नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के लिए समझौता किया

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नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के लिए समझौता किया

सारांश

नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य और पोषण परिणामों को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस प्रयास का उद्देश्य वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार लाना है।

Key Takeaways

  • नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया के बीच समझौता हुआ।
  • आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य और पोषण में सुधार का उद्देश्य।
  • वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु पोषण को प्राथमिकता।
  • सीएसआर भागीदारों को जुटाने पर जोर।
  • सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया ने मातृ एवं शिशु पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में रणनीतिक हस्तक्षेपों का समर्थन करने हेतु एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी नीति आयोग द्वारा गुरुवार को प्रस्तुत की गई।

इस आशय पत्र पर नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव और आकांक्षी जिले एवं ब्लॉक कार्यक्रम के मिशन निदेशक रोहित कुमार और यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि अर्जन डी वाग्ट ने हस्ताक्षर किए।

नीति आयोग ने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु पोषण परिणामों में सुधार लाने के लिए दोनों संस्थानों की क्षमताओं का लाभ उठाना है। यह सहयोग बहु-हितधारक सहभागिता को प्रोत्साहित करेगा और ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी हस्तक्षेपों के कार्यान्वयन प्रणालियों को मजबूत करने में मदद करेगा।

रोहित कुमार ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम ने विकास परिणामों को आगे बढ़ाने में समन्वय, सहयोग और डेटा-आधारित शासन की महत्ता को उजागर किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिसेफ इंडिया जैसे संगठनों के साथ सहयोग से स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का समाधान करने और उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सेवा वितरण को सुधारने में मदद मिलेगी।

यूनिसेफ इंडिया, इंपैक्ट4न्यूट्रिशन (I4एन) प्लेटफॉर्म के माध्यम से, पोषण-केंद्रित पहलों में सीएसआर निवेश को निर्देशित करने के लिए व्यवसायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और उद्योग संघों के साथ तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। यह सहयोग आंगनवाड़ी ढांचे को मजबूत बनाने, पोषण साक्षरता में सुधार, आईसीडीएस सेवाओं के उपयोग में वृद्धि और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित होगा।

नीति आयोग ने अपने बयान में कहा कि इस सहयोग में प्रमुख गतिविधियों में स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित हस्तक्षेपों के लिए सीएसआर भागीदारों को एकत्र करना, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना और आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में सर्वोत्तम तरीकों की पहचान और प्रसार के लिए ज्ञान साझाकरण प्लेटफार्मों का समर्थन करना शामिल है।

आगे कहा गया कि आशय पत्र पर हस्ताक्षर नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इसके तहत मजबूत साझेदारी, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण और सरकार, निजी क्षेत्र एवं सामुदायिक हितधारकों के बीच समन्वित कार्रवाई के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार को आगे बढ़ाया जाएगा।

Point of View

जो वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार की दिशा में अग्रसर है। यह साझेदारी न केवल संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगी।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

नीति आयोग और यूनिसेफ इंडिया का यह समझौता क्या है?
यह समझौता आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य और पोषण परिणामों में सुधार के लिए एक आशय पत्र है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु पोषण परिणामों में सुधार लाना है।
इस समझौते में कौन-कौन शामिल हैं?
इसमें नीति आयोग के रोहित कुमार और यूनिसेफ इंडिया के अर्जन डी वाग्ट शामिल हैं।
इस समझौते से क्या लाभ होगा?
यह समझौता स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े गंभीर मुद्दों के समाधान में मदद करेगा।
क्या यह समझौता सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देगा?
हाँ, यह सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का भी प्रयास करेगा।
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