिक हेरिटेज पुस्तक का विमोचन करेंगी और पुडुचेरी में पुनर्निर्मित ऐतिहासिक लाइटहाउस का उद्घाटन करेंगी। यह दौरा शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सामुदायिक जुड़ाव पर केंद्र सरकार के जोर को रेखांकित करता है।

कांचीपुरम में 'डॉटर्स ऑफ कांची' पुस्तक विमोचन

दौरे का पहला प्रमुख कार्यक्रम कांचीपुरम के एसएसकेवी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस फॉर विमेन में आयोजित है, जहाँ सीतारमण 'डॉटर्स ऑफ कांची – द एसएसकेवी स्टोरी' नामक पुस्तक का विमोचन करेंगी। यह पुस्तक संस्थान के इतिहास, उसके योगदान और इस क्षेत्र में महिला शिक्षा व सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत करती है।

पुस्तक विमोचन के अतिरिक्त, वित्त मंत्री के कांचीपुरम जिले में छात्रों, शिक्षाविदों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों से संवाद करने की भी योजना है। गौरतलब है कि कांचीपुरम सीतारमण के लिए विशेष महत्व रखता है — उन्होंने राष्ट्रीय मंचों पर इस क्षेत्र की प्रसिद्ध हथकरघा विरासत का बार-बार उल्लेख किया है। हाल ही में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते समय उन्होंने हाथ से बुनी गहरी मैजेंटा-मैरून रंग की कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी, जिस पर सोने की जरी का बारीक काम था — जिसे मंदिर नगरी के पारंपरिक बुनकर समुदाय के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।

पुडुचेरी में ऐतिहासिक लाइटहाउस का उद्घाटन

कांचीपुरम के कार्यक्रमों के बाद सीतारमण पुडुचेरी रवाना होंगी, जहाँ वे शाम 5:30 बजे सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) कमिश्नरेट कैंपस में पुनर्निर्मित ऐतिहासिक लाइटहाउस का उद्घाटन करेंगी। इस मरम्मत परियोजना का उद्देश्य औपनिवेशिक काल की इस महत्वपूर्ण धरोहर को संरक्षित करना और उसकी विरासत की प्रासंगिकता को पुनर्जीवित करना है।

400 वर्ष पुराने 'मुझियांकुलम' का जीर्णोद्धार

शुक्रवार, 27 जून को वित्त मंत्री पुडुचेरी के एक सरकारी मिडिल स्कूल परिसर में 400 साल पुराने 'मुझियांकुलम' के जीर्णोद्धार के बाद उसका उद्घाटन करेंगी। यह परियोजना ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के साथ-साथ सामुदायिक बुनियादी ढाँचे और सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

दौरे का व्यापक संदर्भ

सीतारमण बुधवार शाम नई दिल्ली से चेन्नई पहुँची थीं, जहाँ हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। यह दो दिवसीय दौरा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है — तमिलनाडु और पुडुचेरी में स्थानीय स्तर की परियोजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की सक्रिय उपस्थिति को रेखांकित करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत में केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर राजनीतिक विमर्श तेज है। सीतारमण का यह दौरा विकास और विरासत के मुद्दों पर सीधे जनसंपर्क का अवसर भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पार्टी को पारंपरिक रूप से सीमित जनाधार मिला है। कांचीपुरम की हथकरघा विरासत और पुडुचेरी की औपनिवेशिक धरोहर — दोनों को एक ही दौरे में साधना सांस्कृतिक कूटनीति का सुविचारित प्रयास है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन प्रतीकात्मक कदमों के साथ तमिलनाडु के लिए ठोस वित्तीय आवंटन और राज्य-केंद्र राजकोषीय विवादों पर स्पष्टता की भी उतनी ही ज़रूरत है। असली परख यह होगी कि ये जनसंपर्क कार्यक्रम ज़मीनी नीतिगत बदलावों में कितने तब्दील होते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मला सीतारमण का तमिलनाडु-पुडुचेरी दौरा किस उद्देश्य से है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह दो दिवसीय दौरा शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और सामुदायिक जुड़ाव पर केंद्रित है। इसमें कांचीपुरम में हेरिटेज पुस्तक विमोचन और पुडुचेरी में ऐतिहासिक स्थलों के उद्घाटन शामिल हैं।
'डॉटर्स ऑफ कांची' पुस्तक क्या है?
'डॉटर्स ऑफ कांची – द एसएसकेवी स्टोरी' कांचीपुरम के एसएसकेवी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस फॉर विमेन के इतिहास और योगदान पर आधारित पुस्तक है। यह इस क्षेत्र में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण में संस्थान की भूमिका को रेखांकित करती है।
पुडुचेरी में किस ऐतिहासिक लाइटहाउस का उद्घाटन होगा?
पुडुचेरी के CGST कमिश्नरेट कैंपस में स्थित औपनिवेशिक काल के ऐतिहासिक लाइटहाउस का पुनर्निर्माण के बाद उद्घाटन किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य इस धरोहर स्थल को संरक्षित करना और उसकी ऐतिहासिक अहमियत को पुनर्जीवित करना है।
'मुझियांकुलम' क्या है और इसका जीर्णोद्धार क्यों महत्वपूर्ण है?
'मुझियांकुलम' पुडुचेरी में एक 400 साल पुरानी ऐतिहासिक संरचना है जो एक सरकारी मिडिल स्कूल परिसर में स्थित है। इसका जीर्णोद्धार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सामुदायिक बुनियादी ढाँचे को बेहतर बनाने की व्यापक सरकारी पहल का हिस्सा है।
कांचीपुरम का निर्मला सीतारमण से क्या विशेष संबंध है?
सीतारमण ने राष्ट्रीय मंचों पर कांचीपुरम की हथकरघा विरासत का बार-बार उल्लेख किया है। केंद्रीय बजट प्रस्तुति के दौरान उन्होंने हाथ से बुनी कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनकर स्थानीय बुनकर समुदाय को सम्मान दिया था, जिसे व्यापक रूप से सराहा गया था।
राष्ट्र प्रेस
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