पीआईबी फैक्ट चेक: आरबीआई के कागजी नोट बंद होने का दावा फर्जी, प्लास्टिक करेंसी की कोई योजना नहीं
सारांश
मुख्य बातें
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने 9 जून 2026 को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा पूरी तरह निराधार है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) 30 जून 2026 से कागज के नोट वापस लेकर उनकी जगह प्लास्टिक करेंसी नोट जारी करने जा रहा है। पीआईबी ने नागरिकों को ऐसी भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने और किसी भी जानकारी की पुष्टि आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट से करने की अपील की है।
वायरल दावा क्या था
सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट में यह दावा किया जा रहा था कि आरबीआई 30 जून 2026 की समय-सीमा निर्धारित करते हुए मौजूदा कागजी नोटों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर प्लास्टिक करेंसी नोट लाने की तैयारी में है। यह संदेश व्यापक रूप से शेयर किया गया और आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
पीआईबी ने जाँच के बाद पुष्टि की कि आरबीआई की ओर से ऐसी कोई योजना न तो बनाई गई है और न ही इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा की गई है। न कागज के नोट वापस लिए जा रहे हैं, और न ही प्लास्टिक नोट जारी करने की कोई प्रक्रिया शुरू हुई है।
निर्मला सीतारमण के नाम पर निवेश घोटाले की चेतावनी
पीआईबी फैक्ट चेक ने एक अन्य गंभीर साइबर धोखाधड़ी के बारे में भी अलर्ट जारी किया। फेसबुक पर चल रहे एक विज्ञापन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक वीडियो दिखाया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि मात्र ₹22,000 के निवेश पर प्रतिदिन ₹60,000 तक और हर महीने ₹16 लाख तक की कमाई की जा सकती है।
पीआईबी ने जाँच में पाया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता से तैयार किया गया पूरी तरह फर्जी वीडियो है। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारत सरकार ने किसी भी ऐसे निवेश मंच या योजना का समर्थन, प्रचार या अनुमोदन नहीं किया है।
साइबर ठगी के तरीके और नागरिकों को सलाह
पीआईबी ने आगाह किया कि साइबर अपराधी प्रायः तीन हथकंडे अपनाते हैं — फर्जी एआई वीडियो, बड़े मुनाफे के झूठे वादे, और सरकारी हस्तियों के नाम व छवि का दुरुपयोग। इन तरीकों से वे आम नागरिकों को ठगने की कोशिश करते हैं।
पीआईबी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले आधिकारिक सरकारी स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। सोच-समझकर क्लिक करें और भ्रामक विज्ञापनों के झाँसे में न आएँ।
संदिग्ध सामग्री की शिकायत कैसे करें
पीआईबी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें भारत सरकार से जुड़ी कोई संदिग्ध या भ्रामक सामग्री दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत पीआईबी फैक्ट चेक को दें। इसके लिए व्हाट्सऐप नंबर +91 8799711259 जारी किया गया है। यह कदम गलत सूचनाओं की रोकथाम में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।