बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे से औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी: निर्मला सीतारमण
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 14 जून को कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ और बुनियादी ढाँचे का विकास और अधिक गति पकड़ेगा। उन्होंने यह बात कर्नाटक के देवनहल्ली में 'प्रगति पथ यात्रा दर्शन' कार्यक्रम के तहत एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का दौरा करने के बाद कही।
परियोजना का स्वरूप और दायरा
सीतारमण ने बताया कि यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसे भारतमाला परियोजना फेज-1 के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य भारत के दो सबसे बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों — बेंगलुरु और चेन्नई — के बीच तीव्र और निर्बाध संपर्क स्थापित करना है। यह परियोजना कर्नाटक में नेशनल हाईवे-4 और नेशनल हाईवे-207 के जंक्शन के निकट होसकोटे से शुरू होती है।
कर्नाटक में एक्सप्रेसवे का हिस्सा लगभग 71 किलोमीटर लंबा है, जिसे तीन पैकेज में विभाजित किया गया है — होसकोटे-मालूर (26.4 किलोमीटर), मालूर-बंगरपेट (27.1 किलोमीटर) और बंगरपेट-बेथामंगला (17.5 किलोमीटर)।
कौन-से औद्योगिक हब होंगे लाभान्वित
सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "यह प्रोजेक्ट होसकोटे, मालुर, बंगारपेट, नरसपुरा इंडस्ट्रियल एरिया और एयरोस्पेस व डिफेंस पार्क जैसे बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह बेंगलुरु रिंग रोड नेटवर्क के ज़रिए डोब्बासपेट में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) तक पहुँच को भी सुगम बनाएगा।
रणनीतिक और आर्थिक महत्त्व
वित्त मंत्री के अनुसार, बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इसे चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (CBIC) के तहत एक प्राथमिकता कॉरिडोर के रूप में भी चिह्नित किया गया है। यह परियोजना कर्नाटक और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के प्रमुख औद्योगिक क्लस्टरों के बीच संपर्क को और मज़बूत करेगी।
गौरतलब है कि यह एक्सप्रेसवे ऐसे समय में आकार ले रहा है, जब दक्षिण भारत तेज़ी से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा विनिर्माण का केंद्र बन रहा है। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के साथ एक्सप्रेसवे स्थल का दौरा करते हुए सीतारमण ने एनडीए सरकार की आधुनिक परिवहन अवसंरचना बनाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
सरकार का दृष्टिकोण
सीतारमण ने कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएँ विश्वस्तरीय परिवहन अवसंरचना निर्मित करने के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका मानना है कि इससे औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को एक साथ बल मिलेगा।
आने वाले समय में इस परियोजना के पूर्ण होने पर दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े महानगरों के बीच यात्रा और माल परिवहन की लागत व समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।