जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर डीपफेक वीडियो: PIB ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार का किया पर्दाफाश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर एक डिजिटली संपादित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया है कि उन्होंने भारत और तालिबान के बीच संबंधों पर कोई बयान दिया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने 1 जून 2026 को इस दावे को पूरी तरह निराधार और भ्रामक घोषित करते हुए स्पष्ट किया कि जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई वक्तव्य नहीं दिया है।
वीडियो में क्या है और जाँच में क्या निकला
जाँच में सामने आया कि वायरल वीडियो को तकनीकी माध्यमों से छेड़छाड़ कर तैयार किया गया है — कथित बयान को कृत्रिम रूप से वीडियो में जोड़ा गया है। PIB फैक्ट चेक के अनुसार, यह सामग्री वास्तविक नहीं है और इसे भारतीय सेना की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने के इरादे से प्रसारित किया जा रहा है। जाँचकर्ताओं ने पाया कि यह वीडियो पाकिस्तान समर्थित प्रोपेगेंडा हैंडल्स द्वारा फैलाया जा रहा है।
पाकिस्तानी दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा
PIB फैक्ट चेक इकाई के अनुसार, यह वीडियो एक व्यापक भारत-विरोधी दुष्प्रचार अभियान की कड़ी है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और सरकारी संस्थानों के प्रति जनता में भ्रम और अविश्वास पैदा करना है। यह ऐसे समय में आया है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के प्रसार ने फर्जी वीडियो बनाना पहले से कहीं अधिक आसान बना दिया है, जिससे गलत सूचनाएँ तेज़ी से फैल रही हैं।
राजनाथ सिंह वाला पिछला मामला भी उजागर
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले, पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगेंडा हैंडल्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर भी एक फर्जी बयान वायरल किया था, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि उन्होंने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन देने की बात कही है। सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने उस दावे को भी पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया था। ये दोनों घटनाएँ मिलकर एक सुनियोजित पैटर्न की ओर इशारा करती हैं।
PIB की नागरिकों से अपील
PIB ने नागरिकों से आग्रह किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो, फोटो या दावे को बिना सत्यापन के साझा न करें — विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना और सरकार से जुड़े विषयों पर केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। संदिग्ध या भ्रामक सामग्री की सूचना PIB फैक्ट चेक को व्हाट्सएप नंबर 8799711259 या उनकी आधिकारिक ईमेल आईडी पर दी जा सकती है।
डीपफेक-आधारित दुष्प्रचार के बढ़ते खतरे के बीच, डिजिटल साक्षरता और सूचना सत्यापन की ज़िम्मेदारी अब हर नागरिक पर है।