पचपदरा रिफाइनरी जून अंत तक पेट्रोल-डीजल उत्पादन को तैयार, PM मोदी 4 जुलाई को कर सकते हैं उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी में जून 2026 के अंत तक पेट्रोल और डीजल का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 4 जुलाई को इस परियोजना का उद्घाटन किए जाने की संभावना है, हालांकि औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
उद्घाटन में कई बार हुई देरी
यह रिफाइनरी इस वर्ष कई बार विलंब की शिकार हो चुकी है। उद्घाटन समारोह पहले 28 जनवरी को निर्धारित था, जिसे बाद में 21 अप्रैल के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। लेकिन 20 अप्रैल को रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट-वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट खंड में एक एक्सचेंजर यूनिट में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई, जिसके कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। गौरतलब है कि यह घटना उद्घाटन से महज एक दिन पहले घटी थी।
मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक
राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सरकारी सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों में तेजी लाने और पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया।
श्रीनिवास ने बताया कि पेट्रोल और डीजल उत्पादन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और लक्ष्य जून 2026 के भीतर ही उत्पादन प्रारंभ करने का है। बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे बुनियादी ढाँचे के विकास और चल रहे कार्यों की स्थिति का भी आकलन किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अभय कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोरा और विशेष सचिव नम्रता वृष्णि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने राजस्थान के औद्योगिक विकास में इस रिफाइनरी के महत्व को रेखांकित करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित कार्य पूरे करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
स्वागत की तैयारियाँ जोरों पर
आधिकारिक घोषणा अभी बाकी होने के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। यह परियोजना राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है और दीर्घकाल से राज्य की प्रमुख आर्थिक प्राथमिकताओं में शुमार रही है। अब जबकि उत्पादन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं, सभी की निगाहें 4 जुलाई की संभावित उद्घाटन तिथि पर टिकी हैं।