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PIB फैक्ट चेक: 'डाक सेवा गिफ्ट्स' का वायरल मैसेज फर्जी, इंडिया पोस्ट का कोई संबंध नहीं

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PIB फैक्ट चेक: 'डाक सेवा गिफ्ट्स' का वायरल मैसेज फर्जी, इंडिया पोस्ट का कोई संबंध नहीं

सारांश

PIB फैक्ट चेक ने 'डाक सेवा गिफ्ट्स' के नाम पर वायरल हो रहे संदेश को फर्जी करार दिया है। इंडिया पोस्ट का ऐसी किसी स्कीम से कोई संबंध नहीं। नागरिकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और निजी जानकारी साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

मुख्य बातें

PIB फैक्ट चेक ने 30 मई 2026 को 'डाक सेवा गिफ्ट्स' के नाम पर वायरल संदेश को पूरी तरह फर्जी घोषित किया।
इंडिया पोस्ट का किसी भी गिफ्ट ऑफर, रिवॉर्ड स्कीम या लकी ड्रॉ से कोई संबंध नहीं है।
नागरिकों को बैंक विवरण , ओटीपी और आधार नंबर किसी से साझा न करने की सलाह दी गई।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर 'क्वांटम एआई' प्लेटफॉर्म के ज़रिए ₹22,000 निवेश पर ₹3 लाख मासिक का फर्जी दावा भी सामने आया था।
संदिग्ध सरकारी संदेशों की जाँच के लिए PIB फैक्ट चेक को सामग्री भेजी जा सकती है।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने 30 मई 2026 को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर 'डाक सेवा गिफ्ट्स' के नाम से वायरल हो रहा संदेश पूरी तरह फर्जी है और इंडिया पोस्ट का ऐसी किसी भी रिवॉर्ड स्कीम, गिफ्ट ऑफर या लकी ड्रॉ से कोई संबंध नहीं है। यह संदेश लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और निजी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित करता है।

क्या है वायरल दावा

सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहे इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि इंडिया पोस्ट अपने उपयोगकर्ताओं को विशेष उपहार और इनाम दे रही है। संदेश के साथ एक लिंक भी जोड़ा गया है, जिस पर क्लिक करने पर लोगों से उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी माँगी जाती है। PIB फैक्ट चेक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस दावे को सिरे से खारिज किया।

PIB की चेतावनी और सलाह

फैक्ट चेक इकाई ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें। इसके साथ ही बैंक खाते का विवरण, ओटीपी और आधार नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या प्लेटफॉर्म के साथ साझा न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

PIB ने यह भी बताया कि यदि कोई नागरिक केंद्र सरकार से जुड़ा कोई संदिग्ध संदेश, लिंक, फोटो या वीडियो प्राप्त करता है, तो वह उसे सत्यापन के लिए सीधे PIB फैक्ट चेक को भेज सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकारी संस्थाओं के नाम पर फर्जी योजनाएँ चलाई गई हों। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर एक कथित ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म 'क्वांटम एआई' का झूठा प्रचार किया जा रहा था, जिसमें मात्र ₹22,000 के निवेश पर हर महीने ₹3 लाख कमाने का दावा किया गया था।

PIB फैक्ट चेक ने उस मामले में भी स्पष्ट किया था कि इस योजना का भारत सरकार या वित्त मंत्री से कोई संबंध नहीं है और यह दावा पूरी तरह निराधार है।

आम जनता पर असर

इस तरह की फर्जी योजनाएँ विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाती हैं जो सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हैं और आसान लाभ की उम्मीद रखते हैं। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे फिशिंग संदेशों का मकसद लोगों की वित्तीय और व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उनके साथ धोखाधड़ी करना होता है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग तेज़ी से बढ़ा है, जिससे साइबर ठगी के मामले भी बढ़े हैं।

क्या करें नागरिक

PIB फैक्ट चेक की अपील है कि नागरिक किसी भी ऐसे ऑफर से सावधान रहें जो कम समय में भारी मुनाफे या मुफ्त उपहार का लालच दे। किसी भी संदिग्ध सामग्री की जाँच के लिए PIB फैक्ट चेक की आधिकारिक सेवा का उपयोग किया जा सकता है। डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तब तक पर्याप्त नहीं जब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे वायरल संदेशों को स्रोत पर ही रोकने की जिम्मेदारी नहीं लेते। सवाल यह है कि फैक्ट चेक के बाद भी ये संदेश घंटों तक प्लेटफॉर्म पर बने क्यों रहते हैं — यह नीतिगत विफलता है, केवल जागरूकता की कमी नहीं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'डाक सेवा गिफ्ट्स' का वायरल मैसेज क्या है?
यह एक फर्जी संदेश है जो सोशल मीडिया पर इंडिया पोस्ट के नाम पर उपहार और इनाम देने का झूठा दावा करता है। PIB फैक्ट चेक ने इसे पूरी तरह असत्य करार दिया है और इंडिया पोस्ट का ऐसी किसी स्कीम से कोई संबंध नहीं है।
PIB फैक्ट चेक ने इस मामले में क्या कहा?
PIB फैक्ट चेक ने 30 मई 2026 को स्पष्ट किया कि इंडिया पोस्ट किसी भी 'डाक सेवा गिफ्ट्स' ऑफर, रिवॉर्ड स्कीम या लकी ड्रॉ का संचालन नहीं कर रही। नागरिकों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।
इस तरह की ठगी से बचने के लिए क्या करें?
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक विवरण, ओटीपी या आधार नंबर किसी से साझा न करें। संदिग्ध सरकारी संदेश की जाँच के लिए PIB फैक्ट चेक को वह सामग्री भेजी जा सकती है।
'क्वांटम एआई' निवेश घोटाला क्या था?
यह एक फर्जी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म था जो केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम का दुरुपयोग कर ₹22,000 के निवेश पर हर महीने ₹3 लाख कमाने का झूठा दावा कर रहा था। PIB फैक्ट चेक ने इसे भी पूरी तरह असत्य बताया था।
अगर कोई संदिग्ध सरकारी संदेश मिले तो क्या करें?
ऐसा कोई भी संदिग्ध संदेश, लिंक, फोटो या वीडियो PIB फैक्ट चेक को भेजा जा सकता है, जो उसकी सत्यता की जाँच करती है। यह सेवा नागरिकों को सरकार के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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